Yogi Adityanath मेरठ में Kanwar Yatra का करेंगे हवाई सर्वेक्षण, कांवड़ियों पर बरसाएंगे फूल
मेरठ/लखनऊ, सात अगस्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मेरठ में कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री का यह दौरा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के प्रति श्रृद्धा, सम्मान और प्रदेश सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री इस दौरे में कांवड़ यात्रा का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आदित्यनाथ हिंडन हवाईअड्डे से हेलिकॉप्टर द्वारा मेरठ पहुंचेंगे। इस दौरान वह हिंडन से मेरठ तक पूरे कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण कर सुरक्षा, यातायात और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मोदीपुरम क्षेत्र स्थित दुल्हैड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए शोभित विश्वविद्यालय परिसर में हेलिपैड तैयार किया गया है। कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
शुक्रवार को एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल और एसएसपी अविनाश पांडेय ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और प्रतिदिन लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
Omar Abdullah ने Jammu Kashmir में 140 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं की नींव रखी
जम्मू, सात अगस्त जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उधमपुर और रियासी के लिए 140 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने उन्नत रेजिडेंसी रोड–हाई स्ट्रीट का उद्घाटन भी किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 के तहत उधमपुर शहर के लिए 124.19 करोड़ रुपये की लागत वाली जलापूर्ति योजना के विस्तार कार्य का शिलान्यास किया।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत रियासी में 16.33 करोड़ रुपये की लागत वाली अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजना की भी डिजिटल माध्यम से शुरुआत की, जिसमें तीन एमएलडी क्षमता का मल-जल शोधन संयंत्र शामिल है। अब्दुल्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, सुरक्षित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी तथा स्वच्छता सुविधाओं में सुधार करेंगी। उन्होंने लोगों से पानी बचाने, ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन अपनाने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए चेक डैम (छोटे बांध) बनाने का आग्रह किया।
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