BRICS Trade Ministers की बैठक Jaipur में संपन्न, 2030 रणनीति को दिया अंतिम रूप
जयपुर, सात अगस्त ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक शुक्रवार को जयपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में संयुक्त घोषणापत्र और उसके चार अनुबंधों को पारित किया गया और नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की।
इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात आदि सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक का एक प्रमुख परिणाम ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप देना रहा। इस रणनीति में कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, डिजिटल अर्थव्यवस्था, उद्योग, नवाचार और प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश, वित्तीय सहयोग और सतत विकास शामिल हैं।
इस रणनीति पर 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान काम आगे बढ़ाया गया और 2026 में भारत की अध्यक्षता में इसे अंतिम रूप दिया गया। बैठक में शामिल मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि वे इस रणनीति और संयुक्त घोषणापत्र की प्राथमिकताओं को सितंबर 2026 में नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं के सामने मंजूरी के लिए पेश करेंगे। बयान के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने अपने मुख्य भाषण में इस बात पर बल दिया कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक पक्षवाद और बिखराव का जवाब सुदृढ़शीलता, सहयोग और सुधार है। गोयल ने भारत के उस बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के दृष्टिकोण को पुनर्जीवित किया जो सुधार-उन्मुख, विकास-केंद्रित, सदस्यों द्वारा संचालित और सर्वसम्मति पर आधारित होना चाहिए। इस तंत्र का केंद्र विश्व व्यापार संगठन होना चाहिए, जहां विशेष और विभेदक व्यवहार का प्रावधान कायम रहे और विवाद समाधान के लिए एक पूरी तरह से काम करने वाली दो-स्तरीय और बाध्यकारी व्यवस्था फिर से स्थापित की जाए।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता सर्वोपरि के दृष्टिकोण से प्रेरित ब्रिक्स सहयोग में लोगों को केंद्र में रखा जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्रिक्स व्यापार का असली मकसद मानवीय है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की तरक्की, महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के युवाओं के जोश में दिखाई देता है।
Yogi Adityanath मेरठ में Kanwar Yatra का करेंगे हवाई सर्वेक्षण, कांवड़ियों पर बरसाएंगे फूल
मेरठ/लखनऊ, सात अगस्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मेरठ में कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री का यह दौरा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के प्रति श्रृद्धा, सम्मान और प्रदेश सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री इस दौरे में कांवड़ यात्रा का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आदित्यनाथ हिंडन हवाईअड्डे से हेलिकॉप्टर द्वारा मेरठ पहुंचेंगे। इस दौरान वह हिंडन से मेरठ तक पूरे कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण कर सुरक्षा, यातायात और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मोदीपुरम क्षेत्र स्थित दुल्हैड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए शोभित विश्वविद्यालय परिसर में हेलिपैड तैयार किया गया है। कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
शुक्रवार को एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल और एसएसपी अविनाश पांडेय ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और प्रतिदिन लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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