माउंट एवरेस्ट बना 'दुनिया का सबसे ऊंचा कूड़ादान', वायरल वीडियो देख खौल उठा लोगों का खून
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे माउंट एवरेस्ट के एक ताजा वीडियो ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस चोटी को दुनिया की सबसे पवित्र और शांत जगह माना जाता था, वहां अब इंसानी लापरवाही के कारण कचरे का ढेर लगा है. ऊंचे कैंपों पर चारों तरफ प्लास्टिक, फटे हुए टेंट, खाली ऑक्सीजन सिलेंडर और खाने के डिब्बे बिखरे पड़े हैं. यह नजारा तब और डरावना हो जाता है जब पता चलता है कि यह कचरा उसी रास्ते पर है जिसे 'तबाही का रास्ता' कहा जाने लगा है.
कितने पर्वतारोही जाते हैं एवरेस्ट?
लेटेस्ट डेटा के अनुसार, माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए दो मुख्य रास्ते हैं. एक नेपाल की तरफ से (दक्षिण) और दूसरा चीन यानी तिब्बत की तरफ से (उत्तर) 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल की तरफ से हर साल करीब 400 से 600 मुख्य पर्वतारोही परमिट लेते हैं, लेकिन उनके साथ जाने वाले गाइड्स और सपोर्ट स्टाफ को मिलाकर यह संख्या 1500 के पार पहुंच जाती है. वहीं चीन की तरफ से संख्या थोड़ी कम रहती है, वहां साल भर में लगभग 250 से 300 लोगों को ही परमिट दिया जाता है. एक अनुमान के मुताबिक, एक अकेला पर्वतारोही अपने पूरे सफर के दौरान लगभग 8 से 12 किलो कचरा पैदा करता है.
Mount Everest is no longer clean in many areas, as it is covered with trash like gas cylinders, plastic, and abandoned tents, especially around base camps, which harms the environment. pic.twitter.com/2bzpQJdZoZ
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) March 31, 2026
नेपाल और चीन सरकार के सख्त कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नेपाल सरकार ने 2026 से अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब पुराने 'रिफंडेबल डिपॉजिट' सिस्टम को खत्म कर एक नया 'नॉन-रिफंडेबल क्लीनिंग शुल्क' लगाने की तैयारी है. इसके अलावा, अब हर पर्वतारोही के लिए पहाड़ से कम से कम 8 किलो कचरा वापस लाना अनिवार्य कर दिया गया है. कैंप-2 के ऊपर से उतरते वक्त कम से कम 2 किलो कचरा लाना भी अब नियमों में शामिल है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब ऊंचे कैंपों पर 'पूप बैग्स' (Poop Bags) का इस्तेमाल अनिवार्य है, ताकि मानव अपशिष्ट को ऊपर न छोड़ा जाए.
दूसरी तरफ, चीन (तिब्बत) ने भी अपने हिस्से वाले एवरेस्ट क्षेत्र में सख्त नियम लागू किए हैं. वहां हर पर्वतारोही को 8 किलो कचरा नीचे लाना ही होता है, वरना उन पर भारी जुर्माना और भविष्य में चढ़ाई पर बैन लगा दिया जाता है. चीन ने बेस कैंप पर ही बड़े कचरा प्रबंधन स्टेशन बनाए हैं.
खतरे की घंटी और पुरानी लाशें
एवरेस्ट पर सिर्फ कचरा ही नहीं, बल्कि 'डेड बॉडीज' का होना भी एक बड़ा मुद्दा है. विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे दशकों पहले दफन हुई लाशें और पुराना कचरा अब सतह पर दिखने लगा है. सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति (SPCC) के अनुसार, केवल 2024 के सीजन में ही 85 टन से ज्यादा कचरा साफ किया गया था, जिसमें 28 टन मानव अपशिष्ट शामिल था. अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में एवरेस्ट की खूबसूरती सिर्फ तस्वीरों और मलबे के नीचे ही दबी रह जाएगी. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कचरा अब नीचे की नदियों और पानी के स्रोतों को भी जहरीला बना रहा है.
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बेंगलुरु: पति ने पत्नी पर लगाया 'यौन शोषण' का आरोप, कहा- 'सहेली के साथ संबंध बनाने के लिए किया मजबूर'
Bengaluru Crime News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 37 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उसकी पत्नी ने उसे 'यौन प्रताड़ना' का शिकार बनाया और उसे अपनी एक सहेली के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पति ने पत्नी पर अप्राकृतिक यौन कृत्यों, धोखाधड़ी और घर से जबरन निकालने का आरोप लगाया है।
अश्लील वीडियो और 'यौन टॉर्चर' का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी पत्नी उसे अश्लील वीडियो भेजती थी और उन वीडियो में दिखाए गए कृत्यों को दोहराने के लिए दबाव डालती थी। इतना ही नहीं, पति का आरोप है कि पत्नी ने खुद स्वीकार किया कि उसके अपने पूर्व प्रेमियों (Ex-boyfriends) के साथ विवाहेतर संबंध (Extramarital affairs) हैं। पीड़ित के अनुसार, यह प्रताड़ना पिछले दो साल से (4 मार्च 2022 से 24 सितंबर 2024 तक) लगातार जारी थी।
घर से निकाला और गहने-दस्तावेज भी हड़पे
एफआईआर के मुताबिक, विवाद को सुलझाने के लिए 4 जुलाई 2024 को एक पारिवारिक मध्यस्थता (Mediation) भी हुई थी, लेकिन उत्पीड़न कम नहीं हुआ। आरोप है कि 24 सितंबर 2024 को पति को जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया। पति ने शिकायत में यह भी कहा है कि घर में उसके ₹1.87 लाख नकद, सोने-चांदी के कीमती आभूषण (जैसे 35 ग्राम की सोने की चेन, चोकर और ब्रेसलेट), उसका पासपोर्ट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अवैध रूप से रखे गए हैं, जिन्हें पत्नी वापस नहीं कर रही है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
इस मामले में 17 मार्च 2026 को औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। बेंगलुरु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें आपराधिक धमकी, गलत तरीके से रोकना और विश्वासघात जैसे अपराध शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और व्यक्ति के सामान की बरामदगी के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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