जापान में चेरी ब्लॉसम:800 किस्मों के लाखों पेड़ों से गुलाबी हुआ देश, दो हफ्ते ऐसा नजारा
जापान में इन दिनों विश्व प्रसिद्ध चेरी ब्लॉसम का सीजन चल रहा है। इससे पूरा देश गुलाबी और सफेद फूलों की चादर से ढक गया है। जापान में चेरी ब्लॉसम की 800 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं, लेकिन यहां के 80 फीसदी पेड़ ‘सोमेई-योषिनो’ प्रजाति के हैं। इनका जीवन मात्र 7 से 14 दिन का ही होता है। इन फूलों को देखने के लिए लाखों लोग देश-विदेश से यहां पहुंचते हैं। इन फूलों को न सिर्फ देखा जाता है, बल्कि इनकी पंखुड़ियों को सुखाकर चाय और मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है। अगले एक हफ्ते तक यह नजारा बना रहेगा, जिसके बाद पंखुड़ियां गिरना शुरू हो जाएंगी। इससे जापान में पर्यटन बढ़ता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। चेरी ब्लॉसम देखने के लिए जापान जाने का सबसे अच्छा समय जापान में चेरी के फूल खिलने का मौसम वसंत ऋतु में मार्च से मई तक रहता है। देश के चेरी के पेड़ों को पूरी तरह खिलते हुए देखने का सबसे अच्छा समय आमतौर पर मार्च के अंत से अप्रैल तक होता है, हालांकि, यह आपके घूमने के क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। फुकुओका में, पहला फूल आमतौर पर मार्च के मध्य से अंत तक खिलता है, और मार्च के आखिरी कुछ दिनों से अप्रैल के पहले कुछ दिनों तक यह अपने चरम पर होता है। टोक्यो, क्योटो और ओसाका में, चेरी के पेड़ आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में फूलना शुरू करते हैं और अप्रैल के पहले सप्ताह में पूरी तरह खिल जाते हैं। मौसम के आखिरी चेरी के फूल होक्काइडो जैसे उत्तरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जो अप्रैल के अंत से मई के शुरुआती दिनों तक खिलते हैं। अंततः, चेरी के फूल कब और कितने समय तक खिलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है, और पूर्वानुमान तापमान, वर्षा और हवा जैसे कई कारकों से प्रभावित होते हैं।
सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला:यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष-26 में कुल कलेक्शन ₹22 लाख करोड़ रहा
मार्च में ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया। यह 10 महीने का हाई है। वहीं मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.83 लाख करोड़ रहा था। वहीं सरकार का मार्च में नेट GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा। 1 अप्रैल को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.64 लाख करोड़ रहा था। टोटल रिफंड 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए रहा वहीं टोटल रिफंड सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹0.19 लाख करोड़ था। ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.9% की बढ़ोतरी हुई। जबकि ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 17.8% रहा। वित्त वर्ष-26 में कुल GST कलेक्शन 22.27 लाख करोड़ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रॉस GST कलेक्शन साल-दर-साल 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया, जबकि नेट GST कलेक्शन 7.1% बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2025 में ग्रॉस GST कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ रुपए और नेट GST कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपए रहा था। सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2025 में हुआ था सरकार ने अप्रैल 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से 2.37 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर इसमें 12.6% की बढ़ोतरी हुई थी। यह GST कलेक्शन का रिकॉर्ड है। इससे पहले हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड अप्रैल 2024 में बना था। तब सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। ये खबर भी पढ़ें… रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान: सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे 'डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट' नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
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