आर्टेमिस 2 में 'स्पेस प्लंबर' बनीं क्रिस्टीना कोच, जानें स्पेस में कैसे काम करता है टॉयलेट
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मजेदार जानकारी दी। वीडियो में आर्टेमिस 2 मिशन की एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना हैमक कोच ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने खुद को ‘स्पेस प्लंबर’ कहकर पुकारा और बताया कि स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट में आई खराबी को उन्होंने ही ठीक किया।
नासा ने वीडियो में क्रिस्टीना को यह कहते हुए दिखाया कि “मैं ही स्पेस प्लंबर हूं और मुझे इस पर गर्व है।”
आर्टेमिस 2 मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद की यात्रा पर गए हैं। इस दौरान स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट में थोड़ी समस्या आई। क्रिस्टीना ने बताया, “शुरू में हमें लगा कि मोटर में कुछ फंस गया है, लेकिन बाद में पता चला कि यह ‘प्राइमिंग’ की छोटी-सी दिक्कत थी। अब सब ठीक है और हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।”
लंबे समय से सवाल रहा है कि अंतरिक्ष में टॉयलेट कैसे काम करता है? वैज्ञानिक बताते हैं कि पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण की वजह से कचरा नीचे गिर जाता है, लेकिन अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने से यह संभव नहीं है। इसलिए स्पेस एजेंसी का यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (यूडब्ल्यूएमएस) हवा के बहाव का इस्तेमाल करता है। हवा का तेज प्रवाह पेशाब और मल को शरीर से दूर खींचकर सही जगह पर जमा कर देता है।
यूडब्ल्यूएमएस को आर्टेमिस के लिए और बेहतर बनाया गया है। इसमें ढक्कन उठाते ही हवा का बहाव अपने आप शुरू हो जाता है, जिससे बदबू नहीं फैलती। यह सिस्टम पहले तैयार टॉयलेट से 65 प्रतिशत छोटा और 40 प्रतिशत हल्का है। आर्टेमिस 2 जैसे छोटे मिशनों में कचरे को केमिकल से ट्रीट नहीं किया जाता, बल्कि उसे बाद में ठिकाने लगाने के लिए जमा कर लिया जाता है।
टॉयलेट का डिजाइन महिला एस्ट्रोनॉट्स के सुझावों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें एक खास आकार का फनल और नली का इस्तेमाल पेशाब के लिए किया जाता है, जबकि मल त्याग के लिए सीट का इस्तेमाल होता है। दोनों को एक साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सीट छोटी और नुकीली लगती है, लेकिन कम गुरुत्वाकर्षण में यह शरीर से पूरी तरह सटकर बैठती है, जिससे सब कुछ सही जगह पर जाता है।
नासा स्पेस स्टेशन पर पानी के लगभग 90 प्रतिशत लिक्विड को रीसायकल करता है, जिसमें यूरिन और पसीना भी शामिल है। यूडब्ल्यूएमएस इस रीसाइक्लिंग सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से जुड़ता है, जिससे ज्यादा पानी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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'अभी तो शुरुआत भी नहीं हुई...', ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमले के बाद ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनी
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है. अमेरिका लगातार ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है. बीती रात अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमले कर उसे तबाह कर दिया. इस हमले के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर से चेतावनी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नए ईरानी शासन को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने अभी तक "ईरान में जो कुछ बचा है उसे नष्ट करना" शुरू नहीं किया है. उन्होंने कहा कि देश के और भी पुल और ऊर्जा अवसंरचना उनके निशाने पर हैं.
पहले पुल, फिर बिजली संयंत्र: राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "हमारी सेना, जो दुनिया में सबसे महान और सबसे शक्तिशाली (निस्संदेह!) है, ने ईरान में बचे-खुचे हिस्से को नष्ट करना अभी शुरू भी नहीं किया है. पहले पुल, फिर बिजली संयंत्र." बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि पिछले एक महीने के युद्ध में ईरान के अधिकांश प्रमुख सैन्य ठिकाने क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं. उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि, "ईरान के नए शासन के नेतृत्व को पता है कि क्या करना है, और वह भी तेजी से." ट्रंप का इशारा तेहरान को युद्धविराम समझौते को लेकर है.
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 3, 2026
ईरान के बी1 पुल पर अमेरिका-इजरायली हमला
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने गुरुवार रात ईरान के बी1 पुल को निशाना बनाया. जिसमें पुल बुरी तरह से तबाह हो गया. ये पुल ईरान का सबसे बड़ा पुल माना जाता है. इस हमले में 8 लोगों की मौत हुई है. जबकि 95 लोग घायल हुए हैं. इस हमले से पहले भी ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी की और कहा था कि तेहरान समझौता कर दे तो उसके लिए बेहतर होगा. ट्रंप ने बी1 पुल पर हमले के बाद पुल ढहने का एक वीडियो भी साझा किया. जिसमें पश्चिम एशिया की सबसे ऊंची और महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक माने जाने वाले इस पुल को टूटते हुए देखा गया, जिससे मौजूदा संघर्ष में एक बड़ा तनाव पैदा कर दिया.
Earlier today, the B1 Bridge on the Karaj Northern Bypass in western Tehran, Iran was targeted in a U.S. and/or Israeli strike, amidst an uptempo in joint U.S.-Israeli strike operations, announced by U.S. President Donald J. Trump last night. pic.twitter.com/Gm0NA2RZOC
— OSINTdefender (@sentdefender) April 2, 2026
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