पंजाब ने स्वास्थ्य सेवा योजना तक पहुंच के लिए 19,000 आशा कार्यकर्ताओं को किया तैनात
चंडीगढ़, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवा योजना तक पहुंच के लिए 19,000 आशा कार्यकर्ताओं को तैनात किया है।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत नामांकन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक मजबूत बनाना है।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अब 19,000 से अधिक आशा कार्यकर्ता और 900 सहायक राज्य भर के गांवों में पंजीकरण का काम संभाल रहे हैं।
आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर इस योजना की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसमें बताया गया है कि हर कार्यकर्ता को लगभग 1,000 निवासियों की आबादी सौंपी गई है, जिसमें लगभग 250 परिवार शामिल हैं। यहां वे घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं, योजना के बारे में जागरूकता फैला रही हैं, और परिवारों को सेवा केंद्रों तथा कॉमन सर्विस सेंटरों पर पंजीकरण के लिए साथ ले जा रही हैं।
यह तरीका यह सुनिश्चित करता है कि जागरूकता सीधे घरों तक पहुंचे (विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में) और साथ ही यह परिवारों को नामांकन प्रक्रिया में भी मार्गदर्शन देता है, ताकि पंजीकरण और सत्यापन का काम बिना किसी देरी या भ्रम के सुचारू रूप से पूरा हो सके।
जमीनी स्तर पर की गई इस लगातार सक्रियता का असर अभी से दिखाई देने लगा है। आशा कार्यकर्ताओं के प्रयासों से पिछले 20 दिनों में ही लगभग 10 लाख नामांकन हुए हैं, जिससे पूरे पंजाब में निवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की गति में काफी तेजी आई है।
इस गति को बनाए रखने के लिए, आशा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व वाले मॉडल को एक संरचित प्रोत्साहन प्रणाली के माध्यम से समर्थन दिया जाता है, जिसमें कार्यकर्ताओं को सफल नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे जवाबदेही और क्षेत्रों में लगातार पहुंच सुनिश्चित होती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में किसी भी परिवार को इलाज का खर्च वहन न कर पाने के कारण कष्ट न सहना पड़े। हमारी आशा कार्यकर्ता इस वादे को लोगों के घर-घर तक पहुंचा रही हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक परिवार जागरूक हो और पंजीकरण करा सके। यह सिर्फ कागजों पर लिखी योजना नहीं है; यह एक गारंटी है जिसे हम सीधे लोगों तक, एक-एक परिवार तक पहुंचा रहे हैं।
पंजाब भर में मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 50,000 निवासी पंजीकरण करा रहे हैं और 35 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिले बड़े पैमाने पर पंजीकरण कराने में अग्रणी बने हुए हैं, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
नामांकन के अलावा, यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्रदान कर रही है। अब तक 300 करोड़ रुपये के दो लाख से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनमें हृदय रोग, डायलिसिस, अस्थि रोग, कैंसर उपचार और आपातकालीन हस्तक्षेप सहित 40,000 से अधिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। इस योजना के विस्तार के लिए पंजाब के 2026-27 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
शिविरों, केंद्रों और घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के प्रयासों के साथ, सरकार निवासियों को सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण कराने और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखे हुए है।
--आईएएनएस
एएसएच/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मिडिल ईस्ट की जंग पर पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, भारत की इकोनॉमी और सप्लाई चेन बचाने के लिए बनाई खास रणनीति
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के हालातों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. इस मीटिंग का मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का भारत की एनर्जी सुरक्षा, सप्लाई चेन और देश की ओवरऑल इकोनॉमी पर पड़ने वाले असर का आकलन करना था. बैठक की शुरुआत में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने दुनिया के ताजा हालातों और भारत द्वारा अब तक उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
प्रधानमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि युद्ध की वजह से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना होगा. मीटिंग में खेती, फर्टिलाइजर, फूड सिक्योरिटी, पेट्रोलियम, पावर और एमएसएमई जैसे सेक्टरों पर गहराई से चर्चा की गई. सरकार की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मची उथल-पुथल का बोझ भारत की आम जनता पर न पड़े.
आम जनता को राहत देने की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने मीटिंग में मौजूद मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाले समय में देश में खाने-पीने के सामान, ईंधन और बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. सरकार ने शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह की प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है ताकि देश में किसी भी तरह की किल्लत पैदा न हो. पीएम ने खासतौर पर यह बात कही कि युद्ध की स्थिति अभी बदल रही है और इसका असर पूरी दुनिया पर अलग-अलग तरीके से पड़ रहा है, इसलिए हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा.
जमाखोरी पर लगाम और नई रणनीति
सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया है. उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरी चीजों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए. इसके साथ ही, एक विशेष ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया है जिसमें कई मंत्रालयों के मंत्री और सचिव शामिल होंगे. यह ग्रुप पल-पल की स्थिति पर नजर रखेगा और सरकार को अपनी सिफारिशें देगा. सरकार का लक्ष्य है कि केमिकल्स, फार्मा और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता को कम किया जाए और एक्सपोर्ट के लिए नए रास्ते तलाशे जाएं.
ईरान-अमेरिका युद्ध का बैकग्राउंड
दुनिया इस वक्त एक बड़े संकट से गुजर रही है क्योंकि अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग दूसरे महीने में प्रवेश कर चुकी है. यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई थी. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. सबसे बड़ी मुश्किल तब पैदा हुई जब ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद कर दिया. दुनिया का करीब 20 परसेंट तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है, जिसके बंद होने से पूरी दुनिया में ईंधन का संकट गहरा गया है. भारत इसी संकट के असर को कम करने के लिए अपनी रणनीति बना रहा है.
ये भी पढ़ें- Uncovered with Manoj Gairola: क्या मिसाइलों की किल्लत ने महाशक्ति को घुटने टेकने पर कर दिया मजबूर?
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















