कोशिकाओं का 'ब्लैक बॉक्स' बन गया! अब सेल अपनी पुरानी कहानी खुद बताएंगे
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। कोशिकाओं के ब्लैक बॉक्स की जानकारी वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च के बाद साझा की है। एक ऐसा डिब्बा जो सेल्स की हर गतिविधि पर पारखी नजर बनाए रखेगा। इसे गढ़ने के पीछे की कहानी बड़ी रोचक है।
जनवरी 2026 में प्रतिष्ठित जर्नल साइंस में प्रकाशित एक बेहद दिलचस्प स्टडी ने विज्ञान की दुनिया में नई दिशा खोल दी है। इस रिसर्च को वैज्ञानिक यू-काय शाओ और उनकी टीम ने किया, जिसमें उन्होंने एक अनोखी तकनीक विकसित की—जिसे टाइम वोल्ट नाम दिया गया है। यह तकनीक जीवित कोशिकाओं के लिए एक तरह का ब्लैक बॉक्स साबित हो रही है।
आसान भाषा में समझें तो, जैसे हवाई जहाज में ब्लैक बॉक्स उड़ान के दौरान होने वाली हर गतिविधि को रिकॉर्ड करता है, वैसे ही टाइम वोल्ट कोशिकाओं के अंदर होने वाली जीन गतिविधियों (जीन एक्टिविटी) को रिकॉर्ड कर सकता है। फर्क बस इतना है कि यह कोई मशीन नहीं, बल्कि कोशिका के भीतर काम करने वाली जैविक प्रणाली है।
अब तक वैज्ञानिकों के पास ऐसी तकनीकें थीं, जिनसे वे केवल यह देख सकते थे कि किसी कोशिका में इस समय क्या हो रहा है। यानी उन्हें सिर्फ एक फोटो या झलक मिलती थी। लेकिन यह समझ पाना मुश्किल था कि कुछ समय पहले उस कोशिका के अंदर क्या बदलाव हुए थे, जिनकी वजह से वह आगे जाकर किसी खास स्थिति में पहुंची—जैसे बीमार होना या दवा के असर से बच जाना।
यहीं टाइम वोल्ट गेमचेंजर बनकर सामने आया है। यह तकनीक कोशिका के अंदर मौजूद एमआरएनए (मैसेंजर आरएनए) को एक निश्चित समय पर कैप्चर करके सुरक्षित रख लेती है। एमआरएनए असल में वह संदेश होता है, जो यह बताता है कि कौन-सा जीन कब और कैसे काम कर रहा है। टाइम वोल्ट इन संदेशों को कोशिका के अंदर मौजूद खास “वोल्ट पार्टिकल्स” में स्टोर कर देता है, जिससे वे कई दिनों तक सुरक्षित रहते हैं।
सबसे खास बात यह है कि यह रिकॉर्डिंग बाद में भी पढ़ी जा सकती है। यानी वैज्ञानिक कुछ दिनों बाद उस कोशिका का अतीत देख सकते हैं और समझ सकते हैं कि पहले कौन-कौन से जीन सक्रिय थे और उन्होंने आगे चलकर क्या असर डाला।
इस तकनीक का इस्तेमाल खासतौर पर फेफड़ों के कैंसर पर किया गया। शोध में पाया गया कि कुछ कैंसर कोशिकाएं दवा दिए जाने से पहले ही ऐसी स्थिति में होती हैं, जो उन्हें बाद में दवा के असर से बचने में मदद करती है। इन कोशिकाओं को “पर्सिस्टर सेल्स” कहा जाता है।
टाइम वोल्ट की मदद से वैज्ञानिकों ने ऐसे कई जीन की पहचान की, जो पहले नजर नहीं आते थे, लेकिन ड्रग रेजिस्टेंस विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब इन जीन को टारगेट किया गया, तो दवा के असर से बचने वाली कोशिकाओं की संख्या कम हो गई।
यह खोज कैंसर के इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब वैज्ञानिक पहले से ही यह अनुमान लगा सकते हैं कि कौन-सी कोशिकाएं आगे चलकर दवा से बच सकती हैं, और उसी हिसाब से इलाज की रणनीति तैयार कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, टाइम वोल्ट ने जीव विज्ञान में एक नई खिड़की खोल दी है। अब कोशिकाएं सिर्फ अपनी मौजूदा हालत ही नहीं, बल्कि अपना अतीत भी “सहेजकर” रख सकती हैं—और यही जानकारी भविष्य में बेहतर इलाज के लिए वरदान साबित हो सकती है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन उद्यम प्रतिनिधिमंडलों की विदेश यात्रा को बढ़ावा देगा
बीजिंग, 31 मार्च (आईएएनएस)। जटिल और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार स्थिति का सामना करते हुए, चीन में राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन प्रणाली ने विदेशी व्यापार को स्थिर करने के अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है।
31 मार्च को, देश की राजधानी पेइचिंग में चीन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) ने मार्च की नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें प्रवक्ता वांग कुआन्नान ने कहा कि सीसीपीआईटी चीनी उद्यम प्रतिनिधिमंडलों की विदेश यात्रा की गुणवत्ता, दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाएगी, उद्यमों को विदेशों में प्रदर्शनियों में भाग लेने और उन्हें आयोजित करने में सहायता करेगी, उद्यमों के विदेशी बाजारों में विस्तार और वैश्विक औद्योगिक लेआउट को बढ़ावा देने के प्रयासों का समन्वय करेगी, और चीनी व विदेशी उद्यमों के बीच अधिक घनिष्ठ एवं वास्तविक साझेदारी को बढ़ावा देगी, ताकि चीनी अवसरों को वैश्विक अवसरों में बदल सके।
वांग कुआन्नान के अनुसार, चीन का नया संशोधित विदेश व्यापार कानून 1 मार्च से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। अध्याय नौ विशेष रूप से विदेशी व्यापार संवर्धन को विनियमित करता है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चीनी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन संगठन चार्टर के अनुसार, बाहरी संपर्क स्थापित करेंगे, प्रदर्शनियों का आयोजन करेंगे, सूचना और परामर्श सेवाएं प्रदान करेंगे, और अन्य विदेशी व्यापार संवर्धन गतिविधियों में संलग्न होंगे।
गौरतलब है कि इधर के सालों में, राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन संगठनों द्वारा संगठित उद्यमों की विदेश यात्रा कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है, अधिक से अधिक कंपनियां अपने वैश्विक विस्तार के प्रयासों को तेज कर रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में, सीसीपीआईटी ने निरीक्षण और संवाद के लिए 92 देशों और क्षेत्रों में 2,144 प्रतिनिधिमंडलों को संगठित किया, जबकि क्वांगतोंग और शानतोंग में व्यापार संवर्धन संगठनों ने क्रमशः 94 और 75 उद्यम प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















