ईरान के हथियार कार्यक्रम से बड़े वैश्विक खतरे का डर, यूरोप तक पहुंच सकती हैं मिसाइलें : मार्को रूबियो
वॉशिंगटन, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि ईरान ने ऐसी मिसाइलें बना ली हैं जो यूरोप के अंदर तक पहुंचने में सक्षम हैं। उन्होंने तेहरान के खिलाफ अमेरिका की चल रही सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए, ईरान के हथियार कार्यक्रम से पैदा होने वाले बड़े वैश्विक खतरे की चेतावनी दी।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि ईरान की ओर से हाल ही में किए गए मिसाइल परीक्षणों ने ऐसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिन्हें पहले ईरान नकारा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ये मिसाइलें यूरोप के काफी अंदर तक पहुंच सकती हैं।
रूबियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि मिसाइल का यह खतरा, ईरान की ओर से अपनी सैन्य पहुंच का विस्तार करने के बड़े प्रयासों का ही एक हिस्सा है। इन प्रयासों में लंबी दूरी की ऐसी प्रणालियां विकसित करना भी शामिल है, जो अंततः संयुक्त राज्य अमेरिका को भी निशाना बना सकती हैं। रूबियो ने कहा कि वे अंततः ऐसी मिसाइल हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे, जो सीधे अमेरिकी महाद्वीप तक पहुंच सके।
उन्होंने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को उसके परमाणु महत्वाकांक्षाओं से सीधे जोड़ते हुए कहा कि दोनों मुद्दों को एक साथ ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेहरान ने 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर लिया है और उसके पास अभी भी इतनी क्षमता मौजूद है कि वह बहुत कम समय में इसे हथियार-ग्रेड स्तर तक पहुंचा सके।
रूबियो ने आगे कहा, 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम रखने का एकमात्र कारण यही है कि इसे और संवर्धित करके 90 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए, और फिर इसका इस्तेमाल बम बनाने में किया जाए। उन्होंने ईरान पर यह आरोप भी लगाया कि उसने अपने यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने या सौंपने के कई मौकों को ठुकरा दिया है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान को अपनी उन्नत हथियार प्रणालियों की आड़ में अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने से रोकना है। इस अभियान के चार मुख्य उद्देश्य हैं: ईरान की वायु सेना और नौसेना को नष्ट करना, मिसाइल लॉन्च करने वाली प्रणालियों को निष्क्रिय करना, और ड्रोन तथा मिसाइलों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों को पूरी तरह से खत्म करना।
रूबियो ने कहा, हम इन चारों उद्देश्यों को पूरा करने के मामले में या तो तय समय-सीमा के अनुसार ही चल रहे हैं, या फिर उससे भी आगे चल रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बहुत करीब पहुंच चुकी है।
विदेश मंत्री ने इस सैन्य अभियान को बेहद प्रभावी बताया, और इसे आधुनिक समय के सबसे बेहतरीन ढंग से संचालित किए गए सामरिक सैन्य अभियानों में से एक करार दिया।
इस सैन्य कार्रवाई के बावजूद, रूबियो ने कहा कि वॉशिंगटन अभी भी कूटनीति के रास्ते खुले रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध के बजाय बातचीत को ही प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है और इस बात की पूरी संभावना है कि दोनों के बीच सीधे तौर पर बातचीत हो सके।
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत की वजह से सैन्य लक्ष्यों में देरी नहीं होने दी जाएगी।
समुद्री सुरक्षा के मामले में, रूबियो ने आगाह किया कि ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में रुकावट डालने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगी और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम गैर-कानूनी होंगे और इस क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय होंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
विश्व डेटा संगठन ने पेइचिंग को अपना मुख्यालय क्यों चुना?
बीजिंग, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बुद्धिमान युग में डेटा को नया तेल और उत्पादन का एक प्रमुख कारक माना जाता है, लेकिन इसके सीमा-पार प्रवाह और सुरक्षित शासन जैसी चुनौतियों का तत्काल समाधान आवश्यक है। डेटा विकास और शासन पर केंद्रित दुनिया का पहला पेशेवर अंतर्राष्ट्रीय संगठन, विश्व डेटा संगठन (डब्ल्यूडीओ), हाल ही में चीन की राजधानी पेइचिंग में स्थापित किया गया है। इसका स्थान चीन की डेटा संबंधी ताकत और शासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है।
यह संगठन 40 से अधिक देशों के 200 से अधिक सदस्यों को एक साथ लाता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय डेटा शासन समन्वय तंत्र में मौजूद कमी पूरी होती है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने बधाई पत्र में इस बात पर जोर दिया कि चीन व्यापक विचार-विमर्श, साझा सहयोग और सहभागी लाभ के सिद्धांतों का पालन करेगा और डेटा के सुरक्षित प्रवाह और कुशल विकास को बढ़ावा देने में संगठन की भूमिका का समर्थन करेगा। पेइचिंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर छ्यो जेछी के मुताबिक यह मंच विभिन्न देशों की डेटा नीतियों की चुनौती का समाधान कर सकता है, एकाधिकार को तोड़ने को बढ़ावा दे सकता है, डिजिटल विभाजन को पाट सकता है और वैश्विक दक्षिण के देशों की विकास क्षमताओं को बढ़ा सकता है।
पेइचिंग में केंद्र स्थापित करने का निर्णय चीन के मजबूत डेटा आधार और प्रबंधन अनुभव से प्रेरित है। अंतर्राष्ट्रीय डेटा समूह (आईडीजी) के अनुसार, 2025 तक, चीन का कुल डेटा वॉल्यूम वैश्विक कुल का 27.8 फीसदी होगा, जो इसे पहले स्थान पर रखेगा। इसकी डिजिटल अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी होगी, जिसमें 1.125 अरब से अधिक इंटरनेट यूजर्स होंगे, और इसका डिजिटल बुनियादी ढांचा और अनुप्रयोग परिदृश्य अग्रणी होगा। चीन ने लंबे समय से डेटा तत्वों के बाजारीकरण को बढ़ावा दिया है, साइबर सुरक्षा कानून और डेटा सुरक्षा कानून जैसे कानून बनाए हैं, और विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में व्यावहारिक अनुभव अर्जित किया है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है।
चीन वैश्विक डेटा प्रबंधन में समाधानों का योगदान देना जारी रखे हुए है। 2020 में, चीन ने वैश्विक डेटा सुरक्षा पहल का प्रस्ताव रखा। 2023 में, संयुक्त राष्ट्र विश्व डेटा फोरम में, चीन ने सतत विकास का समर्थन करने के लिए डेटा प्रबंधन की वकालत की। अपनी उद्घाटन बैठक में, चीन के तीन सुझावों (प्रसार को बढ़ावा देने के लिए खुला सहयोग, विकास को बढ़ावा देने के लिए समावेशी साझाकरण, और सुरक्षा की रक्षा के लिए सहयोगात्मक शासन) ने विकास और सुरक्षा को समन्वित किया, जिसकी व्यापक रूप से सराहना की गई। ब्रिटेन के 48 ग्रुप के अध्यक्ष चेक पेरी ने डिजिटल लाभों को अधिक समावेशी बनाने के लिए चीन की सराहना की।
बिग डेटा का युग अवसर और चुनौतियां दोनों प्रस्तुत करता है, जिससे विश्व डेटा संगठन की स्थापना समयोचित हो जाती है। मुख्यालय के रूप में, चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर एक निष्पक्ष, खुला, सुरक्षित और समावेशी वैश्विक डेटा प्रबंधन प्रणाली का निर्माण करेगा। जिससे डेटा लाभ का इस्तेमाल विश्व के लिए हो सके और डेटा को अपनाकर, मिलकर भविष्य की जीत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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