CTET Result 2026 OUT: सीटेट 2026 का रिजल्ट जारी, ऐसे करें डाउनलोट
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 का आयोजन 7 और 8 फरवरी को किया गया था, जबकि री-एग्जाम 1 मार्च को हुआ था. इस परीक्षा में लगभग 25 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे और सभी को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था. अब उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है, क्योंकि सीबीएसई (CBSE) ने सीटेट 2026 का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी कर दिया है. उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर या दिए गए डायरेक्ट लिंक के माध्यम से अपना परिणाम आसानी से चेक कर सकते हैं.
क्या ईरान का ये 'पाताल लोक' बन रहा अमेरिका-इजरायल काल? इन तीन गोपनीय जगहों से दुश्मनों का कर रहा शिकार
मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. दोनों ओर से लगातार शांति प्रस्तावों के लिए शर्तें रखी जा रही हैं. लेकिन दोनों ही ओर से एक दूसरे की शर्तों को माना नहीं जा रहा है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयानों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. इस पूरे घटनाक्रम में अब ईरान के तीन गुप्त सैन्य ठिकाने चर्चा के केंद्र में हैं, जिन्हें किसी भी संभावित जमीनी युद्ध में निर्णायक माना जा रहा है.
ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि शांति वार्ता अपने मकसद में सफल नहीं हुई तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतना होंगे. दरअसल ईरान का कथित 'पाताल लोक' इजरायल और अमेरिका के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है. ईरान अपने तीन गोपनीय ठिकानों से इन दोनों देशों या यूं कहें ईरान के दुश्मनों का शिकार कर रहे हैं. आइए जानते हैं कौन से है ये तीन ठिकाने...
1. केश्म द्वीप: रणनीतिक ‘गेटकीपर’
केश्म आइलैंड को ईरान का समुद्री किला कहा जाता है. यह द्वीप Strait of Hormuz के मुहाने पर स्थित है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति गुजरती है. बताया जाता है कि यहां पहाड़ों के नीचे अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों का जाल है, जो सीधे समुद्र की ओर खुलते हैं.
इन ठिकानों पर एंटी-शिप मिसाइलें और ड्रोन तैनात हैं, जो दुश्मन के युद्धपोतों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. इस वजह से केश्म द्वीप को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.
2. खोरगो: बैलिस्टिक ताकत का केंद्र
ईरान का दूसरा अहम ठिकाना खोरगो है, जिसे बैलिस्टिक पावरहाउस कहा जाता है. यहां जमीन के सैकड़ों फीट नीचे मजबूत कंक्रीट संरचनाओं में मिसाइल साइलो मौजूद बताए जाते हैं. इन साइलो से लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है.
यह ठिकाना इतना गहरा और सुरक्षित माना जाता है कि पारंपरिक बंकर-बस्टर हथियारों के लिए भी इसे नष्ट करना आसान नहीं होगा.
3. हाजी अबाद: ‘मिसाइल टनल सिटी’ का रहस्य
तीसरा और सबसे रहस्यमयी ठिकाना हाजी अबाद है, जिसे ‘मिसाइल सिटी’ के नाम से जाना जाता है. यहां पहाड़ों के भीतर लंबी सुरंगों का जाल फैला हुआ है. इन सुरंगों में मोबाइल मिसाइल लॉन्चर तैनात बताए जाते हैं, जो 'शूट एंड स्कूट' रणनीति पर काम करते हैं यानी हमला कर तुरंत स्थान बदल लेना. यह तकनीक दुश्मन के लिए जवाबी कार्रवाई को बेहद मुश्किल बना देती है.
बढ़ते टकराव के बीच परमाणु खतरे की आशंका
इस पूरे टकराव ने एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है. क्या दुनिया परमाणु संकट की ओर बढ़ रही है? ईरान ने अमेरिकी हमलों पर आरोप लगाए हैं, जबकि तेहरान से धमाकों के वीडियो सामने आ रहे हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त चेतावनी दी है. उनका कहना है कि यदि ईरान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो उसके लिए हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं.
वैश्विक संतुलन पर मंडराता खतरा
मध्य-पूर्व में बढ़ती अस्थिरता, ऊर्जा मार्गों पर खतरा और सैन्य तैयारियों में तेजी ये सभी संकेत एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो अन्य देश भी अपनी सुरक्षा के लिए आक्रामक कदम उठा सकते हैं, जिससे वैश्विक संतुलन और कमजोर हो सकता है.
निर्णायक मोड़ पर दुनिया
कुल मिलाकर, ईरान के इन गुप्त ठिकानों और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव ने दुनिया को एक संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है. हर अगला कदम न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकता है. ऐसे में कूटनीति और संतुलन ही इस संकट से बाहर निकलने का सबसे सुरक्षित रास्ता माना जा रहा है.
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