सिर्फ 47 गेंदों पर बनाए नाबाद 70 रन, 22 वर्षीय समीर रिजवी ने DC के लिए खेली सबसे बड़ी पारी, LSG को 6 विकेट से हराया
IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने जीत के साथ आगाज किया है. इकाना स्टेडियम में खेले गए मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को विकेट से हरा दिया है. लखनऊ के दिए 142 रनों के लक्ष्य को दिल्ली कैपिटल्स ने ओवरों में विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. दिल्ली कैपिटल्स के लिए समीर रिजवी ने सबसे ज्यादा नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम को जिताकर ही नाबाद लौटे. ट्रिस्टन स्टब्स ने भी नाबाद 39 रनों का योगदान दिया.
केएल राहुल जीरो पर हुए थे आउट
लखनऊ सुपर जायंट्स के दिए 142 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की पारी की शुरुआत केएल राहुल और पथुम निसांका ने की, लेकिन पारी की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने केएल राहुल को आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. राहुल खाता भी नहीं खेल पाए. इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स को नीतीश राणा के रूप में दूसरा झटका लगा है. मोहसिन खान ने उन्हें 15 रन के स्कोर पर चलता किया. राणा 17 गेंद पर 15 रन बनाए.
इसके बाद प्रिंस यादव ने पांचवे ओवर में दिल्ली कैपिटल्स को 2 झटका दिया. पहले उन्होंने पथुम निसांका को एक रन के स्कोर पर चलता किया. इसके बाद कप्तान अक्षर पटेल को बोल्ड आउट किया. अक्षर बिना खाता खोले गोल्डन डक का शिकार बने.
इसके बाद समीर रिजवी और ट्रिस्टन स्टब्स ने पांचवे विकेट के लिए रनों की शानदार साझेदारी की. मुश्किल स्थिति में दिल्ली कैपिटल्स के लिए समीर रिजवी ने शानदार अर्धशतक जड़ दिया है. उन्होंने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया.
ऐसी रही लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी
आईपीएल 2026 के अपने पहले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी कुछ खास नहीं रही थी. लखनऊ की पूरी टीम 18.4 ओवरों में सिर्फ 141 रनों पर सिमट गई है. लखनऊ के लिए अब्दुल समद ने सबसे ज्यादा 25 गेंद पर 36 रनों की पारी खेली. जबकि मिचेल मार्श ने 28 गेंद पर 35 रन बनाए. इसके अलावा लखनऊ का कोई बल्लेबाज 20 रनों के आकड़े को नहीं छू सका. वहीं दिल्ली कैपिटल्स के लिए लुंगी एनगिडी ने 3-3 विकेट चटकाए. जबकि कुलदीप यादव ने 2 विकेट लिए. वहीं कप्तान अक्षर पटेल को एक सफलता मिली.
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भारत का डीजल निर्यात सात साल के उच्चतम स्तर पर, ऑस्ट्रेलिया के लिए मददगार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के डीजल का दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात मार्च में सात साल से अधिक समय में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की मांग में वृद्धि हुई, जो मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान के कारण हुई।
यह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर को भर रहा है, क्योंकि देश आयातित ईंधन पर बहुत निर्भर है और अपनी आपूर्ति का अधिकांश हिस्सा एशिया से प्राप्त करता है।
ऑस्ट्रेलिया अब अपनी बची हुई रिफाइनरियों से देश की ईंधन की मांग का 20 प्रतिशत से भी कम हिस्सा पूरा करता है, जबकि बाकी की आपूर्ति क्षेत्रीय सप्लाई चेन के जरिए की जाती है।
ऑस्ट्रेलिया टुडे के एक लेख के अनुसार, इस स्थिति में एशिया में भारत से आने वाला अतिरिक्त डीजल उस आपूर्ति के दायरे को बढ़ाने में मदद करता है, जहां से ऑस्ट्रेलिया खरीदारी कर सकता है; ऐसा इसलिए है क्योंकि खरीदार अब दूसरे विकल्पों की तलाश में जुटे हुए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में लगभग एक मिलियन मीट्रिक टन डीजल भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया भेजा गया, जिसमें लगभग आधा सिंगापुर के लिए गया और लगभग 90 प्रतिशत व्यापार रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से शिप किया गया।
ऑस्ट्रेलिया के लिए तत्काल मुद्दा सिर्फ कीमत नहीं बल्कि भौतिक उपलब्धता भी है।
एंथनी अल्बानीज सरकार ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया अपना ईंधन का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है और स्थानीय स्तर पर आपूर्ति की कमी का सामना कर रहा है। कई पेट्रोल पंपों में हाल के हफ्तों में पेट्रोल या डीजल समाप्त हो गया था।
आर्टिकल में बताया गया है कि पिछले हफ्ते के आखिर में ऑस्ट्रेलिया के पास लगभग 30 दिनों का डीजल और जेट फ्यूल था, जबकि एशिया, यूनाइटेड स्टेट्स, मेक्सिको और दूसरी जगहों से 53 से ज्यादा फ्यूल शिपमेंट अभी ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं।
भारतीय डीजल अकेले समस्या का पूरा समाधान नहीं है, लेकिन यह आपूर्ति की तंगी को कम करने में मदद कर रहा है।
रॉयटर्स ने बताया कि व्यापारियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त भारतीय माल अप्रैल में आपूर्ति की तंगी को कम करेगा और कुछ बाजार विश्लेषक मानते हैं कि ईस्ट-ऑफ-स्वेज सेल्स के लिए लाभ अभी भी महीनों तक अनुकूल रहेगा। इससे ऑस्ट्रेलियाई खरीदारों को एशियाई हब के माध्यम से विकल्प ढूंढने का बेहतर अवसर मिलता है।
व्यवहारिक रूप से इसका मतलब है कि भारत में परिष्कृत डीजल क्षेत्रीय भंडार का हिस्सा बन रहा है, जिससे अस्थिर अवधि के दौरान ऑस्ट्रेलियाई ट्रकों, व्यवसायों और पेट्रोल पंपों की आपूर्ति बनी रहती है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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