मिडिल ईस्ट की जंग पर पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, भारत की इकोनॉमी और सप्लाई चेन बचाने के लिए बनाई खास रणनीति
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के हालातों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. इस मीटिंग का मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का भारत की एनर्जी सुरक्षा, सप्लाई चेन और देश की ओवरऑल इकोनॉमी पर पड़ने वाले असर का आकलन करना था. बैठक की शुरुआत में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने दुनिया के ताजा हालातों और भारत द्वारा अब तक उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
प्रधानमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि युद्ध की वजह से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना होगा. मीटिंग में खेती, फर्टिलाइजर, फूड सिक्योरिटी, पेट्रोलियम, पावर और एमएसएमई जैसे सेक्टरों पर गहराई से चर्चा की गई. सरकार की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मची उथल-पुथल का बोझ भारत की आम जनता पर न पड़े.
आम जनता को राहत देने की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने मीटिंग में मौजूद मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाले समय में देश में खाने-पीने के सामान, ईंधन और बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. सरकार ने शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह की प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है ताकि देश में किसी भी तरह की किल्लत पैदा न हो. पीएम ने खासतौर पर यह बात कही कि युद्ध की स्थिति अभी बदल रही है और इसका असर पूरी दुनिया पर अलग-अलग तरीके से पड़ रहा है, इसलिए हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा.
जमाखोरी पर लगाम और नई रणनीति
सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया है. उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरी चीजों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए. इसके साथ ही, एक विशेष ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया है जिसमें कई मंत्रालयों के मंत्री और सचिव शामिल होंगे. यह ग्रुप पल-पल की स्थिति पर नजर रखेगा और सरकार को अपनी सिफारिशें देगा. सरकार का लक्ष्य है कि केमिकल्स, फार्मा और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता को कम किया जाए और एक्सपोर्ट के लिए नए रास्ते तलाशे जाएं.
ईरान-अमेरिका युद्ध का बैकग्राउंड
दुनिया इस वक्त एक बड़े संकट से गुजर रही है क्योंकि अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग दूसरे महीने में प्रवेश कर चुकी है. यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई थी. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. सबसे बड़ी मुश्किल तब पैदा हुई जब ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद कर दिया. दुनिया का करीब 20 परसेंट तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है, जिसके बंद होने से पूरी दुनिया में ईंधन का संकट गहरा गया है. भारत इसी संकट के असर को कम करने के लिए अपनी रणनीति बना रहा है.
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गर्मी में स्किन को बनाना है ग्लोइंग? ये 7 फल बदल देंगे आपका चेहरा, लोग पूछेंगे सीक्रेट
गर्मियों में तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन की वजह से त्वचा अक्सर रूखी, बेजान और थकी हुई नजर आने लगती है. ऐसे में सिर्फ बाहर से स्किन केयर करने से ही नहीं, बल्कि अंदर से सही डाइट लेने से भी स्किन की नेचुरल चमक को वापस पाया जा सकता है. खासकर कुछ खास फल ऐसे होते हैं जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ त्वचा को जरूरी विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी देते हैं, जिससे चेहरा साफ, फ्रेश और ग्लोइंग दिखने लगता है.
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