Vaishakh Kalashtmi 2026: 9 या 10 अप्रैल, कब है वैशाख कालाष्टमी का व्रत? नोट कर लें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Vaishakh Kalashtmi 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व होता है. यह दिन भगवान काल भैरव की पूजा के लिए समर्पित होता है. हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. वैशाख मास की कालाष्टमी को लेकर इस महीने लोगों के मन में कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. चलिए जानते हैं साल 2026 में वैशाख कालाष्टमी कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.
कालाष्टमी 2026 कब है? (Kalashtami 2026 Kab Hai)
द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 09 अप्रैल 2026 को रात 09 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगी और 10 अप्रैल 2026 को रात 11 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कालाष्टमी की पूजा निशा काल में की जाती है. इसलिए इस बार कालाष्टमी का व्रत 09 अप्रैल 2026 को रखना शुभ रहेगा.
कालाष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त (Kalashtami 2026 Shubh Muhurat)
अष्टमी तिथि की शुरुआत 09 अप्रैल को रात 09 बजकर 19 मिनट से होगा. कालाष्टमी की पूजा निशा काल में की जाती है इसलिए 09 अप्रैल की रात पूजा करना सबसे ज्यादा फलदायी माना जाएगा.
कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि (Kalashtami 2026 Puja Vidhi)
इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें फिर व्रत का संकल्प लें. रात में भगवान काल भैरव की विशेष पूजा करें. सबसे पहले काल भैरव की मूर्ति किसी साफ-सुथरी जगह पर स्थापित करें. इसके बाद सरसों का तेल, काले तिल, फूल और नारियल अर्पित करें. दीपक जलाकर आरती करें और भैरव चालीसा या मंत्रों का जाप करें. इस दिन कुत्ते को भोजन कराना शुभ माना जाता है और आखिर में काल भैरव को प्रसाद का भोग चढ़ाकर गरीबों और जरूरतमंदों में बांटे.
कालाष्टमी व्रत का धार्मिक महत्व (Kalashtami 2026 Significance)
धार्मिक महत्व के अनुसार, भगवान काल भैरव को भगवान शिव का उग्र रूप माना जाता है जो समय और मृत्यु के देवता हैं. कालाष्टमी के दिन उनकी पूजा करने से भय, रोग और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है. खास तौर पर जो लोग शनि, राहु या केतु के दुष्प्रभाव से परेशान होते हैं उनके लिए यह व्रत बेहद लाभकारी माना जाता है. इस दिन कुत्तों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है क्योंकि उन्हें काल भैरव का वाहन माना जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Parle-G खाकर गुजारे दिन, कॉफी शॉप में किया काम, अब करोड़ों का मालिक है ये नेशनल अवार्ड विनर
Bollywood Actor Struggle: बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं है. हर कोई एक्टिंग की दुनिया में स्टार बनने का सपना लेकर आता है. लेकिन इनमें से कुछ सर्पोटिंग एक्टर, कुछ बस चंद भर के लिए ही फिल्मों में दिख पाते हैं. वहीं, कुछ को तो एक्टिंग में कदम रखने का भी मौका नहीं मिल पाता. हम आज एक ऐसे एक्टर की बात करने जा रहे हैं, जो एक नेशनल अवॉर्ड विनर हैं. लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मुसीबतों का सामना किया है.
कौन है ये नेशनल अवॉर्ड विनर?
हम बात कर रहे हैं, '12वीं फेल' फेम विक्रांत मैसी की. एक्टर 3 अप्रैल को अपना 39वां जन्मदिन (Vikrant Massey Birthday) मना रहे हैं. विक्रांत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी से की थी. इसके बाद वो फिल्मों में साइड रोल में नजर आते थे और धीरे-धीरे उन्हें लीड रोल मिलने लगे. लेकिन यहां तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था. उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष किए हैं. घर की तंगी के चलते उन्होंने 16 साल की छोटी उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था.
कॉफी शॉप में काम करते थे एक्टर
विक्रांत मैसी ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने स्ट्रग्ल के दिनों के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था- 'मैं 16 साल का था, जब पहली बार मैंने कैमरा फेस किया था. मुझे आज भी वो तारीख याद है. वो 19 दिसंबर 2004 का दिन था. कैमरे के सामने आने से पहले, विक्रांत ने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए मुंबई में एक कॉफी शॉप में कर्मचारी के रूप में काम किया था.' वहीं, विक्रांत ने ये भी बताया था कि वो श्यामक डावर के डांस ग्रुप में एक असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर का भी काम कर चुके हैं.
Parle-G खाकर गुजारा किया
विक्रांत मैसी ने बताया था कि वो 16 साल के थे जब हर दिन 4 लोकल ट्रेनें बदलकर सफर करते थे और दिन में 16 घंटे काम करते थे. एक्टर ने कहा था- 'मैं अक्सर Parle-G खाकर और सिर्फ पानी पीकर गुजारा करता था. कोई भी अपनी मर्जी से ऐसा नहीं करता है. खासकर एक कम उम्र का लड़का तो ये सब नहीं करता. मैंने किया, क्योंकि मुझे करना पड़ा.' एक्टर ने इस दौरान ये भी बताया कि उन्होंने एक फैंटेसी शो पर काम किया था, लेकिन प्रोग्राम को प्लान के मुताबिक कभी एयर नहीं किया गया.
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टीवी से फिल्मों के लिए खुले रास्ते
इसके बाद विक्रांत मैसी ने टेलीविजन में अपना करियर शुरू किया. उन्होंने टीवी शो 'धूम मचाओ धूम' (2007) से शुरुआत कर बालिका वधू से पहचान बनाई. फिर फिल्मों में आने का रास्ता बनाया और 2013 में फिल्म लुटेरा से बॉलीवुड में कदम रखा. इसके बाद 'दिल धड़कने दो' और 'ए डेथ इन द गंज' जैसी फिल्मों में काम किया. विक्रांत ने ओटीटी पर मिर्जापुर' और 'क्रिमिनल जस्टिस' जैसी वेब सीरीज भी की. फिर एक्टर की लाइफ में बदलाव आया और उन्हें 'छपाक', 'हसीन दिलरुबा', 'लव हॉस्टल' जैसी फिल्में मिली.
'12वीं फेल' से चमकी किस्मत
साल 2023 में आई फिल्म '12वीं फेल' ने तो विक्रांत मैसी की किस्मत बदल दी. 12वीं फेल के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला. इतना ही नहीं, इसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया. कड़ी मेहनत कर आज एक्टर करोड़ों की नेटवर्थ (Vikrant Massey Net worth) के मालिक है. रिपोर्ट्स के मुताबकि, उनके पास 25-26 करोड़ की संपत्ति है. एक्टर एक्टिंग के अलावा ब्रांड एंडोर्समेंट से भी कमाई करते हैं. विक्रांत की अपकमिंग फिल्म की बात करे तो वो 'व्हाइट' में श्री श्री रविशंकर के रोल में नजर आएंगे.
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