Lucknow की सड़कों पर अब दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक व्हीकल, CM Yogi ने दिखाई 250 गाड़ियों को हरी झंडी
लखनऊ को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी को नए इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की सौगात दी है. इस पहल से ना सिर्फ कूड़ा प्रबंधन बेहतर होगा बल्कि प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी. वहीं इस मौके पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए यूपी के बदलते स्वरूप का रिपोर्ट कार्ड पेश किया.
13 स्थानों पर 520 चार्जिंग पॉइंट भी तैयार
नवाबों के शहर लखनऊ की सड़कों पर अब ग्रीन क्रांति दौड़ती नजर आएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 250 नए इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. नगर निगम के बेड़े में शामिल यह गाड़ियां लखनऊ की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाएंगी. अब डीजल की जगह इको फ्रेंडली गाड़ियां घर-घर से कूड़ा उठाएंगी. शहर के 110 वार्डों में 100% वेस्ट मैनेजमेंट के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 13 स्थानों पर 520 चार्जिंग पॉइंट भी तैयार किए गए हैं.
10,000 लोगों को रोजगार के नए अवसर
सरकार का दावा है कि इस वेस्ट टू वेल्थ मॉडल से ना केवल पर्यावरण बचेगा बल्कि करीब 10,000 लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. आज हम कह सकते हैं यूपी अब बीमारू नहीं भारत की अर्थव्यवस्था का एक ग्रोथ इंजन बनकर के उभरा है. देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था में यूपी आज अपने आप को स्थापित करता है.
2017 से पहले यूपी को बीमारू राज्य बना दिया गया था
यूपी में अब इनसेप्लाइटिस नहीं है. डेंगू, कालाचार, मलेरिया, फाइलेरिया नहीं है. हमने यूपी की बीमारी को भी दूर किया है और उत्तर प्रदेश के कारण के अंदर कूड़े के कारण जो बीमारियां होती थी इन बीमारियों का भी समाधान निकाला है. सौगात देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा. सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी को बीमारू राज्य बना दिया गया था और सफाई को लेकर कोई विज़ नहीं था. यह जो आज यहां पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का क्या 17 के पहले संभव था क्या? यह संभव ही नहीं था. इधर कोई सोच ही नहीं थी. और ये सोच तो तब कहीं पे पता लगे ना 17 के पहले तो होता क्या था? ये जो लोग सत्ता में थे इनके कारनामे ऐसे थे कि कोड़े से भरे हुए थे. सोच भी वही थी. परिणाम क्या था? बीमारियां होती थी.
शहर की रैंकिंग में बड़ा उछाल आएगा
इंसेफाइटिस, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया ये सब बीमारियां वहीं से खड़ी होती थी और बीमारियों से इन्होंने यूपी को इतना ग्रसित कर दिया कि यूपी जो देश का विरासत और विकास को लीड करने वाला राज्य होना चाहिए था, वह राज्य ही बीमार हो गया. लखनऊ नगर निगम को उम्मीद है कि बेड़े में इन 250 नई गाड़ियों के जुड़ने से स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग में बड़ा उछाल आएगा.
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ईरान के 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला, इमारत तबाह
तेहरान, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि राजधानी स्थित 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसे तबाह कर दिया गया है। ये तस्वीरें पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ की बताई गईं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से इस आक्रामकता की ओर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया।
उन्होंने लिखा, वैश्विक स्वास्थ्य का एक सदी पुराना स्तंभ और इंटरनेशनल पाश्चर नेटवर्क के सदस्य ईरानी पाश्चर इंस्टीट्यूट के खिलाफ की गई आक्रामकता, वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला है। यह जिनेवा कन्वेंशन और आईएचएल के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (आईएचएल) को टैग करते हुए कहा, हम डब्ल्यूएचओ, आईसीआरसी और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं से अपील करते हैं कि वे इस हमले की निंदा करें, नुकसान का आकलन करें और पुनर्निर्माण में सहायता करें।
संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश के मेडिकल रिसर्च और दवा विकास में इसकी अहम भूमिका रही है। तस्वीरों में इमारत के कुछ हिस्से पूरी तरह से तबाह दिखे, जबकि कुछ मलबे में बदले हुए देखे जा सकते हैं।
28 फरवरी को यूएस-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से शुरू हुए संघर्ष में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। बड़ी तादाद में लोगों की जान गई है तो सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत कई बड़े नेता और शीर्ष अधिकारी हमले का शिकार हो गए हैं। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में गल्फ देशों में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों और सैन्य बेस को निशाना बना रहा है।
संघर्ष के 34वें दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश के नाम संबोधन में दावा किया कि वाशिंगटन ने ईरानी सेना को तबाह कर दिया है वह अपने युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है। इसके बाद से ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि उनके देश का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों के प्रति कोई बैर-भाव नहीं है।
--आईएएनएस
केआर/
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