मौत के मुंह से खींच लाई लोहे की रेलिंग, रोंगटे खड़े कर देने वाला एक्सीडेंट वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक बड़ा ट्रक अचानक आउट ऑफ कंट्रोल हो जाता है और मौत के बिल्कुल करीब पहुंचकर वापस लौट आता है. यह पूरी घटना सड़क किनारे लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है. वीडियो में दिख रहा है कि एक ढलान वाली डबल लेन सड़क पर सामने से एक ट्रक काफी तेज रफ्तार में आ रहा है. टर्निंग पर आते ही अचानक ट्रक का बैलेंस बिगड़ जाता है क्योंकि उसके ब्रेक फेल हो चुके होते हैं.
रेलिंग ने बचा ली दो लोगों की जिंदगी
जैसे ही ट्रक टर्निंग पर मुड़ने की कोशिश करता है, वह सीधा सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से जा टकराता है. वीडियो के उस मंजर को देखकर एक पल के लिए ऐसा लगता है कि अब ट्रक रेलिंग तोड़कर सीधे गहरी खाई में जा गिरेगा. लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ जिसे लोग कुदरत का करिश्मा और बेहतरीन इंजीनियरिंग का नमूना मान रहे हैं. सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग इतनी ज्यादा मजबूत थी कि ट्रक के इतनी जोर से टकराने के बाद भी वह नहीं टूटी. बल्कि उस रेलिंग ने ट्रक के भारी दबाव को झेलते हुए उसे वापस सड़क की तरफ ही धकेल दिया.
हादसे के बाद सुरक्षित बाहर निकले ड्राइवर और हेल्पर
जैसे ही रेलिंग के सपोर्ट से ट्रक को सहारा मिला, वह एकदम से सड़क के किनारे पर ही रुक गया. ट्रक के रुकते ही कुछ ही सेकंड के अंदर ट्रक का सहायक यानी हेल्पर और फिर तुरंत ही ड्राइवर घबराहट में बाहर निकलते दिखाई देते हैं. दोनों पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रहे हैं. जिस तरह का यह हादसा था, वह अपने आप में बेहद भयावह था. अगर वह रेलिंग जरा भी कमजोर होती, तो ट्रक सीधे पहाड़ से नीचे खाई में होता और किसी की भी जान बचना नामुमकिन था. लेकिन सही समय पर रेलिंग के सपोर्ट ने एक बड़ा हादसा टाल दिया.
अंबाजी के त्रिशूलिया घाट का बताया जा रहा वीडियो
इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि यह घटना गुजरात के अंबाजी के पास स्थित त्रिशूलिया घाट की है. यह इलाका अपनी घुमावदार सड़कों और खतरनाक मोड़ों के लिए जाना जाता है. हालांकि, न्यूज नेशन इस वीडियो की सत्यता या स्थान की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता है. लेकिन जिस तरह से यह वीडियो सामने आया है, उसने सड़क सुरक्षा और निर्माण की क्वालिटी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. लोग इस वीडियो को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जमकर शेयर कर रहे हैं.
गुजरात अंबाजी के पास त्रिशूलिया घाट पर एक ट्रक की ब्रेक फेल होने से दुर्घटना हुई,
— Dixit Soni (@DixitGujarat) March 31, 2026
क्रैश बैरियर रेलिंग की मजबूती के कारण ट्रक खाई में गिरने से बच गया और ड्राइवर सुरक्षित रहा।..#CCTV #viralvídeo #AccidentNews pic.twitter.com/1GXobL8MSS
कॉन्ट्रैक्टर की ईमानदारी और काम की हो रही तारीफ
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का सारा ध्यान उस कॉन्ट्रैक्टर पर चला गया है, जिसने इस सड़क और रेलिंग का निर्माण किया है. आमतौर पर सरकारी कामों में भ्रष्टाचार और खराब क्वालिटी की खबरें आती रहती हैं, लेकिन यहां मामला एकदम उल्टा है. लोग कह रहे हैं कि अगर हर कॉन्ट्रैक्टर इसी तरह ईमानदारी से मजबूत रेलिंग बनाए, तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. हर कोई उस शख्स की तारीफ कर रहा है जिसने क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया, जिसके कारण आज दो लोगों की जान बच गई.
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दिल्ली पुलिस की बड़ी उपलब्धि, सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड पर पहला स्थान बरकरार
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर टेक्नोलॉजी-आधारित पुलिसिंग और डेटा गवर्नेंस में अपनी लीडरशिप साबित की है। दिल्ली पुलिस ने सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही सीसीटीएनएस ऑपरेशन्स के लिए प्रतिष्ठित आईएसओ 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम (क्यूएमएस) सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है।
दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार तीन महीनों तक 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया था और जनवरी 2026 में भी शीर्ष स्थान बनाए रखा। इसी शानदार निरंतरता को बनाए रखते हुए फरवरी 2026 में भी दिल्ली पुलिस ने पहला स्थान हासिल किया, जो डिजिटल पुलिसिंग और डेटा मैनेजमेंट में उसकी लगातार उत्कृष्टता को दर्शाता है।
यह उपलब्धि संगठन की नवीन न्याय संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने और अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म का मजबूती से उपयोग करने के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड को गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो मॉनिटर करते हैं। इस डैशबोर्ड के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन डेटा की गुणवत्ता, समय पर अपडेट, मात्रा और सटीकता के आधार पर किया जाता है। इसमें पुलिस थानों की कनेक्टिविटी, डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, डेटा एंट्री, पुराना डेटा माइग्रेशन, स्टेट और नेशनल डेटा सेंटर में डेटा सिंक्रोनाइजेशन जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, एफआईआर की इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन, नागरिक सेवाएं, और आईसीजेएस की नियमित समीक्षा बैठकें भी महत्वपूर्ण मानक हैं।
दिल्ली पुलिस लगातार शीर्ष स्थान हासिल करने में सक्षम रही क्योंकि हर जिले और इकाई में डेटा की अनुशासन, समन्वय और समय पर अपडेट की प्रक्रिया बहुत सख्त है। इस उपलब्धि को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को आईएसओ 9001:2015 क्यूएमएस सर्टिफिकेशन भी मिला है। यह सर्टिफिकेशन सीसीटीएनएस ऑपरेशन्स की पूरी प्रक्रिया को कवर करता है, जिसमें डिजिटल क्राइम रिकॉर्ड्स जैसे एफआईआर, शिकायतें, जांच रिकॉर्ड्स, अंतर-राज्य डेटा शेयरिंग और सभी पुलिस स्टेशनों और जिलों में सहज इंटीग्रेशन शामिल है।
इस सफलता के पीछे क्राइम ब्रांच सीसीटीएनएस टीम का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने डेटा की गुणवत्ता और अनुपालन की लगातार निगरानी की, जिलों और पुलिस थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय किया, तकनीकी और प्रक्रियागत चुनौतियों को समय पर हल किया और लगातार ट्रेनिंग और गाइडेंस प्रदान की।
जिलों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही है। सभी पुलिस जिलों ने समयसीमा का सख्ती से पालन किया, जांच रिकॉर्ड्स को सही समय पर अपडेट किया, डेटा का प्रभावी डिजिटाइजेशन किया और तकनीकी टीमों के साथ मजबूत समन्वय बनाए रखा।
इस उपलब्धि में कई वरिष्ठ अधिकारियों का योगदान भी अहम रहा। डीसीपी आदित्य गौतम ने रणनीतिक मार्गदर्शन दिया और सुनिश्चित किया कि कार्य राष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो। एसीपी मुकेश राठी ने ऑपरेशनल समन्वय और जिलों के बीच संचार सुनिश्चित किया। इंस्पेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने रियल-टाइम मॉनिटरिंग और समस्या समाधान में मदद की। इनकी संयुक्त कोशिशों ने डेटा की गुणवत्ता, सिस्टम की क्षमता और निरंतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने सभी जिलों, इकाइयों और क्राइम ब्रांच सीसीटीएनएस टीम को बधाई दी और उनकी मेहनत, प्रोफेशनलिज्म और टीमवर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी उच्च मानक की तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग बनाए रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस भविष्य में भी तकनीक और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग कर जनता को बेहतर सेवाएं देने, एक सुरक्षित और जवाबदेह पुलिसिंग सिस्टम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
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