Responsive Scrollable Menu

हार के बाद क्या संजीव गोयनका ने लगाई ऋषभ पंत को डांट? सोशल मीडिया पर फोटो वायरल

LSG vs DC Sanjiv Goenka statement: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. सीजन के पहले मैच में मिली हार के बाद लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और अपने कप्तान ऋषभ पंत पर भरोसा जताने की बात कही है.

Continue reading on the app

पेरेंटिंग- बेटे को ऑनलाइन गेमिंग की लत:पढ़ाई में मन नहीं लगता, स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा, हम क्या करें, ये लत कैसे छुड़ाएं

सवाल- मैं अजमेर से हूं। मेरा 15 साल का बेटा है। पिछले कुछ समय से उसे ऑनलाइन गेम खेलने की आदत हो गई है। वह रोज घंटों मोबाइल या कंप्यूटर पर गेम खेलता रहता है। हम दोनों वर्किंग हैं। जब वह छोटा था, तब अक्सर उसे मोबाइल पकड़ा देते थे ताकि वो व्यस्त रहे। स्कूल से भी शिकायत आ रही है कि पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता। परफॉर्मेंस लगातार कमजोर हो रहा है। कुछ बोलो तो गुस्सा हो जाता है। हमें उसकी सेहत, पढ़ाई और भविष्य की चिंता है। बतौर पेरेंट्स हमें क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपकी चिंता जायज है, लेकिन बतौर काउंसलर सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगी कि खुद को ‘दोषी’ मानना बंद करें। आपने अनजाने में बच्चे को गैजेट्स दिए ताकि आप काम कर सकें। उस समय आपको इसके दुष्परिणामों का पता नहीं था। लेकिन अब उसे गेमिंग की लत लग चुकी है तो समय दोष देने का नहीं, बल्कि 'डैमेज कंट्रोल' का है। आपका बेटा 'डोपामिन लूप' में फंसा हुआ है। ऑनलाइन गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हर लेवल पार करने पर खुशी का एहसास कराने वाला 'डोपामिन' हॉर्मोन रिलीज होता है। ऐसे में बच्चों का ऑनलाइन गेम्स की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। लेकिन जब इससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे तो यह चिंता की बात है। सही स्ट्रैटेजी और धैर्य के साथ इस स्थिति को बदला जा सकता है। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की लत क्यों लगती है? किशोरावस्था में बच्चों का दिमाग तेजी से बदल रहा होता है। इस उम्र में उन्हें रोमांच और उपलब्धि की जरूरत महसूस होती है। ऑनलाइन गेम्स इन सभी जरूरतों को पूरा करते हैं। यही वजह है कि बच्चे उनमें जल्दी उलझ जाते हैं। इसके अलावा गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हर मिनट कोई नया रिवॉर्ड, लेवल या चैलेंज मिले। इसलिए बच्चे को बार-बार खेलने की इच्छा होती है। अगर घर में अकेलापन हो या बच्चे के पास समय बिताने के सीमित विकल्प हों तो गेमिंग धीरे-धीरे लत बन जाती है। गेमिंग की लत के कई कारण हो सकते हैं। ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन का बच्चे पर प्रभाव पेरेंट्स को लगता है कि ऑनलाइन गेम की लत सिर्फ पढ़ाई को प्रभावित करती है। लेकिन वास्तव में इसका असर बच्चे की मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर पड़ता है। जैसेकि- कैसे समझें कि बच्चे को ऑनलाइन गेम का एडिक्शन है? अगर बच्चे कभी-कभार मनोरंजन के लिए गेम खेलते हैं तो यह सामान्य है। लेकिन जब इससे बच्चे का व्यवहार, पढ़ाई, दिनचर्या और मूड प्रभावित होने लगे तो यह गेमिंग लत का संकेत है। इन संकेतों को नीचे ग्राफिक्स में देखें– गेम एडिक्शन कम करने के लिए क्या करें? बच्चों को मोबाइल या गेम को पूरी तरह दूर करना सही नहीं है। इसलिए लक्ष्य यह नहीं होना चाहिए कि बच्चा गेम बिल्कुल न खेले, बल्कि यह होना चाहिए कि उसका स्क्रीन टाइम बैलेंस्ड रहे। आपने बताया कि टाइम की कमी थी तो आपने बच्चे को फोन पकड़ा दिया। लेकिन अब अगर आपको बच्चे को गेमिंग की लत से बचाना है तो उसे टाइम देना पड़ेगा। बच्चे काे गेम एडिक्शन से बचाने के लिए सबसे जरूरी है पेरेंट्स का समय देना। याद रखें, अगर बच्चे को परिवार का साथ और मजेदार विकल्प मिलेंगे तो धीरे-धीरे वह गेम की लत से खुद-ब-खुद बाहर निकलेगा। साथ ही कुछ और बातों का ध्यान रखें- पेरेंट्स न करें ये गलतियां जब बच्चों में किसी भी तरह की आदत या लत विकसित हो जाती है तो पेरेंट्स घबराकर तुरंत सख्त कदम उठाने लगते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में की गई कुछ गलतियां समस्या को कम करने की बजाय और बढ़ा देती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इस स्थिति को धैर्य और समझदारी के साथ संभालें। बच्चे को बार-बार डांटना, उसकी तुलना करना या अचानक सारे गैजेट्स छीन लेना उसे ज्यादा जिद्दी, चिड़चिड़ा बना सकता है। इसलिए पेरेंट्स इन गलतियों से बचें- अंत में यही कहूंगी कि ऑनलाइन गेमिंग आज के समय की एक सामान्य लेकिन चुनौतीपूर्ण समस्या है। ऐसी स्थिति में पेरेंट्स का धैर्य, समझ और सहयोग बड़ी भूमिका निभाता है। अगर बच्चे को सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ मिलता है तो वह धीरे-धीरे इस लत से उबर जाते हैं। …………………. पेरेंटिंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए पेरेंटिंग- 10 साल की बेटी एकदम मुंहफट है: जो मुंह में आए, बोल देती है, ये उसकी साफगोई है या संवेदना की कमी, उसे कैसे समझाएं 10 साल की उम्र में बच्चे अपने विचारों को साफ तरीके से रखना सीख रहे होते हैं। उनमें लॉजिकल ब्रेन विकसित हो रहा होता है। लेकिन 'सोशल इंटेलिजेंस' (सामाजिक समझ) अभी पूरी तरह मेच्यौर नहीं हुई होती है। पूरी खबर पढ़िए…

Continue reading on the app

  Sports

लखनऊ सुपरजायंट्स की हार में ऋषभ पंत की सबसे बड़ी बेवकूफी आई सामने, ओपनिंग में फ्लॉप शो पर दी ये सफाई

IPL 2026 Rishabh Pant: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपरजायंट्स की टीम को उसके पहले मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा. लखनऊ का मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स से था. इस मैच में लखनऊ के लिए बल्लेबाजी में ऋषभ पंत ओपनिंग करने आए थे, लेकिन वह सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए. अपनी इस नाकामी पर पंत ने मैच के बाद सफाई दी. Thu, 2 Apr 2026 07:00:28 +0530

  Videos
See all

Bihar Electricity Bill New Rule: बिजली बिल के नियम बदले, जल्दी करो! | Breaking News | Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-02T02:15:05+00:00

Iran Israel US War News LIVE: दुनिया का इंटरनेट काटेगा ईरान | Internet Lines | Trump | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-02T01:58:26+00:00

Crude Oil 100 USD पार,फिर भी India में नहीं बढ़ेंगे Petrol-Diesel के दाम! Union Government का ऐलान | #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-02T02:12:10+00:00

Iran America War Update: Trump बोला जंग जारी रहेगी, American Company Amazon पर ईरान का हमला | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-02T02:00:48+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers