पावर स्टार पवन सिंह को अंजलि राघव केस में बड़ी राहत, एक्ट्रेस ने स्वीकार की माफी, जाने क्या था पूरा मामला?
Pawan Singh Anjali Raghav Controversy: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) को लंबे समय से चल रहे विवाद में आखिरकार राहत मिल गई है. गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद यह साफ हो गया कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत में अब कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी. यह फैसला हरियाणा राज्य महिला आयोग की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसने पूरे मामले को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसमें सबसे बड़ी राहत ये है कि एक्ट्रेस अंजलि राघव (Anjali Raghav) ने उनके खिलाफ लगाए आरोपों को वापस ले लिया है और उनकी माफी भी स्वीकार की है.
अंजलि ने पवन की माफी स्वीकार की
अंजलि राघव ने पहले पवन सिंह पर छेड़खानी का आरोप लगाया था और इस संबंध में हरियाणा राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत को लेकर गुरुवार को आयोग में सुनवाई हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने की.
सुनवाई के दौरान अंजलि राघव आयोग के सामने पेश हुईं और उन्होंने बताया कि पवन सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस माफी को स्वीकार करती हैं और अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं. इसी बयान के आधार पर आयोग ने पवन सिंह का नाम केस से हटा दिया और उनके खिलाफ चल रही प्रक्रिया को समाप्त कर दिया. हालांकि अंजलि ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कुछ अन्य शिकायतें अब भी बनी हुई हैं, खासकर उन लोगों के खिलाफ जिन्होंने कथित रूप से वीडियो वायरल किया और उनकी निजी जानकारी को गलत तरीके से साझा किया।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल यह पूरा विवाद एक स्टेज शो से शुरू हुआ था, जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में पवन सिंह और अंजलि राघव एक साथ मंच पर परफॉर्म कर रहे थे. इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि पवन सिंह ने अंजलि को उनकी अनुमति के बिना गलत तरीके से छुआ. शुरुआत में अंजलि राघव ने इस घटना को ज्यादा तूल नहीं दिया, लेकिन जब वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा, तब उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई और घटना से जुड़े सबूत भी पेश किए.
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मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा
अंजलि ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि इस विवाद के बाद उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा. उनके अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें फैलाईं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विवाद का असर उनके करियर पर पड़ा और उन्हें कुछ महत्वपूर्ण मौके गंवाने पड़े.
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब अंजलि ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी निजी तस्वीरें और मोबाइल नंबर आपत्तिजनक वेबसाइट्स पर अपलोड कर दिए. उन्होंने आयोग से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
वहीं दूसरी ओर, पवन सिंह ने विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगी थी. उस समय लगा था कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन लगातार बयानबाजी और वायरल कंटेंट के कारण विवाद फिर चर्चा में आ गया. अब 2 अप्रैल को मामला महिला आयोग तक पहुंचा. जिसके बाद अंजलि राघव ने आरोप वापस लिए और उनकी माफी स्वीकार की. इसके बाद आयोग ने पवन सिंह को राहत दे दी है.
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महिला आरक्षण बिल ला रही सरकार! 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा संसद का विशेष सत्र
देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए महिला आरक्षण विधेयक एक बार फिर केंद्र में आ गया है. इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है. यह सत्र 16, 17 और 18 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें दोनों सदनों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है.
क्या है विशेष सत्र का उद्देश्य?
इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है. लंबे समय से लंबित इस विधेयक के जरिए महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पर्याप्त स्थान देने की कोशिश की जा रही है. सरकार का मानना है कि इससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी.
बजट सत्र के बीच क्यों बुलाया गया विशेष सत्र?
दिलचस्प बात यह है कि बजट सत्र को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि इसके बीच में यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रित चर्चा करना और इसके कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना है. इस दौरान संशोधन प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा, ताकि विधेयक को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा,"हमने बजट सत्र को 16 तारीख तक एक्सटेंड किया है क्योंकि हम महत्वपूर्ण बिल लाने वाले हैं। pic.twitter.com/0CWzRZodTr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
सरकार का पक्ष क्या है?
संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि इस विधेयक पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि सरकार ने 80 प्रतिशत से अधिक राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर बातचीत की है. उनका मानना है कि यह ऐसा विषय है, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए.
#WATCH | दिल्ली: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "सदन को 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिलाओं के लिए आरक्षण की वकालत करती रही है... विपक्ष का सुझाव केवल इतना था कि सदन की कार्रवाई 29 तारीख के बाद की जाए, क्योंकि तब तक चुनाव संपन्न हो… pic.twitter.com/RJslS2vNLI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
विपक्ष की क्या है मांग?
वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि सभी दल मिलकर एक साझा रास्ता निकाल सकें. उनका कहना है कि इस सत्र को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद बुलाना चाहिए था. जिससे सभी दल पूरी तैयारी के साथ इस बहस में हिस्सा ले सकें.
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