आज का पंचांग, 29 मार्च 2026: कामदा एकादशी, रविवार व्रत, सूर्य पूजा, सुबह से भद्रा, जानें मुहूर्त, राहुकाल, पारण समय
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 29 March 2026: आज कामदा एकादशी, रविवार व्रत और सूर्य पूजा है. सुबह से ही भद्रा का साया है. कामदा एकादशी व्रत और पूजा करने से मोक्ष मिलता है. आज चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि, अश्लेषा नक्षत्र, विष्टि करण, धृति योग बना है. आज पश्चिम की यात्रा वर्जित है क्योंकि दिशाशूल है.
Eid 2026: आज या कल कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, जानें चांद दिखने का समय
Eid 2026 Date: ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख और खुशियों भरे त्योहारों में से एक है। यह पवित्र पर्व रमजान के महीने के समापन के बाद शव्वाल महीने के पहले दिन मनाया जाता है। पूरे महीने रोजा रखने के बाद यह दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करने, इबादत करने और समाज में भाईचारे का संदेश फैलाने के लिए खास माना जाता है।
भारत में कब मनाई जाएगी ईद?
भारत में भी ईद का त्योहार चांद के दीदार पर निर्भर करता है। 19 मार्च की शाम को कई हिस्सों में चांद दिखाई नहीं दिया, भले ही मौसम साफ था। इसके चलते रमजान का एक और रोजा रखा जाएगा। अब आज यानी 20 मार्च की शाम को चांद नजर आने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है, तो देशभर में 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाएगा।
सऊदी अरब में कब है ईद?
मिडिल ईस्ट के देशों में चांद दिखने के आधार पर ईद की तारीख तय होती है। सऊदी अरब में 18 मार्च की शाम को चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते रमजान के 30 रोजे पूरे किए जा रहे हैं। ऐसे में वहां 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई दिया है। आज 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।
ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर को खुशियों, एकता और इंसानियत का त्योहार माना जाता है। रमजान के दौरान रोजा रखने के बाद मुसलमान इस दिन विशेष नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। इस मौके पर “फितरा” देना भी जरूरी माना गया है। इसका उद्देश्य है कि समाज का कोई भी व्यक्ति ईद के दिन भूखा न रहे। जरूरतमंदों की मदद करना और दान देना इस त्योहार की अहम परंपरा है।
ईद के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहते हैं। यह त्योहार समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। कुल मिलाकर, ईद-उल-फितर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और उदारता का प्रतीक है। यह दिन हमें साझा खुशियों और दूसरों की मदद करने की भावना को अपनाने की प्रेरणा देता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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