पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जाने-माने चिकित्सक को गोलियों से भूना, हालत गंभीर
पेशावर, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के केपी की राजधानी पेशावर में एक जाने-माने यूरोलॉजिस्ट डॉ. आसिफ मलिक को मंगलवार देर रात गोलियों से भून दिया गया। यूनिवर्सिटी टाउन इलाके में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में वो गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने अस्पताल और पुलिस अधिकारियों के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी।
खैबर पख्तूनख्वा में किडनी ट्रांसप्लांट के पायनियर डॉ आसिफ को पेशावर जनरल हॉस्पिटल (पीजीएच) के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में शिफ्ट किया गया।
प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन ने सिटी पुलिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा कि एक जांच टीम ने डॉ. आसिफ के घर के पास की जगह से पिस्टल के तीन खाली बुलेट शेल बरामद किए। यूरोलॉजिस्ट की तरफ से केस दर्ज कराया गया है।
सिटी पुलिस के प्रवक्ता आलम खान ने बताया, इलाके के सीसीटीवी फुटेज लिए जा रहे हैं और टीमों को हमले के पीछे के लोगों को पकड़ने का काम सौंपा गया है।
पीजीएच (चिकित्सक यहीं अपनी सेवाएं देते हैं) ने फेसबुक पर एक बयान में इसकी पुष्टि करते हुए कहा, डॉ. आसिफ मलिक की हालत स्थिर बनी हुई है।
अस्पताल ने कहा, मामले को संबंधित अधिकारी देख रहे हैं, और हम उनके साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
यंग डॉक्टर्स एसोसिएशन (वाईडीए) के मुताबिक, आसिफ मंगलवार रात यूनिवर्सिटी टाउन स्थित अपने घर के पास ही थे, जब उन पर हमला हुआ। चिकित्सक के ड्राइवर ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
यूरोलॉजिस्ट ने पेशावर में इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिज में बतौर निदेशक काम किया है और मेडिकल ट्रांसप्लांटेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी (एमटीआरए) के पहले अध्यक्ष रह चुके हैं।
जियो न्यूज के अनुसार, प्रांत में लीगल ऑर्गन ट्रांसप्लांट शुरू करने में डॉ. आसिफ की भूमिका अहम रही और पेशावर में प्राइवेट हॉस्पिटल को रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट बनाने में भी उनका सहयोग रहा।
हाल के महीनों में ये चौथी ऐसी वारदात है जो केपी में बढ़ते अपराध को बयां करती है। एक हफ्ते पहले ही मोहम्मद आरिफ वजीर नाम के एक डायलिसिस टेक्नीशियन की लोअर साउथ वजीरिस्तान जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वहीं, 18 मार्च को, केपी फूड सेफ्टी और हलाल फूड अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल काशिफ इकबाल दुर्रानी पेशावर में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली चलाए जाने से घायल हो गए थे।
तो फरवरी के आखिर में, डॉ. मेहविश हसनैन की कोहाट के एक हॉस्पिटल में ड्यूटी करने के बाद घर जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका सड़क पर उतर कर काफी विरोध किया गया था।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जीएसटी संग्रह मार्च में 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। सकल जीएसटी संग्रह मार्च 2026 में सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसकी वजह घरेलू अर्थव्यवस्था का मजबूत होना और आयात से जुड़े जीएसटी संग्रह में तेज वृद्धि होना है। यह जानकारी सरकार द्वारा बुधवार को दी गई।
मार्च में सकल जीएसटी आय 2,00,064 करोड़ रुपए रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 1,83,845 करोड़ रुपए थी।
इस बढ़ोतरी की वजह आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी है। हालांकि, घरेलू सामान पर लगने वाला जीएसटी में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
अगर 22,074 करोड़ रुपए के रिफंड को हटा दिया जाए तो मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 1,77,990 करोड़ रुपए हो गया है।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपए था। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध जीएसटी संग्रह (रिफंड को हटाकर) 19.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है।
इस बीच, उपकर संग्रह में महीने के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई और यह (-177) करोड़ रुपए पर नकारात्मक हो गया, जिसका मुख्य कारण अधिक रिफंड और समायोजन थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीएसटी संग्रह भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि (लगभग 7 प्रतिशत) के अनुरूप मजबूत कर वृद्धि को दर्शाता है, जो बढ़ती खपत, आयात में विस्तार और बेहतर अनुपालन के बीच संबंध को रेखांकित करता है।
पिछले महीने की तरह, फरवरी में जीएसटी संग्रह में भी 9.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए हो गया।
फरवरी में संग्रह में वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू जीएसटी राजस्व में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि और आयात से जीएसटी राजस्व में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि रही।
--आईएएनएस
एबीएस/
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