भारत में जब सुबह के 6:30 बज रहे थे उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक ऐसी बात कही जिसका मतलब कई लोग समझ ही नहीं पाए। लेकिन भारत शायद पहले से ही जानता था कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि को बचाने के लिए ईरान में कुछ असंभव सा काम करने जा रहे हैं। शायद इसीलिए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे थे। लगभग उसी वक्त रूस के एक ताकतवर शख्स ने भारत में कदम रख दिया। रूस का यह ताकतवर शख्स भारत में जो करने आया है उसके बारे में पूरे भारत को पता होना चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में एक-एक भारतीय को इस तस्वीर की कीमत समझ आ जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ईरान की जंग आपके घरों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। डॉनल्ड ट्रंप ऐसा ना कर पाए इसीलिए रूस का यह ताकतवर शख्स सुबह-सुबह के अंधेरे में भारत पहुंच गया।
रूस का यह ताकतवर व्यक्ति कौन है और यह भारत में क्या करने आया है वो आपको आगे बताएंगे। लेकिन उससे पहले जल्दी से जान लीजिए कि ट्रंप ने क्या पागलपन कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि मैं अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर बेहद जोरदार हमला करने वाला हूं। मैं ईरान को स्टोन एज यानी पाषाण युग में वापस धकेलने वाला हूं। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने अगर मेरी बात नहीं मानी तो मैं ईरान के सभी बिजली स्टेशंस, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, सारे एनर्जी प्रोडक्शन प्लांट्स, सारा इंफ्रास्ट्रक्चर उड़ा दूंगा। ईरान के करीब 9 करोड़ लोग सड़कों पर आ जाएंगे। ईरान के लोग वैसी ही जिंदगी जीने को मजबूर हो जाएंगे जैसी सैकड़ों साल पहले पाषाण युग के लोग जीते थे। अगर ट्रंप ने ऐसा कर दिया तो पूरी दुनिया में तूफान आ जाएगा। शायद इसी कड़ी में रूस के फर्स्ट डेपुटी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटूरोव दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। डेनिस मंटूरोव पुतिन के कोर ग्रुप में शामिल हैं और रूस के टॉप पॉलिसी मेकर हैं। रूस जानता है कि आने वाले समय में उसे भारत की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने वाली है और भारत को भी रूस पर अपनी निर्भरता बढ़ानी होगी। अमेरिकी सेंशंस हटने के बाद रूस अचानक पूरी दुनिया में सबसे बड़ा एनर्जी सप्लायर बन गया है।
चीन, भारत, यूरोप, अफ्रीका, सेंट्रल एशिया सभी गैस और तेल के लिए रूस से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन यहां पर रूस एक अजीब सी स्थिति में फंस गया है। इस स्थिति से निकलने के लिए रूस को भारत की मदद चाहिए। भारत के हर घर में गैस और हर व्यक्ति तक पेट्रोल और डीजल पहुंचे उसे लेकर डेनिस मंटू रोफ भारत में मीटिंग करने आए हैं। लेकिन डेनिस यह भी चाहते हैं कि भारत अपनी ताकत का इस्तेमाल करके उसका तेल और गैस पूरी दुनिया को सप्लाई करें। यानी रूस चाहता है कि भारत उससे सामान खरीदे भी और उसका सामान दुनिया को बेचे भी। रूस का तेल दुनिया तक भारत ही पहुंचा सकता है क्योंकि भारत ही रूस के क्रूड ऑयल को आसानी से प्रोसेस कर सकता है। रूस की दुविधा यह है कि वो क्रूड ऑयल तो आराम से बेच सकता है लेकिन क्रूड ऑयल से बनने वाले पेट्रोल और डीजल को हर देश तक वह नहीं पहुंचा सकता। लेकिन इस काम को भारत कर सकता है।
हाल ही में रूस ने 4 महीनों के लिए पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बैन कर दी है। रूस का कहना है कि हमें अपने लोगों के लिए भी पेट्रोल और डीजल चाहिए। ऐसे में हम क्रूड ऑयल से तैयार होने वाले पेट्रोल और डीजल को नहीं बेच पाएंगे। लेकिन हम क्रूड ऑयल बेच सकते हैं। यह क्रूड ऑयल दुनिया तब तक इस्तेमाल नहीं कर पाएगी जब तक वह भारत में प्रोसेस नहीं हो जाता। हर देश के पास रूस के तेल को प्रोसेस करने की टेक्नोलॉजी नहीं है। यानी डॉनल्ड ट्रंप के पागलपन के बीच भारत दुनिया का असली संकट मोचक बन गया है।
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बीजिंग, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत की राजधानी हाईखोउ के सीमा शुल्क विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में हाईखोउ सीमा शुल्क विभाग ने हाईनान में कुल 14.21 अरब युआन मूल्य की शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) खरीदारी का निरीक्षण किया। इस दौरान 18.16 लाख खरीदारों ने 109.77 लाख वस्तुएं खरीदीं।
ये तीनों आंकड़े पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमशः 25.7 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत अधिक रहे। वसंत ऋतु के आगमन और लोगों की बढ़ती यात्रा गतिविधियों के साथ, हाईनान का शुल्क-मुक्त बाजार तेजी से फल-फूल रहा है और उपभोक्ता गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है।
हाईखोउ अंतर्राष्ट्रीय ड्यूटी-फ्री सिटी के संचालन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, वर्ष के पहले तीन महीनों में ग्राहकों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें परिवारों और माता-पिता-बच्चों के साथ यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक रही। त्वचा देखभाल उत्पादों, स्नैक्स और हल्के लग्जरी कपड़ों की बिक्री में विशेष रूप से उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
बताया गया है कि हाईखोउ सीमा शुल्क विभाग ने पहले से ही अपना सुरक्षा तंत्र सक्रिय कर लिया था और निगरानी प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाया। साथ ही, विशेष चैनल स्थापित कर सीमा शुल्क निकासी के लिए पूर्व-पंजीकरण की सुविधा प्रदान की गई। इससे शुल्क-मुक्त वस्तुओं के लिए “तत्काल आगमन, तत्काल निरीक्षण और तत्काल रिहाई” सुनिश्चित की गई, जिससे बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रही।
अधिकारियों के अनुसार, आगे भी हाईखोउ सीमा शुल्क विभाग निगरानी, प्रबंधन और सेवाओं को लगातार बेहतर बनाता रहेगा, ताकि अपतटीय शुल्क-मुक्त उद्योग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा दिया जा सके और हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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