Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर करें बजरंगबली के 108 नामों का जाप, दूर होगा मांगलिक दोष!
Hanuman Jayanti 2026: पंचांग के अनुसार, इस साल हनुमान जयंती का पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला है. हनुमान जी कलियुग के देवता माने जाते हैं. हनुमान जी जिन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है. हनुमान जयंती के अवसर पर हमें उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए. दरअसल, यह पर्व बजरंगबली के जन्म का उत्सव होता है. हनुमान जी की पूजा में हमें उनके 108 नामों का जाप भी करना चाहिए. मान्यता है कि इसे करने से हनुमान जी जीवन के सभी कष्ट दूर कर देते हैं. आइए पढ़ते हैं हनुमान जी के नाम.
हनुमान जयंती का महत्व (Hanuman Jayanti 2026 Significance)
द्रिक पंचांग के अनुसार, मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा पर मंगलवार के दिन सूर्योदय उपरान्त हुआ था. उनका जन्म चित्रा नक्षत्र तथा मेष लग्न में हुआ था. हनुमान जी को महावीर, बजरंगबली, आंजनेय, पवनपुत्र, अंजनीपुत्र, केसरी नंदन और मारुति आदि पवित्र नामों से भी जाना जाता है. उन्हें वायुदेव के पुत्र के रूप में भी वर्णित किया गया है. भगवान हनुमान आजीवन ब्रह्मचारी हैं. हनुमान जी ने अपना समस्त जीवन भगवान राम की सेवा में समर्पित कर दिया तथा उन्होंने कभी विवाह नहीं किया.
हनुमान जी के अवतार एवं स्वरूप
पंचमुखी हनुमान स्वरूप, हनुमान जी के लोकप्रिय रूपों में से एक है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान हनुमान ने महिरावण नामक दैत्य का संहार करने हेतु पंचमुखी हनुमान धारण किया था. पंचमुखी अर्थात, हनुमान जी का पांच मुखों वाला स्वरूप, इसमें उत्तर दिशा की ओर श्री वराह, दक्षिण दिशा की ओर श्री नृसिंह, पश्चिम दिशा की ओर श्री गरुड, आकाश की ओर श्री हयग्रीव तथा पूर्व दिशा की ओर स्वयं हनुमान जी का श्रीमुख होता है.
हनुमान जी के 108 नाम (Hanuman Ji Ke 108 Naam)
1. ॐ पूर्णवैराग्यसागराय नमः
2. ॐ पूर्णानन्दाय नमः
3. ॐ पूर्णसत्वाय नमः
4. ॐ द्वैतशास्त्रप्रणेत्रे नमः
5. ॐ वेदव्यासमतानुगाय नमः
6. ॐ दुर्वादिगजसिंहस्य तर्कशास्त्रस्य खण्डनाय नमः
7. ॐ साङ्ख्यशास्त्रस्य दूषकाय नमः
8. ॐ बौद्धागमविभेत्त्रे नमः
9. ॐ यतिरूपाय नमः
10. ॐ महामतये नमः
11. ॐ पूर्णबोधाय नमः
12. ॐ व्यासशिष्याय नमः
13. ॐ द्रौपदीप्राणवल्लभाय नमः
14. ॐ दुर्योधननिहन्त्रे नमः
15. ॐ सौगन्धिकापहर्त्रे न
16. ॐ जरासन्धविमर्दनाय नमः
17. ॐ कीचकमर्दनाय नमः
18. ॐ विराटनगरे गूढचराय नमः
19. ॐ बहुकान्तिमते नमः
20. ॐ पाण्डुपुत्राय नमः
21. ॐ पाञ्चाल्युद्वाहसञ्जातसम्मोदाय नमः
22. ॐ कुलालगृहमध्यगाय नमः
23. ॐ नित्यं भिक्षाहाररताय नमः
24. ॐ तद्ग्रामपरिरक्षकाय नमः
25. ॐ बलासुरवधोद्युक्ताय नमः
26. ॐ धनञ्जयसहायवते नमः
27. ॐ पाण्डुपुत्राय नमः
28. ॐ हिडिम्बासुरमर्दनाय नमः
29. ॐ लाक्षागृहाद्विनिर्मुक्ताय नमः
30. ॐ भीमपराक्रमाय नमः
31. ॐ भीमाय नमः
32. ॐ कुन्तीगर्भसमुत्पन्नाय नमः
33. ॐ रामकार्यधुरन्धराय नमः
34. ॐ रामाभिषेकलोलाय नमः
35. ॐ भरतानन्दवर्धनाय नमः
36. ॐ लोहितास्याय नमः
37. ॐ रामपादसमीपस्थाय नमः
38. ॐ लक्ष्मणप्राणरक्षकाय नमः
39. ॐ कपीनां प्राणदात्रे नमः
40. ॐ सञ्जीवाचलभेदकाय नमः
41. ॐ रामवाहनरूपाय नमः
42. ॐ सर्वभूतभयापहाय नमः
43. ॐ महादर्पाय नमः
44. ॐ लोकनाथाय नमः
45. ॐ लोकरञ्जकाय नमः
46. ॐ सुरेशाय नमः
47. ॐ सर्वलोकेशाय नमः
48. ॐ बुद्धिमते नमः
49. ॐ शब्दशास्त्रविशारदाय नमः
50. ॐ महावेगाय नमः
51. ॐ मुख्यप्राणाय नमः
52. ॐ ज्ञानदोत्तमाय नमः
53. ॐ सर्वज्ञाय नमः
54. ॐ सर्वशास्त्रसुसम्पन्नाय नमः
55. ॐ कनकाङ्गदभूषणाय नमः
56. ॐ कौपीनकुण्डलधराय नमः
57. ॐ प्रियदर्शकाय नमः
58. ॐ श्रीवश्याय नमः
59. ॐ चूडामणिप्रदात्रे नमः
60. ॐ कपियूथप्ररञ्जकाय नमः
61. ॐ कपिराजाय नमः
62. ॐ तीर्णाब्धये नमः
63. ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः
64. ॐ दशास्यसल्लापपराय नमः
65. ॐ अव्ययाय नमः
66. ॐ ब्रह्मास्त्रवशगाय नमः
67. ॐ दशकण्ठसुतघ्नाय नमः
68. ॐ पञ्चसेनाग्रमर्दनाय नमः
69. ॐ वीराय नमः
70. ॐ मन्त्रिपुत्रहराय नमः
71. ॐ अशोकवननाशकाय नमः
72. ॐ दिव्याय नमः
73. ॐ महारूपधराय नमः
74. ॐ सीताहर्षविवर्धनाय नमः
75. ॐ रामाङ्गुलिप्रदात्रे नमः
76. ॐ सीतामार्गणतत्पराय नमः
77. ॐ देवाय नमः
78. ॐ लङ्कामोक्षप्रदाय नमः
79. ॐ छायाग्रहनिवारकाय नमः
80. ॐ मैनाकगर्वभङ्गाय नमः
81. ॐ सिंहिकाप्राणनाशकाय नमः
82. ॐ सीताशोकविनाशिने नमः
83. ॐ श्रीरामकिङ्कराय नमः
84. ॐ पुण्याय नमः
85. ॐ वृक्षधराय नमः
86. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
87. ॐ महागुरवे नमः
88. ॐ पूर्णप्रज्ञाय नमः
89. ॐ महाभीमाय नमः
90. ॐ पूर्णप्रज्ञाय नमः
91. ॐ मुख्यप्राणाय नमः
92. ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः
93. ॐ ब्रह्मण्याय नमः
94. ॐ महारूपाय नमः
95. ॐ महासत्त्वाय नमः
96. ॐ वज्रप्रहारवते नमः
97. ॐ वज्रिणे नमः
98. ॐ महाकायाय नमः
99. ॐ सूर्यश्रेष्ठाय नमः
100. ॐ केसरीनन्दनाय नमः
101. ॐ सूरिणे नमः
102. ॐ हरिश्रेष्ठाय नमः
103. ॐ रामदूताय नमः
104. ॐ महाबलाय नमः
105. ॐ वायुसूनवे नमः
106. ॐ अञ्जनापुत्राय नमः
107. ॐ हनुमते नमः
108. ॐ महाहनवे नमः।।
Delhi-NCR Ka Mausam: राजधानी समेत कई हिस्सों में अचानक बदला मौसम, बारिश और आंधी का अलर्ट
Delhi-NCR Ka Mausam: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में आज यानी मंगलवार दोपहर से मौसम एकदम से बदल गया है. दिन की शुरुआत तो तेज और चुभने वाली धूप के साथ हुई थी, लेकिन 12 बजे के बाद ही आसमान में अचानक काले बादलों ने डेरा डाल दिया. देखते ही देखते दिल्ली के कई इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगीं और कुछ जगहों पर हल्की बूंदा-बांदी भी हुई है. इस अचानक आए बदलाव से दिल्ली वालों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है. दोपहर के बाद से ही मौसम काफी सुहाना हो गया है और सड़कों पर चलने वाले लोगों को धूप से निजात मिली है.
पश्चिमी विक्षोभ का दिख रहा है असर
मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) है. इसी कारण से मैदानी इलाकों में मौसम ने पलटी मारी है. सुबह के वक्त जहां पारा ऊपर जा रहा था, वहीं अब बादलों के आने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि मार्च के आखिरी दिनों में पहाड़ों पर होने वाली हलचल का असर दिल्ली और आसपास के राज्यों पर पड़ेगा. इसी का नतीजा है कि आज दोपहर बाद ही पूरे एनसीआर में अंधेरा सा छा गया और सुहावनी हवाएं चलने लगीं.
अगले कुछ घंटों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने मंगलवार की शाम और रात के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. विभाग का कहना है कि शाम होते-होते आंधी-तूफान की तीव्रता बढ़ सकती है. दिल्ली और आसपास के शहरों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. इस हफ्ते की शुरुआत से ही मौसम के तेवर कुछ ऐसे ही बने हुए हैं. सोमवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था और अब मंगलवार को भी इंद्रदेव मेहरबान नजर आ रहे हैं.
अगले दो-तीन दिन कैसा रहेगा हा
आईएमडी (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ और दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है. अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. हालांकि, विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस पूरे हफ्ते में धूप और बारिश के बीच लुका-छिपी का खेल जारी रहेगा. यानी कभी तेज धूप परेशान करेगी, तो कभी अचानक होने वाली बारिश राहत बनकर आएगी. कुल मिलाकर यह हफ्ता मिला-जुला रहने वाला है.
दूसरे राज्यों में भी बारिश की आशंका
मौसम का यह बदलाव सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है. उत्तर भारत के कई दूसरे राज्यों में भी मौसम विभाग ने बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई जिलों में आज और कल बारिश के आसार बने हुए हैं. इन राज्यों में किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि अचानक तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण पूरे उत्तर भारत के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे फिलहाल गर्मी के तेवर नरम पड़ गए हैं.
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