Jharkhand सरकार से वार्ता के बाद JPSC अभ्यर्थी आंदोलन पर अड़े, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
रांची, सात अगस्त झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के साथ बातचीत के बावजूद वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने समेत उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे आंदोलन नहीं रोकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 10 अगस्त को राज्य विधानसभा तक मार्च करेंगे।
‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और झारखंड सरकार के बीच शुक्रवार शाम बैठक हुई। बैठक के बाद ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के एक नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘झारखंड सरकार के साथ बैठक सकारात्मक माहौल में हुई। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया कि हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा।
हालांकि, हमने तब तक अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है, जब तक कि हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।’’ राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है। कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। सरकार उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है और उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को तैयार है।
इसका नतीजा जल्द ही सामने आएगा।’’ मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की मांगों से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री छात्रों को लेकर चिंतित हैं और जल्द ही कोई नतीजा निकलेगा।’’ इस बीच, देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों के एक और गुट ने दावा किया कि उन्हें सरकार से बातचीत का न्योता मिला है। महतो के नेतृत्व वाले इस गुट ने कहा कि उन्होंने बातचीत के लिए सरकार को आठ सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल के नाम सौंप दिए हैं।
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें छह प्रदर्शनकारी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
Astrobase ने पेश किया भारत का पहला FFSC rocket engine Everest, 800 kN थ्रस्ट से है लैस
नयी दिल्ली, सात अगस्त बेंगलुरु आधारित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़’ ने शुक्रवार को भारत के पहले निजी तौर पर निर्मित ‘फुल-फ़्लो स्टेज्ड कंबशन’ (एफएफएससी) एलओएक्स-मीथेन रॉकेट इंजन का अनावरण किया। एफएफएससी रॉकेट इंजन दुनिया के सबसे आधुनिक रॉकेट इंजनों में से एक है, क्योंकि यह सभी प्रणोदकों का इस्तेमाल करके बेहतरीन क्षमता प्रदर्शन करता है। ‘एवरेस्ट’ नामक यह इंजन तरल ऑक्सीजन और मीथेन से संचालित होता है और 800 किलोन्यूटन का ‘थ्रस्ट’ पैदा करता है।
इसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले ‘मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल’ के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि, इंजन का परीक्षण अभी बाकी है और परीक्षण का समय अभी तय नहीं किया गया है। कंपनी के सह-संस्थापक नीरज खंडेलवाल ने एक बयान में कहा कि ‘एवरेस्ट’ एक ऐसी औद्योगिक क्षमता की नींव है जिसकी भारत को आने वाले वर्षों में ज़्यादा से ज़्यादा ज़रूरत होगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









