Delhi-NCR Ka Mausam: राजधानी समेत कई हिस्सों में अचानक बदला मौसम, बारिश और आंधी का अलर्ट
Delhi-NCR Ka Mausam: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में आज यानी मंगलवार दोपहर से मौसम एकदम से बदल गया है. दिन की शुरुआत तो तेज और चुभने वाली धूप के साथ हुई थी, लेकिन 12 बजे के बाद ही आसमान में अचानक काले बादलों ने डेरा डाल दिया. देखते ही देखते दिल्ली के कई इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगीं और कुछ जगहों पर हल्की बूंदा-बांदी भी हुई है. इस अचानक आए बदलाव से दिल्ली वालों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है. दोपहर के बाद से ही मौसम काफी सुहाना हो गया है और सड़कों पर चलने वाले लोगों को धूप से निजात मिली है.
पश्चिमी विक्षोभ का दिख रहा है असर
मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) है. इसी कारण से मैदानी इलाकों में मौसम ने पलटी मारी है. सुबह के वक्त जहां पारा ऊपर जा रहा था, वहीं अब बादलों के आने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि मार्च के आखिरी दिनों में पहाड़ों पर होने वाली हलचल का असर दिल्ली और आसपास के राज्यों पर पड़ेगा. इसी का नतीजा है कि आज दोपहर बाद ही पूरे एनसीआर में अंधेरा सा छा गया और सुहावनी हवाएं चलने लगीं.
अगले कुछ घंटों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने मंगलवार की शाम और रात के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. विभाग का कहना है कि शाम होते-होते आंधी-तूफान की तीव्रता बढ़ सकती है. दिल्ली और आसपास के शहरों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. इस हफ्ते की शुरुआत से ही मौसम के तेवर कुछ ऐसे ही बने हुए हैं. सोमवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था और अब मंगलवार को भी इंद्रदेव मेहरबान नजर आ रहे हैं.
अगले दो-तीन दिन कैसा रहेगा हा
आईएमडी (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ और दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है. अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. हालांकि, विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस पूरे हफ्ते में धूप और बारिश के बीच लुका-छिपी का खेल जारी रहेगा. यानी कभी तेज धूप परेशान करेगी, तो कभी अचानक होने वाली बारिश राहत बनकर आएगी. कुल मिलाकर यह हफ्ता मिला-जुला रहने वाला है.
दूसरे राज्यों में भी बारिश की आशंका
मौसम का यह बदलाव सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है. उत्तर भारत के कई दूसरे राज्यों में भी मौसम विभाग ने बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई जिलों में आज और कल बारिश के आसार बने हुए हैं. इन राज्यों में किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि अचानक तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण पूरे उत्तर भारत के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे फिलहाल गर्मी के तेवर नरम पड़ गए हैं.
भारत में 2025 में प्रति यूजर औसत मासिक डेटा उपभोग 31 जीबी से अधिक रहा
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत में डेटा का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और 2025 में प्रति यूजर औसत मासिक डेटा उपभोग बढ़कर 31 जीबी के पार पहुंच गया है। बीते पांच वर्षों में इसमें 18 प्रतिशत के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से वृद्धि देखी गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी नई रिपोर्ट में दी गई।
नोकिया द्वारा जारी मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स के लेटेस्ट एडिशन में बताया गया है कि कैसे 5जी की बढ़ती लोकप्रियता और डेटा-हेवी एप्लीकेशन के बढ़ते उपयोग से देश भर में डेट के इस्तेमाल में वृद्धि हो रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय पहले से कहीं अधिक डेटा का उपभोग कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण 4के वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग और एआई-आधारित एप्लीकेशन जैसी सर्विसेज हैं।
भारत में कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 2025 में 27 एक्सबाइट प्रति माह से अधिक हो गया। इसमें से अकेले 5जी का योगदान लगभग 47 प्रतिशत था, जिसका ट्रैफिक सालाना आधार पर 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्सबाइट प्रति माह तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मेट्रो शहर 5जी को अपनाने में सबसे आगे हैं और अब कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई है।
साथ ही, इसका प्रसार छोटे शहरों में भी तेजी से हो रहा है, जो दर्शाता है कि 5जी अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है,
इस बदलाव में भारत का डिवाइस इकोसिस्टम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2025 में सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 892 मिलियन थी, जिनमें से 383 मिलियन से अधिक उपकरण पहले से ही 5जी-सक्षम हैं।
इसके अतिरिक्त, वर्ष के दौरान बेचे गए 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन 5जी को सपोर्ट करते थे, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए 5जी में बदलाव आसान हो गया।
रिपोर्ट में भविष्य में नेटवर्क की मांग को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया गया है और बताया कि जैसे-जैसे एआई-आधारित एप्लिकेशन और डिजिटल अनुभव अधिक आम होते जा रहे हैं, दूरसंचार नेटवर्क को उच्च डेटा लोड, कम विलंबता और अधिक जटिल कंप्यूटिंग आवश्यकताओं को संभालने के लिए विकसित होने की आवश्यकता होगी।
भविष्य की बात करें तो, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत में 5जी ग्राहकों की संख्या 2031 तक 1 अरब से अधिक हो सकती है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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