पेइचिंग : चीन के पहले टैप डांस नाटक ताशी श्याचुओ का प्रीमियर
बीजिंग, 31 मार्च (आईएएनएस)। चीन के पहले टैप डांस नाटक ताशी श्याचुओ का प्रीमियर 28 और 29 मार्च को पेइचिंग स्थित सेंट्रल ओपेरा हाउस में हुआ। यह नाटक न केवल राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत ल्हात्से तुइश्येइ नृत्य को मंच पर लाता है, बल्कि पेइचिंग और शीत्सांग के कलाकारों के संयुक्त प्रदर्शन के तहत नए युग में शीत्सांग के विभिन्न जातीय समूहों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे की कहानी भी बताती है।
तिब्बती भाषा में ताशी श्याचुओ का अर्थ शुभ नृत्य है और इसमें दो मुख्य पात्रों, ताशी और श्याचुओ के नाम भी शामिल हैं। यह नाटक दो पीढ़ियों और शीत्सांग के बीच बनी गहरी दोस्ती को दर्शाता है, नए युग में शीत्सांग के विभिन्न जातीय समूहों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे की मार्मिक कहानी प्रस्तुत करता है।
तुइश्येइ तिब्बती टैप नृत्य है, और ल्हात्से तुइश्येइ का इतिहास 700 वर्षों से अधिक पुराना है, जो शीत्सांग के सबसे अधिक प्रतिनिधि करने वाले लोक नृत्यों में से एक है।
यह उल्लेखनीय है कि 28 मार्च शीत्सांग में दस लाख दासों की मुक्ति की वर्षगांठ है। नृत्य नाटक के निर्देशक और ल्हासा गीत एवं नृत्य मंडली के प्रमुख वेई तोंग ने कहा कि इस नृत्य नाटक का प्रीमियर इसी दिन होना था, जिसका विशेष महत्व है।
बताया जाता है कि प्रीमियर के बाद, यह नृत्य नाटक चीन के कई स्थानों का दौरा करने और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का पता लगाने की योजना बना रहा है, ताकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से नए युग में शीत्सांग के विकास की कहानी बताई जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ब्रिक्स बैठक में शामिल होने मई में भारत आ सकते हैं लावरोव
मास्को, 31 मार्च (आईएएनएस)। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मई में ब्रिक्स बैठक में शामिल होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर भारत आ सकते हैं। यह जानकारी रूस के उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको के हवाले से स्थानीय मीडिया ने दी है।
लावरोव 14–15 मई को होने वाली ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे।
रुडेंको के अनुसार, इस बैठक में उन प्रमुख दस्तावेजों की रूपरेखा तय की जाएगी जिन्हें भारत अपनी अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत करेगा।
रूस की टीएएसएस न्यूज एजेंसी ने रुडेंको के हवाले से बताया कि ब्रिक्स कार्यक्रमों के इतर लावरोव की एक अलग द्विपक्षीय यात्रा भी प्रस्तावित है, जिसके तहत वे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” रखा गया है। जो नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो डी जिनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिए गए ‘मानवता प्रथम और जन-केंद्रित’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।
23 मार्च को आयोजित एक सम्मेलन में जयशंकर ने कहा था कि भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान रूस के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि साझा वैश्विक चुनौतियों का संतुलित और समावेशी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में ब्रिक्स, एससीओ, जी20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी, जबकि पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह ब्रिक से ब्रिक्स बन गया। हाल के वर्षों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया इसके पूर्ण सदस्य बने हैं, जबकि कई अन्य देश साझेदार के रूप में जुड़े हैं।
--आईएएनएस
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