JSW SUV: ऑटो सेक्टर में जेएसडब्ल्यू मोटर्स की एंट्री की तैयारी तेज, जानें किससे की साझेदारी?
JSW SUV: जेएसडब्ल्यू मोटर्स (JSW Motors) ने भारतीय ऑटो सेक्टर में एंट्री की तैयारी तेज कर दी है। पहली कार लॉन्च से पहले कंपनी ने फ्रांस की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Dassault Systemes के साथ रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। इस सहयोग का मकसद भारत में वर्ल्ड-क्लास मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास को गति देना है।
3DEXPERIENCE प्लेटफॉर्म से डिजिटल सपोर्ट
इस साझेदारी के तहत डसॉल्ट सिस्टम्स का 3DEXPERIENCE प्लेटफॉर्म, JSW Motors की आने वाली कारों के लिए डिजिटल बैकबोन का काम करेगा। कंपनी इसके साथ CATIA और ENOVIA जैसे एडवांस टूल्स का इस्तेमाल करेगी, जिससे डिजाइन, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ जाएगी।
दिवाली तक लॉन्च हो सकती है पहली SUV
JSW Motors इस साल दिवाली तक अपनी पहली SUV लॉन्च कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह SUV Chery के Jetour T2 प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होगी और इसका डिजाइन रगेड व बॉक्सी होगा। भारतीय बाजार में यह SUV Mahindra Thar को सीधी टक्कर दे सकती है। इसकी संभावित कीमत 15 से 25 लाख रुपये के बीच हो सकती है।
टेक्नोलॉजी और डिजाइन पर खास फोकस
JSW Motors का लक्ष्य लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, हाई परफॉर्मेंस और आकर्षक डिजाइन के साथ नई पीढ़ी के वाहन पेश करना है। कंपनी न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) प्लेटफॉर्म पर आधारित SUV और सेडान दोनों सेगमेंट में एंट्री करेगी। मॉड्यूलर और स्केलेबल आर्किटेक्चर की मदद से तेजी से नए मॉडल विकसित किए जा सकेंगे।
कम होगा कार्बन फुटप्रिंट और लागत
डसॉल्ट के DELMIA सॉफ्टवेयर की मदद से प्रोडक्शन प्रोसेस को ऑप्टिमाइज किया जाएगा। वर्चुअल ट्विनिंग टेक्नोलॉजी से निर्माण में गलतियों को कम करने और लागत घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही, रिसोर्स का बेहतर उपयोग कर कार्बन फुटप्रिंट भी कम किया जाएगा।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
JSW Motors के CEO रंजन नायक के अनुसार, यह साझेदारी कंपनी को तेजी से बेहतर क्वालिटी वाले वाहन बाजार में लाने में मदद करेगी। वहीं, Dassault Systemes इंडिया के एमडी दीपक एनजी ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स के विकास को आसान बनाएगा।
(मंजू कुमारी)
Car Care Tips: माइलेज घटा और कार हुई सुस्त? तुरंत चेक करें CNG फिल्टर
Car Care Tips:पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से लोग CNG कारें ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है इनके माइलेज का अच्छा होना। लेकिन, इन कारों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आपकी CNG Car अचानक धीमी हो गई है या पिकअप अच्छा नहीं मिल रहा है तो नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
कहां आती है ज्यादा खराबी?
अक्सर लोग इंजन या किसी बड़ी खराबी के बारे में सोचकर चिंता करते हैं। लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि समस्या एक छोटे पार्ट CNG Filter में होती है। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया गया तो यह छोटी सी दिक्कत धीरे-धीरे गाड़ी को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
CNG फिल्टर का क्या काम है?
CNG कार में लगने वाला फिल्टर गैस में मौजूद धूल-मिट्टी या गंदगी को रोकने का काम करता है जिससे इंजन तक साफ गैस पहुंच सके। जब यह फिल्टर गंदा हो जाता है या चोक हो जाता है तो गैस सही तरह से आगे नहीं बढ़ पाती। इसका असर गाड़ी की स्पीड, पिकअप और सबसे ज्यादा माइलेज पर पड़ता है। इससे कार धीरे चलती है और कई बार तो स्टार्ट होने में भी परेशानी आती है।
CNG फिल्टर को चेक करते रहें
इसके लिए आप समय-समय पर CNG फिल्टर को चेक करते रहें और इसे चेंज कराते रहें। जानकारों के मुताबिक, हर 20 से 25 हजार किमी के बाद फिल्टर को बदल लेना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो इंजन पर दबाव बढ़ता है और गाड़ी की रिपेयरिंग का खर्चा भी आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
फ्यूल लाइन में लीकेज
यह भी ध्यान देना जरूरी है कि ईंधन की पाइप (Fuel Line) में कोई दरार या लीकेज तो नहीं है। इसके अलावा, यह भी देखते रहें कि कार CNG से पेट्रोल पर आसानी से शिफ्ट हो रही है या नहीं। साथ ही, इसकी जांच करना भी बहुत जरूरी है कि Petrol और CNG दोनों टैंकों में में फ्यूल गेज सही जानकारी दे रहे हैं या नहीं।
(मंजू कुमारी)
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