Responsive Scrollable Menu

भारत में बनेगा दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एयरशिप प्लांट:फ्रांस की कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स भारी सामान ढोने वाले प्रोजेक्ट का करेगी विस्तार

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई आधिकारिक मुलाकात के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है। फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के BLP ग्रुप ने हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद भारत को नेक्स्ट जेन कार्गो एयरशिप मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है। यह समझौता एक बड़े औद्योगिक प्लान का पहला हिस्सा है। इसके तहत भारत, फ्रांस और कनाडा के बाद फ्लाइंग व्हेल्स का तीसरा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। साथ ही, इसका लक्ष्य मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र में हेवी लिफ्ट एयरशिप टेक्नोलॉजी को तेजी से पहुंचाना है। भारत को चुना गया तीसरा ग्लोबल एयरोस्पेस हब इस समझौते (MoU) के तहत, फ्लाइंग व्हेल्स और BLP ग्रुप मिलकर भारत में LCA60T कार्गो एयरशिप की असेंबली लाइन लगाएंगे। इसके लिए तमिलनाडु को लोकेशन के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से एयरोनॉटिक्स क्षेत्र में 300 से ज्यादा हाई-स्किल्ड नौकरियां मिलने की उम्मीद है और इससे देश के एयरोस्पेस सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे एडवांस और सस्टेनेबल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। भारत वाला प्लांट फ्लाइंग व्हेल्स के ग्लोबल स्ट्रक्चर का तीसरा स्तंभ होगा। पहला फ्रांस में है जो यूरोप और अफ्रीका को देखेगा, दूसरा कनाडा में है जो अमेरिका के लिए है, और अब भारत का प्लांट मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा। हर हब की अपने क्षेत्र के लिए विशेष उत्पादन और संचालन की जिम्मेदारी होगी, लेकिन सभी ग्लोबल तकनीकी मानकों का पालन करेंगे। भविष्य के लॉजिस्टिक्स में LCA60T का रोल इस साझेदारी के केंद्र में LCA60T (लार्ज कैपेसिटी एयरशिप 60 टन) है। यह हीलियम से चलने वाला एक मजबूत एयरशिप है जो 60 टन तक वजन ले जा सकता है। इसे ऐसे दूरदराज और दुर्गम इलाकों में काम करने के लिए बनाया गया है जहां सड़क, रेलवे या पोर्ट की सुविधा नहीं है। इसकी हवा में स्थिर रहने की खूबी और वर्टिकल लोडिंग सिस्टम की मदद से भारी बुनियादी ढांचे के उपकरण सीधे साइट पर पहुंचाए जा सकते हैं। उम्मीद है कि यह एयरशिप विंड टरबाइन के ब्लेड और बिजली के टावरों जैसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में काफी मदद करेगा। इसका इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन, डिफेंस, राहत कार्यों, मोबाइल मेडिकल यूनिट और दूरदराज के इलाकों में माल ढुलाई के लिए भी किया जाएगा। कंपनियों का कहना है कि ट्रेडिशनल हेवी लिफ्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मुकाबले इसका पर्यावरण पर बहुत कम असर पड़ता है। ग्लोबल डिमांड और शुरुआती समझौते फ्लाइंग व्हेल्स ने मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र में पहले ही 25 से ज्यादा कॉमर्शियल समझौते कर लिए हैं, जो इस टेक्नोलॉजी में लोगों की दिलचस्पी को दर्शाता है। कंपनी के मुताबिक, उसकी सर्विस यूनिट के जरिए दुनिया भर में कुल 90 ऐसे समझौते हो चुके हैं। भारत में हब बनने से उन इलाकों में काम तेज होगा जहां खराब रास्तों या मुश्किल इलाकों की वजह से ट्रांसपोर्ट की चुनौती रहती है। तीन स्तंभों वाली ग्लोबल स्ट्रेटजी फ्लाइंग व्हेल्स ने अपनी लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटजी को तीन क्षेत्रीय हब में बांटा है: भारत के तीसरे मुख्य केंद्र के तौर पर जुड़ने के साथ ही कंपनी का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्लान अब पूरा हो गया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि उत्पादन एक ही जगह सीमित न रहकर अलग-अलग देशों में हो सके और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को बड़े स्तर पर बढ़ाया जा सके। फ्लाइंग व्हेल्स दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप प्रोग्राम तैयार कर रही है, जिसका फोकस भारी सामान की ढुलाई पर है। इनका LCA60T एयरशिप बिजली के टावर, विंड एनर्जी के पुर्जे और यहां तक कि टैंक जैसे मिलिट्री साजो-सामान को भी दूरदराज के इलाकों तक ले जाने के लिए बनाया गया है। कंपनी अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट फ्रांस में लगा रही है, जबकि दूसरा प्लांट क्यूबेक सरकार की मदद से कनाडा में तैयार किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया तक फैले इस विशाल क्षेत्र के लिए भारत को तीसरे ग्लोबल हब के तौर पर पहली पसंद माना गया था, जिसे अब इस पार्टनरशिप के जरिए फाइनल कर दिया गया है। लीडरशिप के बयान फ्लाइंग व्हेल्स के प्रेसिडेंट सेबेस्टियन बोगन ने इसे कंपनी के सफर का एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, "भारत के साथ यह साझेदारी इनोवेशन और बड़े लक्ष्यों को साथ लाने का एक बड़ा मोड़ है। फ्रांस और कनाडा के साथ मिलकर हम सिर्फ एयरशिप नहीं बना रहे, बल्कि ट्रांसपोर्ट का एक नया सस्टेनेबल मॉडल तैयार कर रहे हैं जो दूरदराज के इलाकों को जोड़ेगा और भारी लॉजिस्टिक्स में प्रदूषण कम करेगा। बीएलपी ग्रुप मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक में हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा होगा।" बीएलपी ग्रुप के सीईओ तेजप्रीत एस चोपड़ा ने कहा कि यह सहयोग टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी के एक जैसे विजन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "LCA60T से इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। हमें भारत में इस एयरोस्पेस इकोसिस्टम को बनाने में मदद करने पर गर्व है।" बीएलपी ग्रुप और उसका AI इकोसिस्टम BLP ग्रुप एक भारतीय ग्रुप है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करता है। कंपनी ने विंड और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए इटली की एनेल ग्रीन पावर और नॉर्वे की स्टैटक्राफ्ट के साथ जॉइंट वेंचर किया है, साथ ही यह एपी मोलर कैपिटल की भी पार्टनर है। इसकी टेक्नोलॉजी विंग, 'इंडस्ट्री एआई', मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंडस्ट्रियल इंटेलिजेंस सिस्टम तैयार करती है। इनके प्लेटफॉर्म के केंद्र में 'ओरियन' है, जो एक जेन-एआई और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स सिस्टम है। यह मशीनों से मिलने वाले डेटा को रीयल-टाइम फैसलों और ऑटोमैटिक वर्कफ़्लो में बदल देता है। इनके एआई पोर्टफोलियो में मशीनों की सेहत बताने वाला 'प्रेडिक्ट एआई', विजुअल सेफ्टी के लिए 'ट्रस्ट एआई' और सस्टेनेबिलिटी के लिए 'कंजर्व एआई' जैसे कई टूल्स शामिल हैं। ये सिस्टम पहले से ही ऑटोमोबाइल फैक्ट्रियों, स्टील प्लांट, पोर्ट, एयरपोर्ट और केमिकल प्लांट्स में इस्तेमाल हो रहे हैं। कंपनी का लेटेस्ट इनोवेशन 'योडाएज' (YodaEdge) है, जो एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सीधे फैक्ट्री फ्लोर तक ले आता है। इसकी मदद से छोटी-बड़ी कंपनियां अपने डेटा पर पूरा कंट्रोल रखते हुए स्थानीय स्तर पर ही एआई सिस्टम चला सकती हैं। इसमें डेटा बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे डिजिटल आजादी बनी रहती है। एक नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भारत के तीसरा ग्लोबल हब बनने से यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और एशिया पैसिफिक को जोड़ने वाले एक नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की नींव पड़ गई है। अगर यह बड़े स्तर पर सफल रहा, तो भारी माल ढुलाई का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा, खासकर उन जगहों पर जहां सड़कें बनाना नामुमकिन है। दोनों कंपनियों के लिए यह साझेदारी सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती दुनिया के लिए एक नई तरह की एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स की शुरुआत है।

Continue reading on the app

योग, आयुर्वेद और नैचुरोपैथी से शरीर बनेगा निरोगी, बीमारियों को जड़ से खत्म करेंगे ये हॉलिस्टिक हीलिंग के तरीके

Holistic Healing: पतंजलि वेलनेस सेंटर में आप समग्र उपचार के लिए जा सकते हैं. यहां जानिए किस तरह योग, आयुर्वेद और नैचुरोपैथी से शरीर को रोगों से दूर रखा जा सकता है. हीलिंग के ये तरीके बीमारियों से बचाते हैं और शरीर को दुरुस्त रखते हैं.

The post योग, आयुर्वेद और नैचुरोपैथी से शरीर बनेगा निरोगी, बीमारियों को जड़ से खत्म करेंगे ये हॉलिस्टिक हीलिंग के तरीके appeared first on News24 Hindi.

Continue reading on the app

  Sports

GT vs RR: वैभव सूर्यवंशी ने दी शानदार शुरुआत, जायसवाल- जुरेल ने खेली अर्धशतकीय पारी; राजस्थान ने गुजरात को दिया 211 रनों का लक्ष्य

GT vs RR, IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स की टीम ने शनिवार, 04 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल की अर्धशतकीय पारी के दम पर गुजरात टाइटंस के सामने जीत हासिल करने के लिए 211 रनों का लक्ष्य रखा है। Sat, 04 Apr 2026 21:24:40 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: खाड़ी देशों ने लिया फैसला, Iran पर करेगा बड़ा हमला? | America #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-04T16:10:00+00:00

पागल कुत्ते ने गांव में मचाया हड़कंप #dog #viralvideo #viralshorts #shortsvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-04T16:11:31+00:00

APKA RAJYA: अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, जिहादी साबिर हथियारों के भारी जखीरे के साथ गिरफ्तार #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-04T16:16:03+00:00

Adbhut Avishvasniya Akalpniya: आखिर क्या होता है Mushroom Cloud? | Atom Bomb | Nuclear War | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-04T16:06:41+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers