भूत बंगला की रिलीज से पहले अक्षय कुमार ने महाकालेश्वर मंदिर के किए दर्शन, बताया बाबा महाकाल से क्या की मांग?
Akshay Kumar Mahakal Darshan: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) इन दिनों अपनी हॉरर कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' (Bhoot Bangla) को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. कुछ दिनों पहले फिल्म का टीजर जारी किया था, जिसे देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट काफी ज्यादा बढ़ गई है और अब इसके रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच फिल्म रिलीज से पहले अक्षय कुमार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. एक्टर ने बाबा के दर्शन किए और बताया कि उन्होंने उनसे क्या मांगा है.
अक्षय कुमार ने किए बाबा महाकाल के दर्शन
अक्षय कुमार (Akshay Kumar) को 1 अप्रैल की सुबह महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में देखा गया. एक्टर के साथ इस दौरान उनकी सास डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia) और एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) भी नजर आए. अक्षय को देख फैंस की भीड़ लग गई थी. वहीं, मंदिर में उन्होंने हाथ में जल लिया और पंडित जी के साथ मंत्रों का उच्चारण किया. एक्टर ने ने मंदिर में माथा टेका और नंदी भगवान के भी दर्शन किए. इस दौरान अक्षय बेहद ही सिंपल लुक में दिखें. उन्होंने व्हाइट कुर्ता पायजामा पहना था, माथे में तिलक और गले में फूलों की माला पहनी थी.
#WATCH | Madhya Pradesh: Actor Akshay Kumar, along with his mother-in-law and veteran actor Dimple Kapadia, visited Shri Mahakaleshwar Temple in Ujjain and offered prayers today. pic.twitter.com/Q21mMHWmZy
— ANI (@ANI) April 1, 2026
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एक्टर ने बाबा से क्या मांग की?
बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद अक्षय कुमार ने मीडिया से भी बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने बाबा से क्या मांगा. एक्टर ने कहा- 'देश के लिए, परिवार के लिए और सबके लिए पूरे मन से कामना की है. यही कामना की है कि हमारा देश हमेशा अव्वल रहे. मतलब हम यूं ही आगे बढ़ते रहे. बस यही कामना की है.' अब एक्टर के ये आध्यात्मिक सफर के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं, जहां फैंस उनकी धार्मिक आस्था की सराहना कर रहे हैं.
#WATCH | Ujjain, MP: After the prayers, actor Akshay Kumar says, "It was really good...I prayed for the entire country and my family. I prayed that may our country always excel and progress." https://t.co/xUwoYsIfWl pic.twitter.com/rpZMgroK1E
— ANI (@ANI) April 1, 2026
पढ़े-लिखे लोगों को लेकर कही थी बात
इस दिनों अक्षय कुमार 'व्हील ऑफ द फॉर्च्यून' शो को होस्ट कर रहे हैं. अब लेटेस्ट एपिसोड में एक्टर ने एक कंटेस्टेंट से बात करते हुए कहा कि जब वो किसी पढ़े-लिखे शख्स से मिलते हैं तो उन्हें बहुत अफसोस होता है. एक्टर ने कहा, 'कोई भी शख्स, विशेषकर मेरा जैसा जो ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है, मैं कभी-कभी बहुत छोटा महसूस करता हूं आप जैसे पढ़े-लिखे लोगों के सामने. कभी-कभी मैं सोचता हूं. मुझे पढ़ना चाहिए. अब महसूस होता है कि काश मैं पढ़ा होता. लेकिन अब जब पढ़ना चाहता हूं तब भी नहीं पढ़ सकता, क्योंकि मुझे पढ़ना पंसद नहीं है.'
कब रिलीज होगी भूत बंगला?
भूत बंगला की बात करे तो इसका टीजर तो लोगों को काफी पसंद आया है. वहीं, इसके कई गाने भी रिलीज किए जा चुके हैं. वहीं, अब अपडेट ये है कि फिल्म का ट्रेलर 6 अप्रैल को जारी किया जा सकता है. फिल्म की स्टार कास्ट अब इसके प्रमोशन में जुट गई है. फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे, जो पुरानी फिल्मों की यादें ताजा कर देंगे. वहीं, वामिका गब्बी और तब्बू भी फिल्म में तड़का लगाती दिखेंगी. बता दें, इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है, जबकि शोभा कपूर और एकता कपूर इसकी निर्माता हैं. 'भूत बंगला' 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी.
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विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2026: समझ, स्वीकार्यता और सम्मान की ओर एक कदम
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। हर साल 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि हमें यह याद दिलाता है कि हमारे आसपास ऐसे कई लोग हैं जो दुनिया को थोड़ा अलग तरीके से देखते और समझते हैं। उन्हें हमारी सहानुभूति नहीं, बल्कि समझ, स्वीकार्यता और सम्मान की जरूरत है।
ऑटिज्म, जिसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) भी कहा जाता है, कोई बीमारी नहीं है जिसे ठीक किया जाए। यह दिमाग के काम करने का एक अलग तरीका है। ऑटिज्म से जुड़े लोग दुनिया को, लोगों को और चीजों को अलग नजरिए से महसूस करते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि समाज में ऑटिज्म को लेकर कई गलतफहमियां हैं। लोग इसे कमजोरी या कमी समझ लेते हैं, जबकि सच यह है कि यह एक तरह की न्यूरोडायवर्सिटी है। जैसे हर इंसान का स्वभाव अलग होता है, वैसे ही ऑटिज्म वाले लोगों का सोचने और समझने का तरीका भी अलग होता है।
ऑटिज्म के कुछ सामान्य संकेत बचपन में ही दिखने लगते हैं। जैसे बच्चे का आंखों में कम देखना, बोलने में देरी होना, बार-बार एक ही हरकत करना या दिनचर्या में थोड़ा बदलाव होने पर परेशान हो जाना। कुछ बच्चों को तेज आवाज, रोशनी या कुछ खास चीजों से ज्यादा परेशानी भी हो सकती है। लेकिन हर ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति अलग होता है। किसी में लक्षण ज्यादा होते हैं, तो किसी में कम।
समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता। जब तक हमें सही जानकारी नहीं होगी, हम सही व्यवहार भी नहीं कर पाएंगे। हमें यह समझना होगा कि ऑटिज्म कोई गलत चीज नहीं है, बल्कि एक अलग तरह की क्षमता है।
दूसरी चीज है स्वीकार्यता। हमें ऑटिज्म वाले लोगों को बदलने की कोशिश करने के बजाय उन्हें वैसे ही स्वीकार करना चाहिए जैसे वे हैं। अगर कोई बच्चा थोड़ा अलग व्यवहार करता है, तो उसे जज करने के बजाय समझने की कोशिश करनी चाहिए।
तीसरी और सबसे अहम चीज है सम्मान। हर इंसान की तरह ऑटिज्म से जुड़े लोगों को भी बराबरी का हक है, चाहे वो स्कूल हो, नौकरी हो या समाज। उन्हें भी अपने सपनों को पूरा करने का पूरा अधिकार है। आज के समय में कई संगठन और स्कूल इस दिशा में काम कर रहे हैं। अब पहले की तुलना में लोग ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।
ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेशन और थेरेपी जैसी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। अगर ऑटिज्म के लक्षण जल्दी पहचान लिए जाएं, तो सही थेरेपी और सपोर्ट से बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और बिहेवियरल थेरेपी जैसे तरीके काफी मददगार साबित होते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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