Iran Israel US War Updates: ईरान ने इजरायल पर बरपाया कहर, देख दुनिया में मचा हाहाकार!
ईरान ने ऑपरेशन टू प्रॉमिस फोर के तहत तबाही मचा दी है. आईआरजीसी ने यूएसएस लिंकन पर चार गद्र मिसाइलें दागी हैं. यूएई में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया. हमले में इंजीनियर और पायलट के घायल होने की खबर साझा की गई है. आईआरजीसी इसको अपनी एक बड़ी सफलता के तौर पर पेश कर रहा है. आईआरजीसी ने इजराइल पर हमले तेज कर दिए हैं. इजराइल के कई शहरों को आईआरजीसी ने निशाना बनाते हुए हमले किए हैं. आसमान से उड़ान भरती मिसाइल जिस भी इलाके में गिर रही है. ईरान ने इजराइल पर हमले तेज कर दिए हैं. तेल अवीव में आसमान से गूंजे हैं सायरन.
जब भी कोई रडार इस तरीके का संकेत देती है कि हमला होने वाला है तो सायरन बजाए जाते हैं. मिसाइल क्लस्टर वॉर हेड के साथ दागी गई. ईरानी मिसाइल हमले में तेल अवीव में भारी नुकसान की खबर है. जिस इलाके में हमला हुआ वहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया. बड़ी-बड़ी इमारतों को खंडर में तब्दील कर दिया गया है इन हमलों के जरिए इजराइल में तेल अवीव में ये तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं. रिहााइशी इलाकों तक इसका असर देखने को मिल रहा है. अब सिर्फ सैन्य ढांचे पर हमला नहीं हो रहा है बल्कि रिहाइशी इलाकों तक ये हमले पहुंच गए हैं.
ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने का दम भर रहे
लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. यह तस्वीरें आप देख रहे हैं तेल अवीव के उस इलाके की जिसमें ईरान की ओर से मिसाइल दागी गई. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विराशकारी हमला करने की धमकी दे रहे हैं. ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने का दम भर रहे हैं. लेकिन ट्रंप की इन धमकियों के आगे तेहरान ना कभी झुका है ना ही झुकने को तैयार है. इसकी वजह है ईरान की जंगी तैयारी और ईरान के बारूदी जखीरे में शामिल वो घातक हथियार जिनके दम पर ईरान 34 दिन से युद्ध में अमेरिका और इसराइल के खिलाफ हुंकार भर रहा है.
सैन्य ठिकानों को मिट्टी में मिला रहा
मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को मिट्टी में मिला रहा है. इसराइल को सबसे गहरा घाव दे रहा है. ईरान जिन हथियारों से ताबड़तोड़ तबाही मचा रहा है. वो है ईरान की विनाशकारी मिसाइलें. जिनके आगे अमेरिका और इजराइल बेबस दिख रहे हैं. ईरान के जंगी ड्रोन,जिनका मुकाबला करने में ट्रंप और नेतनयाहू के माथे पर पसीना आ रहा है. अब ईरान ने समंदर के मोर्चे से अमेरिका के खिलाफ यलगार करने का प्लान रेडी कर लिया है.
युद्ध की तैयारी ईरान बरसों से कर रहा
अमेरिका के खिलाफ युद्ध की तैयारी ईरान बरसों से कर रहा था. यह बात उसके हथियारों की ताकत और उसके जंगी प्लान से साबित हो चुकी है. इसी तैयारी का एक सबूत है ईरान की मिसाइल सिटी जो अमेरिका के खिलाफ गेम चेंजर साबित हो रही है. लेकिन ईरान ने मिसाइल सिटी के बाद अब बोट सिटी की तस्वीर दुनिया को दिखाई है. जिसके बाद अमेरिका और इजराइल की नींद उड़ गई है.
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बाजार की पाठशाला: पीपीएफ में 5 अप्रैल से पहले निवेश से मिल सकता है लाखों का अतिरिक्त फायदा - समझें मुनाफे का गणित
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ आज भी लंबी अवधि में सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न देने वाले सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्पों में से एक है। 15 साल की लॉक-इन अवधि (जिसे आगे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है) के साथ यह योजना निवेशकों को स्थिर और जोखिम-मुक्त रिटर्न देती है। फिलहाल सरकार इस योजना पर अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रही है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निवेशक अपने रिटर्न को अधिकतम करना चाहते हैं, तो उन्हें 5 अप्रैल से पहले पीपीएफ में निवेश करना चाहिए। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में उठाया गया यह छोटा-सा कदम लंबे समय में लाखों रुपए का अतिरिक्त फायदा दे सकता है।
दरअसल, पीपीएफ में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख और महीने के अंत के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पैसा जमा करते हैं, तो उस राशि पर पूरे साल का ब्याज मिलता है। लेकिन यदि आप 5 अप्रैल के बाद निवेश करते हैं, तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलता और हर साल एक महीने का ब्याज कम हो जाता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई निवेशक 5 अप्रैल से पहले अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश करता है, तो उसे पूरे 12 महीनों का ब्याज मिलता है, जो लगभग 10,650 रुपए होता है। वहीं, अगर यही रकम 6 अप्रैल को जमा की जाए, तो ब्याज घटकर करीब 9,763 रुपए रह जाता है। यानी एक साल में करीब 887 रुपए का अंतर आ जाता है, जो समय के साथ कंपाउंडिंग के कारण काफी बड़ा हो जाता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबी अवधि में इस अंतर का असर और भी ज्यादा दिखाई देता है। अगर कोई निवेशक हर साल 1.5 लाख रुपए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जमा करता है, तो 15 साल में उसका कुल निवेश 22.5 लाख रुपए से बढ़कर करीब 40.68 लाख रुपए हो सकता है, जिसमें लगभग 18.18 लाख रुपए ब्याज के रूप में मिलते हैं।
वहीं, अगर यही निवेश हर साल देर से किया जाए, तो मैच्योरिटी वैल्यू घटकर लगभग 37.80 लाख रुपए रह सकती है और ब्याज करीब 15.31 लाख रुपए ही मिलेगा। यानी सिर्फ समय पर निवेश न करने की वजह से लगभग 2.9 लाख रुपए तक का नुकसान हो सकता है।
ऐसे में, पीपीएफ में निवेश करते समय सिर्फ रकम ही नहीं, बल्कि सही समय भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में निवेश करने से कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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