ग्रामीण भारत के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए ईग्रामस्वराज के जरिए किया गया 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि देश की ग्राम पंचायतों ने ईग्रामस्वराज प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक कुल 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। साथ ही, एआई-आधारित सभासार मीटिंग टूल अब 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो गया है।
ईग्रामस्वराज के जरिए भुगतान सीधे वेंडर्स और सेवा प्रदाताओं को रियल-टाइम में किया जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकती है। यह प्लेटफॉर्म सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) से जुड़ा हुआ है, जिससे पंचायत स्तर पर योजना, लेखांकन और खर्च की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो गई है।
इस सिस्टम ने नकद और कागज-आधारित पुराने तरीकों की जगह तेज, जवाबदेह और धोखाधड़ी से सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था को लागू किया है। सरकार ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और समावेशी शासन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
देश की ग्राम पंचायतों में ईग्रामस्वराज प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल गवर्नेंस में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं, एआई-आधारित सभासार टूल ने वित्तीय पारदर्शिता और लोगों की भागीदारी को और मजबूत किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में पंचायत राज संस्थाओं ने ईग्रामस्वराज-पीएफएमएस के जरिए 53,342 करोड़ रुपए का ट्रांसफर किया और 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपने विकास योजनाओं को इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया।
कुल मिलाकर 2,59,798 पंचायत राज संस्थाएं इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं और 2,50,807 संस्थाओं ने वित्त वर्ष 2025-26 में ईग्रामस्वराज के जरिए ऑनलाइन भुगतान किया है। पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.6 करोड़ से ज्यादा वेंडर्स रजिस्टर्ड हैं।
सभासार, जो एक वॉइस-टू-टेक्स्ट मीटिंग समरी टूल है, अगस्त 2025 में लॉन्च किया गया था और अब इसे 13 से बढ़ाकर 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इसमें असमिया, बोडो, डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मणिपुरी, नेपाली, संथाली और सिंधी जैसी भाषाएं भी शामिल की गई हैं ताकि ग्राम सभा की कार्यवाही स्थानीय भाषाओं में रिकॉर्ड की जा सके।
यह टूल मीटिंग की कार्यवाही, उपस्थिति, प्रस्ताव और फैसलों को ऑटोमैटिक तरीके से रिकॉर्ड करता है, जिससे ग्राम सभा की प्रक्रिया ज्यादा आसान और भागीदारीपूर्ण बनती है।
पहले यह प्लेटफॉर्म हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू में उपलब्ध था, लेकिन अब यह देश की भाषाई विविधता को पूरी तरह कवर करता है।
जनवरी 2026 तक 1.11 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतें इस प्लेटफॉर्म का उपयोग मीटिंग की जानकारी रिकॉर्ड करने के लिए कर चुकी हैं, जो ग्रामीण डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान: बलूचिस्तान में सुरक्षाकर्मियों पर हमला, तीन की मौत और चार घायल
क्वेटा, 31 मार्च (आईएएनएस)। अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में दो अलग-अलग हमलों में तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए और चार घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक हमला क्वेटा में पेट्रोलिंग स्क्वॉड पर और दूसरा झाल मगसी स्थित पुलिस स्टेशन पर हुआ।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार शाम को क्वेटा के ईस्टर्न बाईपास इलाके में मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस के ईगल स्क्वॉड के दो लोगों पर हमला हुआ, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने ऑटोमैटिक हथियारों से सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलाईं। पाकिस्तान के जाने-माने अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने हमलावरों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
झाल मगसी जिले के गंडावाह इलाके में कोटरा पुलिस स्टेशन को हथियारबंद लोगों ने निशाना बनाया। भाग रहे हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू करने के बाद एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए। गंडावाह के कोटरा पुलिस स्टेशन के एसएसपी रहमतुल्लाह ने कहा कि हमलावरों ने रॉकेट और दूसरे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया।
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संभावित हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर थी।
यह घटना पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों में कानून लागू करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी के बीच हुई।
पुलिस के मुताबिक, 18 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दीर जिले के गंदीगर के मनो बंदा इलाके में एलीट फोर्स के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को अनजान बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी।
बाचा यूसुफ खान को उनके घर के बाहर अनजान हमलावरों ने निशाना बनाया था। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। डॉन ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि खान नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया था।
पाकिस्तान के जाने-माने मीडिया आउटलेट जियो न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया कि 13 मार्च को, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के बेट्टानी कबीले में एक पुलिस वाहन के पास हुए धमाके में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे। स्थानीय पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि हमले में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और एक घायल हो गया था। घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
--आईएएनएस
केआर/
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