बीजेपी दफ्तर के बाहर धमाके करने वाले शख्स का वीडियो आया सामने, लाइव रिकॉर्डिंग में हुआ कैद, देखें
चंडीगढ़ में बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए बम धमाके ने पूरे देश को चौंका दिया है. इस घटना का एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स ने अपने गले में भगवा गमछा डाला हुआ है. यह हमलावर बहुत ही चालाकी से बीजेपी दफ्तर के पास पहुंचता है, अपनी जेब से ग्रेनेड निकालता है और उसकी पिन खींचकर दफ्तर के बाहर फेंक देता है. बम फेंकने के तुरंत बाद वह वहां से भाग निकलता है. इस वीडियो के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सोची-समझी प्लानिंग की थी.
पार्किंग में खड़ी स्कूटी के पास हुआ ब्लास्ट
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हमलावर अपने एक साथी के साथ बाइक पर आया था. उन्होंने बीजेपी दफ्तर के बाहर पार्किंग एरिया में अपनी बाइक खड़ी की और फिर पैदल ही दफ्तर की दीवार के पास पहुंचे. हमलावर ने जो ग्रेनेड फेंका, वह वहां खड़ी एक स्कूटी के पास जाकर फटा. धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. स्कूटी के मालिक ने बताया कि जब धमाका हुआ तो उसे लगा जैसे कोई पहाड़ टूट गया हो. इस ब्लास्ट की वजह से स्कूटी के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए और गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा है. गनीमत यह रही कि उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना यह एक बड़ी मानवीय त्रासदी बन सकती थी.
हैप्पी पासियां और जीवन फौजी का नेटवर्क
इस समय जांच एजेंसियों के निशाने पर दो बड़े नाम हैं, हैप्पी पासियां और जीवन फौजी. बताया जा रहा है कि अमेरिका में बैठा आतंकी हैप्पी पासियां भारत के खिलाफ साजिश रचने का मास्टरमाइंड है. साल 2024 और 2025 के दौरान पंजाब में हुए करीब 20 आतंकी हमलों के पीछे उसी का हाथ था. हैप्पी पासियां ने पहले भी कई बार पुलिस चौकियों और थानों पर ग्रेनेड हमले करवाए हैं. इस काम में उसे जीवन फौजी का पूरा साथ मिल रहा है, जो खुद भी देश से बाहर बैठकर इन ऑपरेशन्स को लीड कर रहा है. पुलिस को अंदेशा है कि चंडीगढ़ बीजेपी दफ्तर का यह हमला भी इन्हीं दोनों के इशारे पर किसी स्थानीय स्लीपर सेल ने अंजाम दिया है.
सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट मोड
बीजेपी और आरएसएस के दफ्तर लंबे समय से इन आतंकियों के निशाने पर रहे हैं. चंडीगढ़ में हुए इस धमाके के बाद पूरी सिटी को हाई अलर्ट पर रखा गया है. केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले में एक्टिव हो गई हैं और चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही हैं. शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग बढ़ा दी गई है. सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, जिसकी मदद से पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी है. पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द इन हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा और इस बड़ी साजिश का खुलासा किया जाएगा. पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि हमलावर राज्य से बाहर न भाग सकें.
बढ़ता खतरा और भविष्य की चुनौतियां
यह हमला एक चेतावनी है कि किस तरह विदेशी धरती पर बैठे आतंकी भारत की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. जिस तरह से हमलावर ने भगवा गमछे का इस्तेमाल किया, वह यह दिखाता है कि वे सामाजिक सद्भाव को भी बिगाड़ना चाहते हैं. आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐसे लो-प्रोफाइल हमलों को रोकना एक बड़ी चुनौती होगी. सरकार ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है और साफ किया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पूरे चंडीगढ़ में डर और तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस प्रशासन स्थिति को कंट्रोल करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है.
Update –
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 1, 2026
चंडीगढ़ में BJP दफ्तर के बाहर हैंडग्रेनेड फेंकने का Live Video सामने आया। भगवा गमछा पहने शख्स ने हैंडग्रेनेड से पिन निकाली, दौड़ता हुआ गया और ग्रेनेड फेंककर भागा। https://t.co/ditzmUzaAL pic.twitter.com/m0RvCpBj7w
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यूपीआई से मार्च में हुए रिकॉर्ड 22.64 अरब लेनदेन : एनपीसीआई
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से मार्च में रिकॉर्ड 22.64 अरब लेनदेन हुए हैं। यह किसी एक महीने में यूपीआई से हुए लेनदेन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लेनदेन की मात्रा में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह जानकारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से बुधवार को दी गई।
इससे पहले फरवरी 20.39 अरब लेनदेन हुए थे। वहीं, जनवरी में यूपीआई से 21.70 अरब लेनदेन हुए थे।
मार्च में लेनदेन की वैल्यू में भी सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान यूपीआई से कुल 29.53 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। फरवरी में यह आंकड़ा 26.84 लाख करोड़ रुपए था। जनवरी में यूपीआई से हुए कुल लेनदेन की वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपए थी।
दैनिक लेनदेन की औसत संख्या में मार्च में मामूली वृद्धि दर्ज की गई और यह फरवरी के 728 मिलियन की तुलना में बढ़कर 730 मिलियन हो गई।
हालांकि, दैनिक लेनदेन का औसत मूल्य पिछले महीने के 95,865 करोड़ रुपए से थोड़ा घटकर 95,243 करोड़ रुपए रह गया।
यूपीआई ऐप्स में, फरवरी में लेनदेन की मात्रा के हिसाब से 45.5 प्रतिशत के साथ फोनपे का दबदबा रहा। गूगल पे लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पेटीएम लगभग 7 से 8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यूपीआई अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में सक्रिय है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी देश के रूप में उभर रहा है। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति से प्रेषण में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
भारत के वित्त मंत्रालय द्वारा कराए गए एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बनकर उभरा है, जो भारत में कुल भुगतान लेनदेन का 57 प्रतिशत है, और नकद लेनदेन (38 प्रतिशत) से कहीं अधिक है। इसका मुख्य कारण उपयोग में आसानी और तेज धन हस्तांतरण की क्षमता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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