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आंध्र प्रदेश की नई राजधानी में होगी स्टैचू ऑफ यूनिटी से भी लंबी विधानसभा, इतिहास में भी सत्ता का केंद्र रही है अमरावती
Andhra Pradesh New Capital: आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर जारी सस्पेंस अब लंबे वक्त बाद खत्म होने वाला है. अमरावती अब आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी बनने वाली है. बुधवार को इसके लिए लोकसभा में बिल पेश किया जाएगा. एक अप्रैल को केंद्र सरकार लोकसभा में 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करने वाली है. इस बिल का उद्देश्य अमरावती को आंध्र की आधिकारिक रूप से राजधानी बनाना है. सीएम चंद्रबाबू नायडू की लीडरशिप वाली टीडीपी-एनडीए सरकार के इस कदम को अमरावती के भविष्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है.
कैसे बसेगी आंध्र की नई राजधानी अमरावती?
बता दें, आंध्र की नई राजधानी अमरावती सीएम चंद्रबाबू नायडू का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है. दो मई को इसे बसाने के लिए शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. राज्य की नई राजधानी 217.23 वर्ग किलोमीटर में फैली होगी. 65 हजार करोड़ रुपये इसके लिए खर्च किए जाएंगे. नई राजधानी में 250 मीटर ऊंची विधानसभा की एक बिल्डिंग बनेेगी, जिसकी शेप उल्टी लिली जैसी होगी. भविष्य में यही बिल्डिंग अमरावती की पहचान बनेगी. .
पांच साल के लिए अटका गया था सीएम नायडू का ड्रीम प्रोजेक्ट
आंध्र प्रदेश का जब बंटवारा हुआ तो अमरावती को आंध्रप्रदेश की राजधानी बनाने की तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की थी. हालांकि, साल 2019 में वे चुनाव हार गए और उनका ड्रीम प्रोजेक्ट पांच साल के लिए अटक गया था. नए मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को इसमें कोई रुचि नहीं थी. रेड्डी ने नायडू के फैसले को बदल दिया और ऐलान किया कि आंध्र प्रदेश की तीन राजधानी होगी. उनके इस फैसले के तहत विशाखापट्टनम को प्रशासनिक राजधानी, कुरनूल को न्यायिक राजधानी और अमरावती को विधायी राजधानी घोषित कर दिया.
इतिहास में कई राज्यों की राजधानी रह चुकी है अमरावती
अमरावती प्राचीन काल से ही प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र रही है. दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर तीसरी शताब्दी तक अमरावती सातवाहन वंश की राजधानी के रूप में स्थापित थी. सातवाहनों के अलावा, अमरावती में इक्ष्वाकु, पल्लव, चालुक्य, काकतीय और विजयनगर साम्राज्य जैसे कई राजवंशों ने भी शासन किया है.
28 मार्च को आंध्र प्रदेश की विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ विधेयक
बता दें, 28 मार्च को आंध्र प्रदेश की विधानसभा ने इससे संबंधित एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया था. खास बात है कि विधानसभा में इस बिल का समर्थन सत्ता-विपक्ष और अन्य सभी दलों के सदस्यों ने किया था. लोकसभा में पेश होने वाले बिल के बाद आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल में एक लाइन जोड़ी जाएगी- अमरावती, आंध्र प्रदेश की नई राजधानी होगी. सर्वसम्मित से पारित होने के बाद प्रस्ताव को गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा के स्पीकर और राज्यसभा के सभापित को भेजा गया था.
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