यहूदी कमीडियन ने न्यूयॉर्क मेयर ममदानी के पासओवर इवेंट में शामिल होने की वजह से छोड़ा शो
न्यूयॉर्क, 31 मार्च (आईएएनएस)। यहूदी कमीडियन मोर्दकै रोसेनफेल्ड ने सोमवार को कहा कि वह लोअर मैनहट्टन में होने वाले सालाना पासओवर-थीम वाले इवेंट में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें पता चला है कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी भी इसमें शामिल होने वाले हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इसकी जानकारी दी।
रोसेनफेल्ड को प्रोफेशनली मोडी नाम से जाना जाता है। टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि यहूदी कमीडियन मोडी रोसेनफेल्ड को जब पता चला कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं, तो वह पासओवर इवेंट से बाहर हो गए।
मेयर ममदानी मैनहट्टन में सिटी वाइनरी में आयोजित इवेंट में भाषण दे रहे हैं। वहीं कमीडियन मोडी इजरायली-अमेरिकी हैं, जो इस कार्यक्रम में अपना परफॉर्म करने वाले थे। अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में मोडी ने कहा कि उन्हें आज तक नहीं बताया गया था कि ममदानी इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं।
दरअसल, ममदानी इजरायल के नीतियों और फिलिस्तीन में हमास के खिलाफ नेतन्याहू सरकार की कार्रवाई के खिलाफ रहे हैं। वह इजरायल पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाने वाले बीडीएस (बहिष्कार, विनिवेश, प्रतिबंध) आंदोलन के समर्थक भी रहे हैं।
ममदानी ने अपने मेयर चुनाव कैंपेन के दौरान इजरायल विरोधी विचारों के लिए पहले से ही आलोचनाओं का सामना कर रहे थे। इजरायल नेशनल न्यूज ने बताया कि उन्होंने मेयर बनने के बाद अपने ऑफिस के पहले दिन ही इजरायल से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर रद्द कर दिए, जो उनके पहले के एरिक एडम्स ने जारी किए थे।
ममदानी ने जून 2025 के जिस ऑर्डर को रद्द किया उसमें इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस अलायंस (आईएचआरए) की एंटीसेमिटिज्म की वर्किंग डेफिनिशन को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई थी।
इसके साथ ही, उन्होंने एक अन्य आदेश को भी रद्द कर दिया है। इस आदेश के माध्यम से निर्वाचित मेयर्स और एजेंसी के कर्मचारियों पर इजरायल का बहिष्कार करने या वहां से निवेश वापस लेने (डिसइन्वेस्टमेंट) पर प्रतिबंध लगाया गया था।
इजरायल नेशनल न्यूज के अनुसार, पद संभालने के बाद से ममदानी को कई एंटीसेमिटिज्म विवादों का सामना करना पड़ा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि ममदानी की पत्नी, रमा दवाजी ने कई सोशल मीडिया पोस्ट को लाइक किया था, जिनमें हमास के 7 अक्टूबर, 2023 के नरसंहार की तारीफ की गई थी या उसका समर्थन किया गया था।
इजरायल नेशनल न्यूज ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में, ममदानी को एक रमजान इवेंट में उस आदमी ने होस्ट किया था, जिसने हमास से तेल अवीव पर बमबारी करने की मांग की थी।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ: 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा नया टैक्स सिस्टम, जानिए और क्या-क्या बदलेगा
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत में नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देश के डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा, और इसमें नियमों, शब्दावली और टैक्स व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।
नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब फाइनेंशियल ईयर (एफवाई) और असेसमेंट ईयर (एवाई) की जगह एक ही टैक्स ईयर होगा। इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने और लोगों को ज्यादा स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की समय सीमा में भी बदलाव किया गया है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन वही रहेगी, लेकिन जो लोग ऑडिट के दायरे में नहीं आते (जैसे सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स), उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित फैसले के तहत फ्यूचर्स और ऑप्शंस में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया गया है, जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) क्लेम करने के नियम सख्त किए गए हैं। अब कुछ मामलों में मकान मालिक की जानकारी जैसे पैन देना जरूरी होगा। साथ ही, ज्यादा एचआरए छूट वाले शहरों की सूची में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है।
सरकार ने कर्मचारियों को कुछ राहत भी दी है। मील (भोजन) से जुड़े टैक्स बेनिफिट बढ़ाए गए हैं और टैक्स-फ्री गिफ्ट की सालाना सीमा भी बढ़ाई गई है। पुराने टैक्स सिस्टम में बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट भी बढ़ाई गई है।
अब शेयर बायबैक पर टैक्स डिविडेंड की जगह कैपिटल गेन के रूप में लगेगा, जिससे निवेशकों पर असर पड़ेगा। वहीं, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल उन्हीं बॉन्ड्स पर मिलेगी जो मूल इश्यू के दौरान खरीदे गए हों।
नए नियमों के तहत अब डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर लिए गए कर्ज के ब्याज को टैक्स में छूट के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकेगा।
अब टैक्सपेयर्स एक ही घोषणा पत्र जमा करके कई इनकम स्रोतों पर टीडीएस से बच सकते हैं। एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस काटने के लिए अब टीएएन की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ पैन से काम हो जाएगा।
विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी टीसीएस कम किया गया है।
अब टैक्सपेयर्स को रिटर्न में सुधार (रिवाइज) करने के लिए 31 मार्च तक का समय मिलेगा, हालांकि दिसंबर के बाद देरी से करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे पर प्राप्त ब्याज को पूरी तरह से कर-मुक्त कर दिया गया है।
वहीं, सरकार ने आकलन वर्ष 2-26-27 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर-1 से आईटीआर-7 तक) नोटिफाई कर दिए हैं, जिससे व्यक्तियों, पेंशनभोगियों और अन्य करदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न दाखिल करना शुरू करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अपडेट किए गए फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म में दो मकानों से होने वाली आय भी दिखाई जा सकती है, जबकि पहले यह सीमा एक मकान तक ही थी। इससे कई करदाताओं के लिए फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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