Pakistan के कराची स्थित ऐतिहासिक बिल्डिंग में तोड़ी गई भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियां, हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश
पाकिस्तान की वित्तीय राजधानी कराची से अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के ऐतिहासिक 'सगन मेसन' भवन में स्थापित भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित कर दिया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरा रोष और भय का माहौल है। पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने कहा कि कराची में ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में मूर्तियों को खंडित करना बेहद निंदनीय है।
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उन्होंने कहा, “हम इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।” कच्छी नेबताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “यह केवल एक ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर हमला है।”
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उन्होंने आगे कहा कि सरकार को इस घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इस कृत्य से हिंदू समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा, “दोषियों को बिना विलंब किए गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
इस ऐतिहासिक इमारत का तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।” स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित इस इमारत में हिंदू समुदाय की बहुमूल्य मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं।
ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर वाले प्रस्ताव को किया खारिज: रिपोर्ट
तेहरान, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फार्स ने एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया कि यह प्रस्ताव गुरुवार को एक मित्र देश के जरिए ईरान को दिया गया।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने सूत्र के हवाले से बताया कि खासकर कुवैत के बुबियान आइलैंड पर अमेरिकी मिलिट्री फोर्स डिपो को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमले के बाद, वाशिंगटन ने सीजफायर सुनिश्चित करने के लिए अपनी डिप्लोमैटिक कोशिशें तेज कर दी हैं।
फार्स के मुताबिक, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्रस्ताव इलाके में संकट के बढ़ने और ईरान की सैन्य क्षमता को कम आंकने की वजह से अमेरिकी फोर्स के लिए गंभीर दिक्कतें पैदा होने के बाद पेश किया गया।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ईरान ने इस ऑफर पर लिखकर जवाब नहीं दिया, बल्कि लड़ाई के मैदान में हमले जारी रखकर जवाब दिया।
इस बीच, ईरानी सेना ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के दक्षिणी समुद्री इलाके के ऊपर होर्मुज स्ट्रेट के पास एक यूएसए-10 वॉर्थोग अटैक प्लेन को मार गिराया, जिससे एयरक्राफ्ट फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया।
इससे पहले आईआरजीसी ने दावा किया कि सेंट्रल ईरानी एयरस्पेस में एक यूएसएफ-35 फाइटर जेट को मार गिराया था। बाद में शुक्रवार को, ईरान की सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि एक यूएस ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी एयरस्पेस में एक प्रोजेक्टाइल से टकरा गया था, जब वह गिरे हुए यूएस फाइटर जेट के पायलट को ढूंढ रहा था।
कोगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के गवर्नर यादोल्लाह रहमानी ने कबायली और ग्रामीण इलाकों के लोगों से दुश्मन पायलटों का पता लगाने में अधिकारियों की मदद करने को कहा।
बता दें, इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के कई दूसरे शहरों पर मिलकर हमले किए। इसमें ईरान के उस समय के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, सीनियर मिलिट्री कमांडर और आम लोग मारे गए। ईरान ने जवाब में मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
--आईएएनएस
केके/एएस
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