महिलाओं के लिए खुशखबरी! बिना ब्याज के मिलेगा 1 लाख का लोन, गुजरात सरकार की शानदार योजना
आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. महिलाओं के इसी जज्बे को पंख देने के लिए गुजरात सरकार ने 'मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना' की शुरुआत की है. यह योजना उन महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अपना खुद का छोटा या बड़ा काम शुरू करना चाहती हैं. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लोन लेने के लिए महिलाओं को किसी भी तरह का ब्याज नहीं देना पड़ता है और न ही कोई गारंटी यानी कोलेटरल सिक्योरिटी जमा करने की जरूरत होती है.
बिना ब्याज के मिलेगा 1 लाख का लोन
योजना के तहत महिला उद्यमियों को 1 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. सरकार ने इसे पूरी तरह ब्याज मुक्त रखा है ताकि महिलाओं पर आर्थिक बोझ न पड़े. इतना ही नहीं, लोन चुकाने के लिए महिलाओं को 5 साल तक का पर्याप्त समय दिया जाता है. अगर कोई महिला समय पर अपना लोन चुकाती है, तो सरकार उसे सालाना 6 परसेंट की सब्सिडी भी प्रदान करती है. इस लोन के लिए आवेदन करने पर कोई प्रोसेसिंग फीस भी नहीं ली जाती है, जो इसे बेहद सुलभ बनाता है.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. सबसे पहले तो आवेदक महिला को गुजरात का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. आवेदक की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो महिला का कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है. इस योजना की एक और अच्छी बात यह है कि इसमें आवेदन करने के लिए कोई आय सीमा नहीं रखी गई है. यानी किसी भी आय वर्ग की महिला अपने सपने पूरे करने के लिए इस योजना का हिस्सा बन सकती है. हालांकि, सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं.
ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा
सरकार सिर्फ पैसा देकर ही शांत नहीं बैठती, बल्कि महिलाओं को बिजनेस सिखाने की जिम्मेदारी भी उठाती है. मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना के तहत ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं. इसमें महिलाओं को बिजनेस चलाने के तरीके, मार्केट की समझ और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़ी बारीकियां सिखाई जाती हैं. इससे महिलाएं न सिर्फ अपना काम शुरू कर पाती हैं, बल्कि उसे कामयाबी से आगे भी बढ़ा पाती हैं. इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं के पास वैध आधार कार्ड, पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या पैन कार्ड) और पते का सबूत होना चाहिए. साथ ही 8वीं पास का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते की जानकारी देना जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज एक विस्तृत बिजनेस प्लान है, जिसमें यह बताना होगा कि आप कौन सा काम शुरू करना चाहती हैं और उसमें कितनी लागत आएगी.
आवेदन करने के लिए महिलाएं इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकती हैं या अपने नजदीकी 'गुजरात महिला आर्थिक विकास निगम' (GWEDC) के ऑफिस से फॉर्म प्राप्त कर सकती हैं. फॉर्म भरकर और सभी जरूरी कागजात लगाकर इसे जमा करना होगा. यह योजना महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकलकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
ये भी पढ़ें- PM Modi Gujarat Tour: 31 मार्च को गुजरात दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, 19800 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास
पावर स्टार पवन सिंह को अंजलि राघव केस में बड़ी राहत, एक्ट्रेस ने स्वीकार की माफी, जाने क्या था पूरा मामला?
Pawan Singh Anjali Raghav Controversy: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) को लंबे समय से चल रहे विवाद में आखिरकार राहत मिल गई है. गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद यह साफ हो गया कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत में अब कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी. यह फैसला हरियाणा राज्य महिला आयोग की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसने पूरे मामले को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसमें सबसे बड़ी राहत ये है कि एक्ट्रेस अंजलि राघव (Anjali Raghav) ने उनके खिलाफ लगाए आरोपों को वापस ले लिया है और उनकी माफी भी स्वीकार की है.
अंजलि ने पवन की माफी स्वीकार की
अंजलि राघव ने पहले पवन सिंह पर छेड़खानी का आरोप लगाया था और इस संबंध में हरियाणा राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत को लेकर गुरुवार को आयोग में सुनवाई हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने की.
सुनवाई के दौरान अंजलि राघव आयोग के सामने पेश हुईं और उन्होंने बताया कि पवन सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस माफी को स्वीकार करती हैं और अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं. इसी बयान के आधार पर आयोग ने पवन सिंह का नाम केस से हटा दिया और उनके खिलाफ चल रही प्रक्रिया को समाप्त कर दिया. हालांकि अंजलि ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कुछ अन्य शिकायतें अब भी बनी हुई हैं, खासकर उन लोगों के खिलाफ जिन्होंने कथित रूप से वीडियो वायरल किया और उनकी निजी जानकारी को गलत तरीके से साझा किया।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल यह पूरा विवाद एक स्टेज शो से शुरू हुआ था, जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में पवन सिंह और अंजलि राघव एक साथ मंच पर परफॉर्म कर रहे थे. इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि पवन सिंह ने अंजलि को उनकी अनुमति के बिना गलत तरीके से छुआ. शुरुआत में अंजलि राघव ने इस घटना को ज्यादा तूल नहीं दिया, लेकिन जब वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा, तब उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई और घटना से जुड़े सबूत भी पेश किए.
ये भी पढ़ें: अजय देवगन की वजह से कुंवारी रह गईं तब्बू, एक्ट्रेस के आसपास लड़कों को भटकने भी नहीं देते थे एक्टर
मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा
अंजलि ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि इस विवाद के बाद उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा. उनके अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें फैलाईं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विवाद का असर उनके करियर पर पड़ा और उन्हें कुछ महत्वपूर्ण मौके गंवाने पड़े.
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब अंजलि ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी निजी तस्वीरें और मोबाइल नंबर आपत्तिजनक वेबसाइट्स पर अपलोड कर दिए. उन्होंने आयोग से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
वहीं दूसरी ओर, पवन सिंह ने विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगी थी. उस समय लगा था कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन लगातार बयानबाजी और वायरल कंटेंट के कारण विवाद फिर चर्चा में आ गया. अब 2 अप्रैल को मामला महिला आयोग तक पहुंचा. जिसके बाद अंजलि राघव ने आरोप वापस लिए और उनकी माफी स्वीकार की. इसके बाद आयोग ने पवन सिंह को राहत दे दी है.
ये भी पढ़ें: रामायण के टीजर पर इस डायरेक्टर ने किया तंज, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उल्टा उन्हीं की लगा दी क्लास
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















