पीएमएवाई-जी योजना के तहत पूरा हुआ करीब 3 करोड़ ग्रामीण घरों का निर्माण: सरकार
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत अब तक लगभग 3 करोड़ ग्रामीण घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। योजना के पहले और दूसरे चरण में कुल 4.15 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 3.90 करोड़ घर स्वीकृत किए गए और 2.99 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं।
सरकार के अनुसार, घरों के निर्माण और लाभार्थियों को समय पर सहायता देने के लिए अब तक कुल 4,03,886 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है। इस योजना के तहत 2029 तक कुल 4.95 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह योजना लाभार्थी-आधारित है, जिसमें परिवार खुद अपने घर का निर्माण करते हैं और वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना को मजबूत बनाने के लिए घरों की जियो-टैगिंग की जाती है, जिसमें समय और तारीख के साथ फोटो अपलोड की जाती हैं। इससे निर्माण कार्य की रियल-टाइम निगरानी संभव हो पाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि घर तय मानकों के अनुसार बनाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी टूल्स का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे गड़बड़ियों की पहचान की जा सके और धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके। आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम से पारदर्शिता और बढ़ाई गई है।
सरकार ने बताया कि इस योजना को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जल जीवन मिशन और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अन्य योजनाओं के साथ भी जोड़ा गया है ताकि लाभार्थियों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकें।
पिछले 10 वर्षों में पीएमएवाई-जी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और हर साल बड़ी संख्या में घरों का निर्माण पूरा हुआ है, जो इसकी स्थिर प्रगति को दर्शाता है।
एआई और मशीन लर्निंग तकनीकों के इस्तेमाल से निगरानी और ज्यादा सटीक हो गई है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जीवाड़े की संभावना कम हुई है।
एआई मॉडल्स घरों की तस्वीरों के जरिए दीवार, छत, दरवाजे और खिड़कियों जैसी चीजों की पहचान करते हैं और सही तस्वीर को मंजूरी के लिए चुनते हैं, ताकि केवल पूरी तरह तैयार घरों को ही पूर्ण माना जाए।
लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित-एआई फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल योग्य लोगों को ही योजना का लाभ मिले। इसके तहत आंख झपकने और मूवमेंट डिटेक्शन जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह पुष्टि होती है कि सत्यापन प्रक्रिया असली और लाइव है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होर्मुज को लेकर ट्रंप की धमकियों के बाद कुवैती तेल से लदे टैंकर पर ईरान ने ड्रोन से किया हमला
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने कुवैत के एक तेल टैंकर पर हमला किया है। इस हमले की पुष्टि कुवैत के लोगों ने की है। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि इस हमले में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसके साथ ही दुबई के पानी में तेल से भरे टैंकर पर हमले के बाद किसी लीक या किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला गया तो वे उसकी तेल फैसिलिटी को उड़ा देंगे। ट्रंप की इस धमकी के बाद ही कुवैती तेल टैंकर पर हमले की जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, ट्रंप की धमकी को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी सेना हमेशा कानून का पालन करेगी। इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करना एक युद्ध अपराध हो सकता है।
दुबई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रिस्पॉन्स टीमों ने दुबई के पानी में कुवैती तेल टैंकर से जुड़ी घटना को सफलतापूर्वक काबू कर लिया है, जिसमें कोई लीक नहीं हुआ और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
इससे पहले, कुवैत की सरकारी न्यूज एजेंसी कूना ने बताया दुबई के पास खड़े बड़े क्रूड कैरियर अल-सलमी पर ईरानी सेना ने हमला किया था। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने तेल लीक की संभावना की चेतावनी दी थी।
ब्रिटेन की मैरीटाइम अथॉरिटी (यूकेएमटीओ) के मुताबिक, जहाज दुबई से 31 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में हमले का शिकार हुआ था। इस हमले से जहाज में आग लग गई, जिसे बाद में दुबई के अधिकारियों ने बुझा दिया। अधिकारियों ने बताया कि अब आग पर काबू पा लिया गया है।
दूसरी तरफ चीन ने अमेरिका-इजरायल से ईरान के खिलाफ जारी हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई बंद कर शांति बनाए रखने का अनुरोध करता है।
इसके साथ ही चीन ने परमाणु संयंत्रों और 133 ऐतिहासिक स्थलों को पहुंचे नुकसान को भी अफसोसनाक बताया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा, दुनिया की सांस्कृतिक धरोहर पूरी इंसानियत के लिए एक बेशकीमती संपत्ति है। चीन को इस बात का बहुत अफसोस है कि संघर्ष के दौरान ईरान की सांस्कृतिक निशानियों और स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, उन्होंने चीन ने परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे कदम बेहद खतरनाक हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















