वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी: सरकार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि देश में केवल कमर्शियल एलपीजी की कीमतें बढ़ाई गई हैं, जबकि घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि उद्योगों और होटलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अनियंत्रित होती हैं, बाजार द्वारा तय की जाती हैं और आमतौर पर हर महीने संशोधित की जाती हैं। देश में कुल खपत होने वाली एलपीजी में इनकी खपत 10 प्रतिशत से भी कम है।
बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप, घरेलू उपभोक्ताओं को पूरी तरह से सुरक्षा मिलती रहेगी, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपए पर ही बनी हुई है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह पीएमयूवाई योजना के तहत गरीबों के लिए एलपीजी सिलेंडरों की सब्सिडी वाली कीमत भी 613 रुपए पर ही बनी हुई है, उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।”
इसमें आगे कहा गया कि मौजूदा कीमतों पर पब्लिक सेक्टर की तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर सिलेंडर पर 380 रुपए का नुकसान हो रहा है। मई के आखिर तक, कुल नुकसान लगभग 40,484 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। बयान में कहा गया कि पिछले साल भी, 60,000 करोड़ रुपए के कुल नुकसान में से 30,000 करोड़ रुपए तेल पीएसयू ने और 30,000 करोड़ रुपए भारत सरकार ने उठाए थे, ताकि भारतीय नागरिकों को एलपीजी की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों से बचाया जा सके।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत दुनिया में सबसे कम कीमतों में से एक है; इसकी तुलना में पाकिस्तान में कीमत 1,046 रुपए प्रति सिलेंडर है, श्रीलंका में 1,242 रुपए, और नेपाल में यह 1,208 रुपए है।
बयान में यह भी साफ किया गया कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले जैसी ही हैं—क्रमशः 94.77 रुपए प्रति लीटर और 87.67 रुपए प्रति लीटर (दिल्ली की कीमतें)।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ऑस्ट्रेलिया के पीएम की चेतावनी 'आने वाले महीने आसान नहीं', जनता से अपील 'फ्यूल बचाएं'
कैनबरा, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने जनता से खास अपील की है। चेतावनी भी दी कि मिडिल ईस्ट के वर्तमान हालात की वजह से तेल संकट गहराएगा और आने वाले महीने आसान नहीं रहने वाले हैं।
उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते। मैं इस बारे में साफ-साफ कहना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध से पैदा हो रहे दबाव को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि वह देश से सीधे बात करना चाहते हैं कि सरकार इस मुश्किल समय में ऑस्ट्रेलिया को बचाने के लिए क्या कर रही है, और वे (जनता) देश की मदद के लिए क्या कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, पक्ष-विपक्ष सभी ऑस्ट्रेलिया को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ताकि अगर दुनिया भर में हालात और खराब होते हैं और लंबे समय में हमारी फ्यूल सप्लाई में बहुत ज्यादा रुकावट आती है, तो हम अगले कदम मिलकर तय कर सकें।
अल्बनीज ने जनता को बताया कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रख फ्यूल एक्साइज आधा कर दिया गया है और अगले तीन महीनों के लिए हेवी रोड यूजर चार्ज जीरो कर दिया गया है। पीएम ने भरोसा दिलाया, हम फ्यूल की कीमत कम करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही यहां अधिक ईंधन लाने और अपने मजबूत ट्रेडिंग रिश्तों का इस्तेमाल कर ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर लाने के लिए काम कर रहे हैं।
3 मिनट 17 सेकंड के संबोधन में अल्बनीज ने आगे कहा, मैं वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई लोगों से अपील की कि वे घबराकर फ्यूल न खरीदें और जहां तक हो सके, कार की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, अगर आप सड़क पर निकल रहे हैं, तो जरूरत से ज्यादा फ्यूल न लें—बस वैसे ही भरवाएं जैसे आप आम तौर पर भरवाते हैं। अपने समुदाय, दूरदराज के इलाके में रहने वाले लोग और जरूरी इंडस्ट्रीज से वास्ता रखने वालों के बारे में सोचें।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
























