Chaitra Purnima 2026: 'जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा, सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा', चैत्र पूर्णिमा पर करें भगवान सत्यनारायण की आरती
Chaitra Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व होता है. यह दिन भगवान विष्णु के स्वरूप सत्यनारायण को समर्पित होता है. पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा भी करना चाहिए. ऐसे में अगर आप चैत्र पूर्णिमा के दिन पर विधि-विधान से इनकी उपासना करते हैं तो आपको आशीर्वाद मिलता है. इसके साथ ही पूरे साल भगवान सत्यनारायण आपसे प्रसन्न रहेंगे. चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखना भी विशेष फलदायी माना गया है. आज के दिन सभी भक्तों को अपने घर में सत्यनारायण कथा का पाठ और आरती का पाठ करना चाहिए.
कब है चैत्र पूर्णिमा 2026? (Purnima Kab Ki Hai)
द्रिक पंचांग के अनुसार, हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 में चैत्र पूर्णिमा की तिथि दो दिन पड़ रही है. 1 अप्रैल और 2 अप्रैल को. ऐसे में अगर आप व्रत रखने वाले हैं तो 1 तारीख का दिन शुभ माना जा रहा है. बता दें कि इस वर्ष 1 अप्रैल 2026 को सुबह 07:06 पर पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो चुकी है और समापन 2 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा.
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श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा का महत्व (Lord Satyanarayan Puja Importance)
आज चैत्र पूर्णिमा 2026 का व्रत रखा जा रहा है. सभी साधक आज भगवान सत्यनारायण की पूजा करने वाले हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री सत्यनारायण की पूजा करने से भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त होता है. श्री सत्यनारायण भगवान विष्णु का ही एक रूप हैं. भगवान विष्णु को इस रूप में सत्य का अवतार माना गया है. हालांकि, सत्यनारायण भगवान की पूजा को करने का कोई एक विशेष दिन निश्चित नहीं है. ऐसे में श्रद्धालु किसी भी दिन इनकी पूजा कर सकते हैं, मगर पूर्णिमा के दिन श्री सत्यनारायण भगवान का पूजन करना अत्यन्त शुभ माना गया है. पूर्णमासी के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा को सुनना या पढ़ना चाहिए और आरती का पाठ घर मे जरूर करना चाहिए.
आरती श्री सत्यनारायणजी (Shree Satyanarayan Bhagwan ki Aarti)
जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा।
सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा॥
जय लक्ष्मीरमणा।
रत्नजड़ित सिंहासन अद्भुत छवि राजे।
नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजे॥
जय लक्ष्मीरमणा।
प्रगट भये कलि कारण द्विज को दर्श दियो।
बूढ़ो ब्राह्मण बनकर कंचन महल कियो॥
जय लक्ष्मीरमणा।
दुर्बल भील कठारो इन पर कृपा करी।
चन्द्रचूड़ एक राजा जिनकी विपति हरी॥
जय लक्ष्मीरमणा।
वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दीनी।
सो फल भोग्यो प्रभुजी फिर स्तुति कीनी॥
जय लक्ष्मीरमणा।
भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धर्यो।
श्रद्धा धारण कीनी तिनको काज सर्यो॥
जय लक्ष्मीरमणा।
ग्वाल बाल संग राजा वन में भक्ति करी।
मनवांछित फल दीनो दीनदयाल हरी॥
जय लक्ष्मीरमणा।
चढ़त प्रसाद सवाया कदली फल मेवा।
धूप दीप तुलसी से राजी सत्यदेवा॥
जय लक्ष्मीरमणा।
श्री सत्यनारायणजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥
जय लक्ष्मीरमणा।
सत्यनारायण की कथा (Lord Satyanarayan Katha)
बता दें कि सत्यनारायण भगवान की कथा के कई अध्याय है. आप कथा का पाठ करने के लिए किताब या फिर ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ सकते हैं. इसके अलावा, कई यूट्यूब चैनल में भी भगवान सत्यनारायण की संपूर्ण कथा मौजूद है. यहां पढ़ें श्री सत्यनारायण भगवान की कथा के सभी अध्याय.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
अदाणी पोर्ट्स की बड़ी उपलब्धि, पार किया 500 मिलियन टन कार्गो का ऐतिहासिक आंकड़ा
अहमदाबाद, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को बताया कि उसने 500 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का एक ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
साल 1998 में एक पोर्ट के विजन से शुरू हुई यह कंपनी आज भारत और विदेशों में फैले 19 पोर्ट्स और टर्मिनल्स के नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। एपीएसईजेड आज भारत के व्यापार, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, पोर्ट्स सिर्फ व्यापार के गेटवे नहीं होते, बल्कि वे देश के आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और भविष्य के द्वार भी हैं। मैं अपने ग्राहकों, साझेदारों और एपीएसईजेड परिवार के प्रत्येक सदस्य का अभारी हूं, जिनके समर्पण और विश्वास ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों का भी आभार जताया, जिनकी नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति प्रतिबद्धता ने एपीएसईजेड की मजबूत नींव तैयार की।
यह उपलब्धि कंपनी के विकास में एक अहम मील का पत्थर है और यह भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास की ताकत को भी दर्शाता है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक मजबूत और आधुनिक लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के निर्माण की कहानी है।
गौतम अदाणी ने कहा कि 500 मिलियन टन का आंकड़ा पार करना भारत की विकास यात्रा में कंपनी के लंबे भरोसे को दिखाता है। उन्होंने बताया कि एपीएसईजेड ने सिर्फ पोर्ट्स ही नहीं बनाए, बल्कि रेल, सड़क, ट्रकिंग, वेयरहाउस और कार्गो नेटवर्क के साथ एक मजबूत लॉजिस्टिक्स सिस्टम तैयार किया है।
500 मिलियन टन तक पहुंचने का सफर भी काफी खास रहा है। कंपनी को पहले 100 मिलियन टन तक पहुंचने में 16 साल लगे, लेकिन इसके बाद हर 100 मिलियन टन का आंकड़ा पहले से तेजी से हासिल किया गया, जो कंपनी की बढ़ती क्षमता और दक्षता को दिखाता है।
इस उपलब्धि के साथ एपीएसईजेड अब 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग के अपने अगले बड़े लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है।
कंपनी वर्तमान में भारत के पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी तटों पर 15 प्रमुख पोर्ट्स और टर्मिनल्स का संचालन करती है। इसके साथ ही 127 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 31 लाख वर्ग फुट वेयरहाउस और 25,000 से अधिक ट्रकों का नेटवर्क भी इसके पास है।
एपीएसईजेड का लक्ष्य आने वाले समय में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाएं प्रदान करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति में और बड़ा योगदान देना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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