महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को बंद है शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट में शाम में होगा कारोबार
मुंबई, 31 मार्च (आईएएनएस)। मंगलवार को महावीर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद है। ऐसे में बीएसई और एनएसई पर किसी भी तरह की खरीद-बिक्री या सेटलमेंट की प्रक्रिया नहीं होगी। निवेशकों को अब अगले कारोबारी दिन यानी बुधवार, 1 अप्रैल 2026 तक इंतजार करना होगा, जब बाजार सामान्य रूप से फिर खुलेंगे।
हालांकि 1 अप्रैल को बाजार खुल जाएगा और ट्रेडिंग सामान्य तरीके से होगी, लेकिन इस दिन सेटलमेंट हॉलिडे रहेगा। इसका मतलब यह है कि निवेशक शेयर खरीद या बेच तो सकेंगे, लेकिन पे-इन और पे-आउट, यानी पैसों और शेयरों का वास्तविक निपटान, उसी दिन नहीं होगा, बल्कि बाद में पूरा किया जाएगा।
महावीर जयंती के कारण कमोडिटी बाजार में भी बदलाव देखने को मिलेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सुबह का सेशन पूरी तरह बंद रहेगा, यानी दिन में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक ट्रेडिंग फिर शुरू हो जाएगी। वहीं नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) पूरे दिन के लिए बंद रहेगा।
इसी बीच, निफ्टी का शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी सुबह 9:10 बजे के आसपास करीब 1 प्रतिशत यानी 250 अंक की बढ़त के साथ 22,690 पर ट्रेड करता दिखा, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखने को मिली। एसएंडपी 500 0.39 प्रतिशत गिरा, जबकि नैस्डैक 0.73 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। निक्केई 100 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरा, हैंग सेंग 50 अंक से ज्यादा यानी 0.24 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि कोस्पी करीब 2 प्रतिशत गिर गया।
कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 2.37 प्रतिशत गिरकर 104.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।
इसके साथ ही आपको बताते चलें कि इस सप्ताह निवेशकों के लिए ट्रेडिंग के मौके सीमित रहेंगे। 31 मार्च की छुट्टी के बाद 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को गुड फ्राइडे के कारण फिर से बाजार बंद रहेगा। ऐसे में पूरे हफ्ते में 5 ट्रेडिंग दिनों में से बाजार सिर्फ 3 दिन ही खुलेगा। खास बात यह है कि गुड फ्राइडे के दिन भारत के साथ-साथ अमेरिका जैसे बड़े वैश्विक बाजार भी बंद रहेंगे।
गुड फ्राइडे के बाद अगली बड़ी छुट्टी 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जयंती के मौके पर होगी, जब शेयर बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा साल 2026 में महाराष्ट्र दिवस, बकरी ईद, मुहर्रम, गणेश चतुर्थी, गांधी जयंती, दशहरा, दिवाली, गुरुपर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर भी बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी।
लगातार छुट्टियों के कारण इस हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को ट्रेडिंग और निवेश की योजना बनाते समय इन छुट्टियों और सेटलमेंट नियमों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बेहतर रक्त संचार और आत्मविश्वास के लिए अपनाएं शीर्षासन
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। प्राचीन भारत में योग मुख्य रूप में ऋषि-मुनियों तक ही सीमित था। आम व्यक्ति के जीवन में योग का उतना प्रसार नहीं था, लेकिन समय के साथ योग की महत्ता को समझा गया और आज यह न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में स्वास्थ्य और मानसिक शांति का एक लोकप्रिय माध्यम बन चुका है।
योगासनों में से एक महत्वपूर्ण आसन है शीर्षासन। शीर्षासन दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है। शीर्ष, यानी सिर और आसन, यानी मुद्रा या पोज। इसलिए इसे अंग्रेजी में हेडस्टैंड पोज कहते हैं, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इस आसन में व्यक्ति सिर के बल खड़ा होकर संतुलन बनाता है, जिससे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और मस्तिष्क को ऊर्जा मिलती है।
इस प्रकार, शीर्षासन केवल एक साधारण व्यायाम नहीं है, बल्कि एक ऐसा अभ्यास है जो हमें शारीरिक शक्ति, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास प्रदान करता है। इसका असर त्वचा और बालों पर भी दिखाई देता है, त्वचा में चमक आती है, बालों का झड़ना कम होता है, और कई तरह की त्वचा संबंधित समस्याएं भी धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, शीर्षासन को आसनों का राजा माना जाता है। यह मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाकर एकाग्रता, मानसिक स्पष्टता और याददाश्त को तेज करता है। यह संतुलन, भुजाओं की ताकत और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करने वाला एक उन्नत योग मुद्रा है।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट बिछा लें। उस पर घुटनों के बल बैठकर दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर जमीन पर रखें, फिर अपने सिर को हथेलियों के बीच रखते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाकर संतुलन बनाएं। जब आपके शरीर का वजन आपके सिर और बाजुओं पर महसूस होने लगे, तब घुटनों को मोड़कर धीरे से छाती के पास लाएं। यह पहली बार अभ्यास करने वालों के लिए एक अच्छी शुरुआती मुद्रा है।
शुरुआती लोग 10-30 सेकंड तक रुकें, नियमित अभ्यास से इसे 5 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है। उच्च रक्तचाप, चक्कर आना, गर्दन की समस्या, या मोतियाबिंद वाले व्यक्ति यह आसन न करें।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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