Health Tips: खानपान का रखें ख्याल, डाइट में शामिल करें ये चीज; शरीर के साथ ब्रेन रहेगा हेल्दी
Health Tips: उम्र के हिसाब से मेंटल हेल्थ के लिए हर किसी को अलग तरह की डाइट की आवश्यकता होती है। इस बारे में आपको यहां बता रहे हैं।
टीनएजर्स-यंगस्टर्स
किशोरावस्था और युवावस्था में मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है, इसलिए इनको सही पोषण न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, मूड और स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए भी जरूरी होता है। इन्हें अपनी डाइट में ओमेगा 3 फैटी एसिड जरूर लेना चाहिए। यह ब्रेन के न्यूरांस के निर्माण और संचार में मदद करता है। यह डिप्रेशन, चिंता और याददाश्त की समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायक है। मछली, अलसी (फ्लैक्स सीड्स), चिया सीड, अखरोट और डॉक्टर की सलाह पर फिश ऑयल का सेवन कर सकते हैं। इससे ब्रेन की कोशिकाओं की झिल्ली मजबूत होती है और सीखने की क्षमता बढ़ती है।
एंटीऑक्सिडेंट्स, मस्तिष्क को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से बचाते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी), हरी पत्तेदार सब्जियां, डार्क चॉकलेट, टमाटर, गाजर, शकरकंद में एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार करते हैं। इनके लिए प्रोटीन भी जरूरी है क्योंकि यह न्यूरोट्रांसमीटर्स (जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन) के निर्माण में मदद करता है, जो मूड को स्थिर रखते हैं। अंडे, दाल, छोले, राजमा, चिकन, मछली, दही, पनीर और टोफू इसके प्रमुख स्रोत हैं।
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प्रोटीन से युवाओं के ब्रेन को तेजी से काम करने की एनर्जी मिलती है और मानसिक थकान कम होती है। इनके अलावा कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स से ब्रेन को एनर्जी मिलती है। साबुत अनाज, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोवा, रोटी, दालें और शकरकंद इसके प्रमुख स्रोत हैं। ये ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन और थकान कम होती है। विटामिंस और मिनरल्स, न्यूरोट्रांसमीटर्स के उत्पादन को बढ़ाने और तनाव को कम करने में मदद करते हैं। केला, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स, हरी सब्जियां, मछली और अंडे इसके प्रमुख स्रोत हैं।
मिडिल एज
मिडिल एज के लोगों को दिमागी कार्यक्षमता, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने वाली डाइट लेनी चाहिए। आमतौर पर टीनएजर्स के लिए यहां जिन चीजों का उल्लेख किया गया है, वे मिडिलएज लोगों और बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद होती हैं। इनके अलावा कुछ ऐसे तत्वों को भी डाइट में शामिल करना चाहिए, जो इस उम्र में ब्रेन की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। जैसे-विटामिन ई। यह बादाम, सूरजमुखी के बीज और हरी सब्जियों में पाया जाता है, जो इस उम्र में न्यूरांस की सुरक्षा करता है। मैग्नीशियम भी फायदेमंद है।
यह काजू, पालक और डार्क चॉकलेट में होता है, जो तनाव को कम करता है। इसके अलावा रोजाना एक मुट्ठी नट्स (बादाम, अखरोट) खाएं। रोजाना भोजन में हल्दी का इस्तेमाल करें, क्योंकि इसमें मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुणों से भरपूर होता है। ग्रीन टी या कॉफी सीमित मात्रा में लें, क्योंकि इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स और कैफीन दिमाग को अलर्ट रखते हैं। संतुलित डाइट के साथ अच्छी नींद और नियमित व्यायाम भी जरूरी है।
ओल्ड एजर्स
बुजुर्गों के लिए ब्रेन की अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए एक संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट बहुत जरूरी है। ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, पालक और ब्रोकली जैसे फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स (विटामिन सी और ई) से भरपूर होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और ब्रेन सेल्स के नुकसान को कम करते हैं। पालक, केला और सरसों के साग में विटामिन के, फोलेट और बीटा-कैरोटीन होता है, जो दिमागी गिरावट को धीमा करने में मदद करता है। ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ और होल व्हीट ब्रेड जैसे साबुत अनाज ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं और दिमाग को लगातार ऊर्जा देते हैं।
अंडे, दाल, बींस और लीन मीट (जैसे चिकन) में प्रोटीन और विटामिन बी12 होता है, जो न्यूरोट्रांसमीटर्स के उत्पादन में मदद करता है। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण ब्रेन की सेहत के लिए अच्छा है। इस उम्र में कार्ब और फैट से दूर रहना चाहिए, ये दोनों तत्व ब्रेन के लिए नुकसानदेह होते हैं। इससे बचने के लिए घी, तेल, मक्खन और मैदे से बनी चीजों से परहेज करें। ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड भी दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है, इसलिए ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए।
प्रस्तुति: विनीता
डाइट सजेशन: डॉ. अदिति शर्मा
कंसल्टेंट डाइटीशियन, नोएडा
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