अयोध्या में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर ने फोन पर स्टाफ को निर्देश देकर डिलीवरी कराई. इस गंभीर लापरवाही के कारण प्रसूता और नवजात शिशु दोनों की जान चली गई.
आपने इंसान और जानवर के बीच की दोस्ती के किस्सें तो बहुत सुने होंगे. सहरसा की मिट्टी पर भी एक ऐसी ही जोड़ी काफी फेमस हैं और वो है अनोखी कहानी है सुबोध कुमार और उनके घोड़े तेजस की. इन दोनों की जोड़ी दोस्ती, विश्वास और अपनेपन की ऐसी मिसाल है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. सुबोध के लिए तेजस सिर्फ एक जानवर नहीं बल्कि उनका सबसे अच्छा दोस्त है.
Yuvraj Singh: पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह खेल नहीं, बल्कि उनका एक बयान है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में युवराज ने अपने पिता योगराज सिंह के विवादित बयानों पर खुलकर बात की और कहा कि उन्होंने पिता से साफ कहा था कि इस तरह की बातें ठीक नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ अपने पिता के बयानों को लेकर दोनों से माफी मांगी।
युवराज सिंह उस दौर का अहम हिस्सा रहे, जब भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज एक साथ खेलते थे। इस सुनहरे दौर में युवराज ने भारत को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिताने में बड़ी भूमिका निभाई थी। खासकर 2011 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा था।
मैं धोनी-कपिल से माफी मांगता हूं: युवराज हालांकि, इसी दौर में टीम की कप्तानी एमएस धोनी के हाथों में थी, जिसके चलते युवराज को लंबे समय तक कप्तानी करने का मौका नहीं मिला। उनके पिता योगराज सिंह कई बार इस मुद्दे पर धोनी की आलोचना कर चुके और उन्होंने कुछ बेहद विवादित बयान भी दिए हैं।
पिता के बयानों को लेकर युवराज ने बड़ी बात बोली हालिया पॉडकास्ट में जब युवराज से इन बयानों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा, 'मैं कपिल देव और एमएस धोनी से माफी मांगना चाहता हूं।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पिता से कहा था कि इस तरह की टिप्पणियां सही नहीं हैं।
योगराज सिंह कई बार विवादित बयान दे चुके दरअसल, योगराज सिंह अपने बेबाक और कई बार विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। 2025 में उन्होंने कपिल देव को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया था कि वह उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे, क्योंकि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके अलावा, उन्होंने धोनी और अन्य खिलाड़ियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
इन बयानों के बाद क्रिकेट जगत में काफी हलचल मची थी। ऐसे में युवराज का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ अपने पिता की बातों से दूरी बनाई, बल्कि खुलकर माफी भी मांगी।
युवराज का यह रुख बताता है कि वह अपने करियर और टीम के साथियों के सम्मान को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मैदान के बाहर की बातें क्रिकेट के रिश्तों को प्रभावित नहीं करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और रिश्तों से जुड़ा एक बड़ा मंच है, जहां हर शब्द की अहमियत होती है।