गर्मियों में मिलने वाले ये फल स्किन को देंगे प्राकृतिक ग्लो, सेवन से गुलाब की तरह खिल उठेगा चेहरा
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों के आगमन के साथ तापमान अधिक होने से चेहरे की रंगत उड़ जाती है। चेहरे का ग्लो, तापमान की वजह से टेनिंग में बदल जाता है।
टेनिंग से बचने और ग्लो पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने गर्मियों में हमें ऐसे फल दिए हैं, जो हमारी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में मदद करते हैं? आज हम आपको गर्मियों में मिलने वाले ऐसे फलों के बारे में बताएंगे, जो आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देंगे।
पहले नंबर पर है नारियल पानी। नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और त्वचा को ग्लोइंग एवं मुलायम रखने में मदद करता है। अगर गर्मियों में रोजाना एक नारियल पी लिया जाए तो पेट से लेकर त्वचा दोनों ही स्वस्थ महसूस करते हैं। दूसरे नंबर पर है तरबूज। तरबूज में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर और पानी होता है। विटामिन सी टेनिंग हटाने में मददगार होता है। अगर गर्मियों में टेनिंग से परेशान रहते हैं तो अपने आहार में तरबूज को जरूर शामिल करें। चेहरे को ग्लोइंग बनाने से लेकर तरबूज शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में मदद करता है।
तीसरे नंबर पर है खीरा। खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पेट और त्वचा दोनों के लिए सेहत का खजाना है। खीरा पूरे शरीर को हाइड्रेट रखता है और चेहरे के रुखेपन को भी कम करने में मदद करता है। कई स्किन ट्रीटमेंट में खीरे का इस्तेमाल किया जाता है। चौथे नंबर पर है आम। आम की तासीर भले ही गर्म होती है लेकिन यह स्किन के लिए फायदेमंद होता है। आम में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चेहरे का खोया निखार वापस लाने में मददगार होते हैं। अगर सही मात्रा में आम का सेवन किया जाए तो यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।
पांचवें नंबर पर है संतरा। संतरे में भरपूर विटामिन सी होता है। इसका छिलके से लेकर गूदा तक त्वचा के लिए लाभकारी है। संतरा न सिर्फ चेहरे को गहराई से पोषण देता है, बल्कि गहरे दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। संतरे के छिलके का इस्तेमाल भी फेसपैक में किया जाता है।
--आईएएनएस
पीएस/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
लेबनान में हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना इजरायल का मुख्य लक्ष्य : रक्षा मंत्री काट्ज
जेरूसलम, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को दोहराया कि लेबनान में देश का प्रमुख लक्ष्य हिज्बुल्लाह को सैन्य और राजनीतिक तरीकों से निरस्त्र करना है।
‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद काट्ज ने कहा, “लेबनान में इजरायल की नीति स्पष्ट रही है और आगे भी रहेगी। सबसे बड़ा मकसद मिलिट्री और पॉलिटिकल तरीकों से हिज्बुल्लाह को हटाना है, चाहे ईरान का मुद्दा कुछ भी हो।
काट्ज ने कहा कि इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) दक्षिणी लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई उस सीमा तक पूरी कर रही है, जहां से हिज्बुल्लाह इजरायल पर एंटी-टैंक मिसाइल हमले कर सकता है।
उन्होंने कहा, “सीमा के पास लेबनान के गांवों में स्थित घर, जो हर तरह से हिज्बुल्लाह के ठिकानों की तरह काम करते हैं, उन्हें गाजा के रफाह और खान यूनिस मॉडल के अनुसार ध्वस्त किया जाएगा, ताकि इजरायली समुदायों के लिए खतरा खत्म किया जा सके।”
द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, काट्ज ने घोषणा की कि आईडीएफ दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी तक “सुरक्षा नियंत्रण” बनाए रखेगी और लगभग 6 लाख निवासियों को तब तक वापस नहीं आने दिया जाएगा, जब तक उत्तरी इजरायल के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा, “आईडीएफ लेबनान भर में हिज्बुल्लाह के नेताओं और लड़ाकों को निशाना बनाना जारी रखेगी, इसके अलावा वर्तमान अभियान की शुरुआत से अब तक 1,000 लड़ाकों को खत्म किया जा चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह की रॉकेट फायरिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा और उत्तरी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
इससे पहले दिन में आईडीएफ ने कहा कि पिछले एक महीने में लेबनान में एक हजार लड़ाकों, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं, मारे गए हैं और 3,500 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है। इसमें हथियारों और सैन्य बलों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पुलों को भी निशाना बनाया गया।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, “पिछले एक महीने में लेबनान में एक हजार लड़ाके ढेर किए गए, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं। 3,500 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए। हथियारों और दुश्मन बलों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पांच प्रमुख पुलों को निशाना बनाया गया। प्रमुख संसाधनों और वित्तीय भंडारण स्थलों पर भी हमला किया गया।”
एक अप्रैल को आईडीएफ ने दावा किया कि हिज्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर हज्ज यूसुफ इस्माइल हाशेम को बेरूत में इजरायली नौसेना की ओर से किए गए हमले में मार गिराया गया।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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