बांग्लादेश में ईंधन संकट गहराया, टैंकर हड़ताल से आठ जिलों में आपूर्ति ठप, परिवहन प्रभावित
ढाका, 30 मार्च (आईएएनएस)। बांग्लादेश में बढ़ते ईंधन संकट के बीच परिवहन व्यवस्था बाधित हो गई है, सख्ती से चलाए जा रहे अभियान और आपूर्ति और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं ने बाजार की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह संकट उस समय और गहरा गया, जब आठ उत्तरी जिलों में टैंकर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस कारण एक प्रमुख डिपो से ईंधन की आपूर्ति बाधित हो गई। दूसरी ओर प्रशासन ने जमाखोरी, अवैध बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार से शुरू हुई हड़ताल के बाद से दिनाजपुर, ठाकुरगांव, पंचागढ़, रंगपुर, निलफामारी, गाइबांधा, कुरिग्राम और लालमोनिरहाट सहित आठ जिलों में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, रंगपुर डिवीजनल टैंकर वर्कर्स यूनियन ने यह हड़ताल निलफामारी में ईंधन चोरी के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी और सजा के विरोध में शुरू की है।
इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र के एक प्रमुख आपूर्ति केंद्र, पार्बतीपुर रेलवे हेड ऑयल डिपो में कामकाज ठप हो गया है और वहां से डीजल, पेट्रोल या ऑक्टेन की निकासी नहीं हो रही है।
यूनियन नेताओं ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई और निलफामारी के नेजरात डिप्टी कलेक्टर (एनडीसी) को हटाने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, हड़ताल जारी रहेगी, जिससे यात्री और माल परिवहन पूरी तरह ठप होने का खतरा बढ़ गया है।
पेट्रोल पंप मालिक संघ ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया है, जबकि विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजशाही जिले में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने जमाखोरी और सीमा पार तस्करी रोकने के लिए तेल डिपो और पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है। तीन प्लाटून को पद्मा, मेघना और जमुना डिपो पर तैनात किया गया है, जबकि 12 पेट्रोल पंपों और सीमावर्ती चार क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
इस बीच, बांग्लादेश सरकार ने अवैध ईंधन जमाखोरी और तस्करी की सूचना देने वालों के लिए अधिकतम एक लाख टका तक का नकद इनाम घोषित किया है।
ऊर्जा और खनिज संसाधन विभाग की इस पहल का उद्देश्य ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में हो रही गड़बड़ियों पर अंकुश लगाना है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “कुछ असामाजिक तत्व बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच ईंधन की जमाखोरी और तस्करी कर रहे हैं। जो लोग सही जानकारी देंगे, उन्हें इनाम दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
श्रीलंका में ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी, बिजली के सीमित उपयोग पर जोर
कोलंबो, 30 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए श्रीलंका पिछले दो-तीन हफ्तों से कई तरह की एडवाइजरी जारी कर रहा है। मकसद सिर्फ एक, कि भविष्य में देश को किसी भी ईंधन या ऊर्जा संकट से न गुजरना पड़े। सोमवार को एक बार फिर नए दिशानिर्देश जारी किए गए, जिसमें बिजली के सीमित उपयोग पर जोर डाला गया है।
जरूरी सेवाओं के कमिश्नर जनरल कार्यालय ने ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें 100 से ज्यादा लोगों के साथ रात भर होने वाले उत्सव और संगीत के शो को नेशनल ग्रिड से बिजली न मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।
गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सरकारी और कानूनी संस्थाओं में दोपहर 3 बजे सभी एयर कंडीशनर बंद करने होंगे। प्राइवेट सेक्टर से भी यही तरीका अपनाने का अनुरोध किया गया है।
कमर्शियल प्रमोशन के लिए अलग-अलग जगहों पर लगाए गए रोशनी वाले एडवरटाइजिंग बोर्ड और स्क्रीन रात 8 बजे के बाद बंद करने का भी निर्देश दिया गया है।
गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि स्थानीय गवर्नमेंट अथॉरिटी को शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच स्ट्रीट लाइट बंद करने के लिए सही प्रोग्राम लागू करने होंगे।
ये गाइडलाइंस सभी मंत्रालयों के सचिव, सभी प्रांतीय प्रमुख सचिव, सभी जिला सचिव और सभी कानूनी संस्थाओं के अध्यक्ष को जारी की गई हैं।
इससे पहले श्रीलंका हफ्ते के मध्य में एक छुट्टी का ऐलान भी कर चुका है। मार्च मध्य में ही बुधवार की छुट्टी का ऐलान किया गया। इसे भविष्य के ईंधन संकट से बचने की कवायद करार दिया गया।
श्रीलंका सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों को हर बुधवार बंद रखने का फैसला किया। यह नियम मार्च 2026 के मध्य से लागू हुआ है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा बचाना और सीमित संसाधनों का प्रबंधन करना है। वहीं, ईंधन की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने क्यूआर-कोड आधारित ईंधन राशनिंग प्रणाली भी लागू की गई थी।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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