Gurugram Rain से जलमग्न हुए प्रमुख रास्ते, स्कूलों में छुट्टी और वर्क फ्रॉम होम लागू
गुरुग्राम, सात अगस्त गुरुग्राम के कई इलाकों में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया। इसके चलते ज्यादातर लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा, कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा, जबकि स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं शुरू कर दीं। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल रहा।
डीएलएफ सेक्टर-42 में ग्लोबल फोयर मॉल के सामने गोल्फ कोर्स रोड पूरी तरह पानी में डूब गई। कई जगहों पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। साइबर हब के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेस-वे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया।
इस मानसून में शीतला माता रोड गुरुग्राम के सबसे अधिक जलभराव वाले इलाकों में शामिल है, और एक बार फिर पानी में डूब गई। राजेंद्र पार्क, दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों में भी खराब बुनियादी ढांचे की स्थिति उजागर हुई। वहीं, दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर एक वीआईपी दौरे के कारण स्थिति कुछ अलग नजर आई।
नरसिंहपुर क्षेत्र, जो जलभराव और भारी यातायात जाम के लिए जाना जाता है, वहां स्थिति सामान्य रही। राजमार्ग पर वाहन सामान्य गति से चलते नजर आए और कहीं भी यातायात जाम की स्थिति नहीं बनी। प्रशासन ने मानेसर में मुख्यमंत्री के ‘वन महोत्सव’ कार्यक्रम के लिए सड़क को सीमित यातायात के लिए तैयार किया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम तहसील में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक 60 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। वहीं, सोहना में 82 मिमी, बादशाहपुर में 74 मिमी, वजीराबाद में 68.5 मिमी और कादीपुर तथा हरसरू में 60-60 मिमी बारिश हुई। राजीव चौक, इफको चौक, सोहना रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे समेत कई प्रमुख चौराहों और सर्विस लेन पर जलभराव हो गया।
Badrinath दान चोरी मामला: Chamoli SIT ने की तीसरी गिरफ्तारी, सुरक्षाकर्मी पकड़ा गया
गोपेश्वर, सात अगस्त उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर में दान एवं चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरण में पुलिस ने शुक्रवार को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) स्थित एक निजी जल विद्युत परियोजना के सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के आवास से मंदिर में चढ़ायी गई बहुमूल्य धातुओं की वस्तुएं और अन्य सामग्री भी बरामद की गई हैं।
पिछले माह सामने आए इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। चमोली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के गणना स्थल की 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति बार-बार थाली भेंट में आयी दान सामग्री में से सामान निकालकर अपनी जेब में रखते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले मनोज कुमार के रूप में हुई जिसे चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया।
आरोपी ज्योतिर्मठ में जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड कंपनी के लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त था और परियोजना के अधिकारियों, उनके रिश्तेदारों और अतिथियों के वीआईपी दर्शन की जिम्मेदारी निभाने के लिए उसे अक्सर बदरीनाथ मंदिर में भेजा जाता था। आठ जुलाई को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा बदरीनाथ में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत दी गई थी जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। श्रद्धालुओं की आस्था तथा मंदिर की वित्ताीय पारदर्शिता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
एसआइटी इस मामले में बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल एवं उसके सेवानिवृत्त कर्मचारी राजेन्द्र चौहान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में मनोज कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने यह भी बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसके लामबगड़ स्थित कमरे में रखी हुई है तथा कुछ सामान उसने यात्रियों को बेच दिया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की ‘रिसायकल बिन’ में कथित रूप से चोरी की गई सामग्री के फोटो भी मिले हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि चोरी के सामान को वह अपने कमरे में ले जाकर चादर पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था जिन्हें उसने बाद में डिलीट कर दिया था।
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