सुबह के नाश्ते में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, सेहत पर डालती हैं बुरा असर
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। सुबह का नाश्ता दिन की सबसे जरूरी शुरुआत माना जाता है। इसमें ली गई डाइट हमारे मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल और पूरे दिन की कार्यक्षमता को तय करता है। कई बार लोग जल्दबाजी में या आदत के चलते ऐसी चीजें खा लेते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, खाली पेट कुछ खास तरह के फूड्स शरीर में एसिडिटी, ब्लड शुगर असंतुलन और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह-सुबह ज्यादा शुगर वाली चीजें खाने से शरीर पर तुरंत असर पड़ता है। जब आप खाली पेट मिठाइयां या पैकेज्ड जूस लेते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है। यह अचानक बढ़ोतरी शरीर में इंसुलिन के स्तर को भी तेजी से ऊपर ले जाती है। इसके बाद कुछ समय में शुगर लेवल अचानक गिर जाता है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन और भूख ज्यादा लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स सुबह के समय संतुलित और कम शुगर वाला नाश्ता लेने की सलाह देते हैं।
इसी तरह तली-भुनी चीजें भी सुबह के समय शरीर के लिए भारी पड़ सकते हैं। रिसर्च बताती है कि फ्राइड फूड्स में फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जो खाली पेट पचने में समय लेती है। इससे गैस, अपच और पेट में भारीपन की समस्या हो सकती है। सुबह का समय ऐसा होता है जब हमारा पाचन तंत्र धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा होता है, ऐसे में तैलीय खाना उसे और ज्यादा दबाव में डाल देता है। इसलिए हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन बेहतर माना जाता है।
कई लोग दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, लेकिन यह आदत भी परेशानी बढ़ा सकती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो खाली पेट कैफीन लेने से पेट में एसिड का स्तर बढ़ सकता है। इससे एसिडिटी, जलन और कभी-कभी मतली जैसी समस्या भी हो सकती है। खासकर जिन लोगों को पहले से गैस या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह आदत और ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है।
इसके अलावा, सुबह के समय ठंडे पेय या फ्रिज में रखा खाना भी पाचन पर असर डाल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ठंडा भोजन पाचन क्रिया को धीमा कर देता है, क्योंकि शरीर को पहले उसे सामान्य तापमान पर लाने में ऊर्जा लगानी पड़ती है। इससे न केवल पाचन धीमा होता है, बल्कि पेट में भारीपन भी हो सकता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान के मिसाइल हमलों से दहला इजरायल, तेल अवीव और हाइफा को बनाया निशाना; बंकरों में छिपकर बचाई लोगों ने जान
US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले 34 दिनों से जंग जारी है. आज इस जंग का 35वां दिन है. इस बीत गुरुवार रात ईरान ने एक बार फिर से इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया. इस दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने तेल अवीव और हाइफा को निशाना बनाया. आईआरजीसी ने ये हमला ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 91वीं लहर के तहत किया. इस दौरान ईरानी बलों ने इजरायली शहरों में मिसाइलों को झड़ी लगा दी. ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, भारी हवाई बमबारी ने विशेष रूप से "तेल अवीव और हाइफ़ा के केंद्र" को निशाना बनाया. जो इस हमले में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के संकेत हैं.
बंकरों में छिपकर बचाई लोगों ने जान
आईआरजीसी ने गुरुवार देर रात एक बयान जारी कर दावा किया कि, इस हमले की भयावहता का नागरिक आबादी पर गहरा प्रभाव पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों के कारण "50 लाख इजरायली बस्तियों में रहने वाले लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है." इस दौरान कब्जे वाले इलाकों में लगातार सायरन बजते रहे.
यमन ने भी संभाला इजरायल के खिलाफ मोर्चा
इसके साथ ही आईआरजीसी ने खुलासा किया कि यमनी मोर्चे ने भी मोर्चा संभाल लिया है और दक्षिणी इजरायली कब्जे वाले क्षेत्रों और दिमोना की ओर हमले शुरू कर दिए हैं." प्रेस टीवी ने बताया कि कई इलाकों में स्थानीय बुनियादी ढांचे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इजरायली बलों ने कहा कि, "लगातार विस्फोटों की आवाज ने आपातकालीन बचाव कर्मियों को भ्रमित कर दिया है और वे स्थिति से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं."
खबर अभी अपडेट हो रही है...
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation














.jpg)







