भारत में सिस्टमैटिक क्रेडिट ग्रोथ वित्त वर्ष 27 में 13.5 प्रतिशत रहने का अनुमान : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की सिस्टमैटिक क्रेडिट ग्रोथ (मार्च 15 तक) 13.8 प्रतिशत रही है और इसके वित्त वर्ष 27 13.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसे लिक्विडिटी और जीएसटी में कटौती के बाद उपभोग आधारित खपत से सपोर्ट मिल रहा है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के पास अपने क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात को और बढ़ाने की गुंजाइश है क्योंकि जमा वृद्धि 10.8 प्रतिशत पर स्थिर है जबकि तेज क्रेडिट वृद्धि के साथ सीडी अनुपात बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि डिपॉजिट दर के कम रहने से बैंकों को कम ब्याज दरों पर फंड जुटाना एक चुनौती बन रहा है। इस कारण से हमें उम्मीद है कि सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरें समान रहेंगी।
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कैश रिजर्व रेशियो में कटौती और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एलसीआर-एनएसएफआर ढांचे के समर्थन से सीडी अनुपात में विस्तार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अधिक लाभ होने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सिस्टमैटिक क्रेडिट ग्रोथ वित्त वर्ष 27 में 13.5 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान है। वहीं, डिपॉजिट ग्रोथ 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
शुद्ध ब्याज मार्जिन सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, जिसमें मध्यम आकार के बैंकों के मार्जिन में वृद्धि दर्ज करने की बेहतर संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है, दिसंबर 2025 में रेपो दर में 25 बीपीएस की कटौती का असर चौथी तिमाही में ऋण दर संचरण में पूरी तरह से दिखने की उम्मीद है। परिणामस्वरूप, वित्तपोषण लागत अधिक बनी हुई है, और अधिकांश बैंकों ने हालिया दर कटौती के बाद अपनी टीडी/एसए दरों में कमी नहीं की है।
कुछ बड़े निजी बैंकों के चौथी तिमाही के परिणामों में मार्जिन स्थिर रहने की संभावना है। परिसंपत्ति गुणवत्ता मोटे तौर पर स्थिर पाई गई, हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नकदी प्रवाह और इनपुट लागत से संबंधित जोखिम पैदा कर दिया है, जिससे इस क्षेत्र में कुछ तनाव उत्पन्न हो सकता है।
निजी बैंकों में परिसंपत्ति गुणवत्ता के संबंध में, रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य पूर्व संघर्ष के बीच व्यावसायिक ऋण और सीवी जैसे क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है, हालांकि निकट भविष्य में इसका प्रभाव सीमित प्रतीत होता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने नहीं आया नाटो, गुस्साए ट्रंप करवाएंगे पुतिन का फायदा, जानें अब क्या कह दिया?
Trump Hormuz NATO Ukraine: ईरान-अमेरिका युद्ध में यूक्रेन बलि का बकरा बन सकता है. ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए यूरोपीय देशों की सहायता न मिलने पर बड़ी धमकी दी है. उन्होंने नाटो देशों से कई बार अपील की, लेकिन उन्होंने हर बार इससे इनकार किया है.
The post होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने नहीं आया नाटो, गुस्साए ट्रंप करवाएंगे पुतिन का फायदा, जानें अब क्या कह दिया? appeared first on Prabhat Khabar.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation











.jpg)








