दिल्ली में इस दिन से शुरू होगी घरों की गिनती, जानें जनगणना के लिए कितने सवाल पूछे जाएंगे
Census in Delhi: भारत में जनगणना 2027 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं. देश के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने जानकारी दी है कि जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल 2027 से शुरू होगा. इस चरण में मकान सूचीकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत घरों, भवनों और परिवारों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी.
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहले चरण में मकानों और आवासीय सुविधाओं की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी. राजधानी दिल्ली में इस प्रक्रिया को अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगी, जबकि MCD के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में यह 16 मई से 15 जून तक जारी रहेगी.
स्व-गणना का नया विकल्प
इस बार जनगणना में नागरिकों को बड़ी सुविधा दी गई है. लोग स्व-गणना (Self-Enumeration) के जरिए खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं. इसके लिए उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके बाद उन्हें 16 अंकों का एक यूनिक कोड मिलेगा.
जब जनगणना अधिकारी घर पर आएगा, तब यह कोड दिखाना होगा, जिससे डिजिटल रूप से भरी गई जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। सत्यापन के दौरान नागरिक आवश्यक सुधार भी कर सकते हैं.
डिजिटल होगी पूरी जनगणना
जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है. इस बार जनगणना कर्मचारी कागज के बजाय मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। यह बदलाव प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक बनाने में मदद करेगा.
पूछे जाएंगे 33 महत्वपूर्ण सवाल
इस अभियान के दौरान परिवारों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इनमें घर के मुखिया की जानकारी, घर की संरचना, स्वामित्व, पीने के पानी का स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय और स्नान की सुविधा, रसोई और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे. इसके अलावा, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या और इस्तेमाल होने वाले ईंधन के बारे में भी जानकारी ली जाएगी.
नियमों का सख्त पालन जरूरी
सरकार ने इस प्रक्रिया को लेकर सख्त नियम भी तय किए हैं. यदि कोई अधिकारी जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित सवाल पूछता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है.
बहरहाल जनगणना 2027 भारत के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी जरूरतों की सटीक तस्वीर सामने लाएगा. डिजिटल तकनीक और स्व-गणना जैसी सुविधाओं के जरिए यह प्रक्रिया पहले से अधिक आधुनिक और आसान बनने जा रही है.
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