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'आप मजबूर कर रहे, हमें नहीं पता कि उपद्रवी कौन?', मालदा बवाल पर ममता सरकार को CJI सूर्यकांत की फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव को लेकर पश्चिम बंगाल प्रशासन की कड़ी आलोचना की. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत ने इस घटना को पूर्व नियोजित, सुनियोजित और प्रेरित प्रयास बताया, जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारना था. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह घटना इस अदालत की सत्ता को खुली चुनौती देने की कोशिश थी.

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'यह सोची-समझी साजिश है', मालदा में जजों को बंधक बनाने पर Supreme Court ने बंगाल सरकार को लताड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) को 9 घंटे तक भीड़ द्वारा बंधक बनाए रखने की घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए इस कृत्य को "सुनियोजित और अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला" करार दिया। कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों (Central Armed Forces) की तैनाती का आदेश दिया है।
 

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कोर्ट ने अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती का भी आदेश दिया। मालदा ज़िला कार्यालय में सात अधिकारियों, जिनमें तीन महिला जज भी शामिल थीं, को घंटों तक प्रदर्शनकारियों ने घेरे रखा। ये प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे थे। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपिन पंचोली की बेंच ने कहा कि यह घटना पश्चिम बंगाल सरकार और उसके अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ने को दिखाती है।

पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "दुर्भाग्य से, आपके राज्य में हर कोई राजनीतिक नज़रिए से बात करता है। क्या आपको लगता है कि हमें नहीं पता कि उपद्रवी कौन हैं? मैं रात 2 बजे तक सब कुछ मॉनिटर कर रहा था। यह बहुत-बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।"
 

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मुख्य न्यायाधीश ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, DGP और ज़िला मजिस्ट्रेट शामिल थे, को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि पहले से जानकारी होने के बावजूद वे अधिकारियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने में असफल क्यों रहे।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "हम किसी को भी न्यायिक अधिकारियों के मन पर मनोवैज्ञानिक हमला करने के मकसद से दखल देने और कानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं देंगे... यह पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ना भी है। अधिकारियों को यह कारण बताना होगा कि जानकारी मिलने के बाद भी उन्होंने अधिकारियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित क्यों नहीं की।"

इस घटना में सात न्यायिक अधिकारी शामिल थे, जो 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (SIR) के तहत चुनावी सूचियों से नाम हटाए जाने की जाँच कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कालीचक 2 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस को शाम करीब 4 बजे से कई घंटों तक घेरे रखा। बताया जा रहा है कि उन्हें एक बैठक में शामिल होने से रोके जाने के बाद उन्होंने ऐसा किया। अंदर फँसे अधिकारियों में तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं।

कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) के कार्यालय में घेराव शाम करीब 3.30 बजे शुरू हुआ था, लेकिन कलकत्ता हाई कोर्ट से बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के अनुसार, न तो ज़िला मजिस्ट्रेट और न ही पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुँचे, जिसके चलते उन्हें सीधे पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव से संपर्क करना पड़ा।

 कोर्ट के आदेश में आगे कहा गया "आखिरकार, गृह सचिव और DGP कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आवास पर पहुँचे। वरिष्ठ न्यायाधीश भी मुख्य न्यायाधीश के संपर्क में थे। अंततः, रात 12 बजे के बाद न्यायिक अधिकारियों को रिहा कर दिया गया। जब उन्हें आधी रात को रिहा किया गया और वे अपने-अपने स्थानों की ओर जा रहे थे, तो उनके वाहनों पर पत्थरबाज़ी की गई और लाठियों आदि से हमला किया गया।

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  Sports

साउथ अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज रासी वैन डर डुसेन ने किया रिटायरमेंट का ऐलान

साउथ अफ्रीका के लिए करीब 8 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले दिग्गज बल्लेबाज रासी वैन डर डुसेन ने रिटायरमेंट का ऐलान किया है। साउथ अफ्रीका के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके रासी वैन डर डुसेन अब इंटरनेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। वहीं दो दिन पहले साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में रासी वैन डर डुसेन का नाम नहीं था। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि बल्लेबाज ने इसी कारण से संन्यास का ऐलान किया है। 

रासी वैन डर डुसेन ने साल 2018 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और वे अब तक 18 टेस्ट, 71 वनडे इंटरनेशनल और 57 टी20 इंटरनेशनल मैच साउथ अफ्रीका के लिए खेले थे। आईफीएल का भी उनको अनुभव है। फरवरी में 37 साल के हुए रासी वैन डर डुसेन ने आखिरी इंटरनेशनल मैच साउथ अफ्रीका के लिए पिछले साल अगस्त में खेला था। इसके बाद से उनको टीम में जरूर शामिल किया गया, लेकिन प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई थी। 

साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज ने इंस्टाग्राम के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने लिखा कि, गर्व और शुक्रगुजार होते हुए मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने रिटायरमेंट की घोषणा करता हूं। प्रोटियाज जर्सी पहनने के लिए हिम्मत और लगन की जरूरत होती है जो आपको परखती है और इनाम भी देती है। अपने देश के लिए खेलना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने अपने फैंस, सपोर्ट स्टाफ, कोच और मैनेजर समेत अपने परिवार को धन्यवाद कहा है। 
Thu, 02 Apr 2026 14:50:56 +0530

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