CWG 2026 में कल भारतीय खिलाड़ियों ने जीते 3 और पदक, दिलीप को गोल्ड तो श्रीशंकर को मिला सिल्वर
Commonwealth Games 2026 के सातवें दिन भारत की झोली में 3 पदक आए, जिनमें एक स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल थे। भारत के लिए मुरली श्री शंकर ने इतिहास रचा। भारत के पदकों की संख्या 15 हो चुकी है।
Health Insurance Claim Rejection: इन 5 गलतियों की वजह से खारिज हो सकता आपका हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम
Health Insurance Claim Rejection: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना सिर्फ पहला कदम है। असली परीक्षा तब होती है, जब इलाज के लिए पॉलिसी का इस्तेमाल करने और क्लेम लेने की जरूरत पड़ती। कई बार पॉलिसी होने के बावजूद क्लेम का भुगतान नहीं हो पाता। इसकी वजह हमेशा यह नहीं होती कि बीमा कंपनी भुगतान नहीं करना चाहती।
कई मामलों में इलाज पॉलिसी की शर्तों के तहत कवर नहीं होता या पॉलिसी खरीदते समय जरूरी जानकारी सही तरीके से नहीं दी गई होती। ऐसे में कुछ सामान्य गलतियों से बचकर क्लेम रिजेक्शन की आशंका कम की जा सकती।
मेडिकल हिस्ट्री छिपाना
क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजहों में से एक मेडिकल हिस्ट्री की सही जानकारी नहीं देना। कुछ लोग प्रीमियम बढ़ने या पॉलिसी न मिलने के डर से अपनी पुरानी बीमारी या इलाज की जानकारी छिपा लेते। कई बार लोग यह भी सोचते हैं कि कोई बीमारी इतनी अहम नहीं है कि उसका जिक्र किया जाए। लेकिन बाद में बीमा कंपनी को प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज या पुराने इलाज की जानकारी मिलने पर क्लेम खारिज हो सकता। इसलिए पॉलिसी खरीदते समय अपनी मेडिकल हिस्ट्री की सही जानकारी देना हमेशा बेहतर।
वेटिंग पीरियड पूरा होने से पहले क्लेम करना
हेल्थ इंश्योरेंस में कई बीमारियों और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के लिए वेटिंग पीरियड होता। पॉलिसी एक्टिव होने के बावजूद हर बीमारी का इलाज तुरंत कवर नहीं होता। अगर वेटिंग पीरियड पूरा होने से पहले संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
पॉलिसी में शामिल न होने वाले इलाज का खर्च
हर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कुछ एक्सक्लूजन होते हैं। इनमें पॉलिसी के अनुसार कॉस्मेटिक सर्जरी, एक्सपेरिमेंटल ट्रीटमेंट, फर्टिलिटी से जुड़े कुछ इलाज और कुछ गैर-चिकित्सीय खर्च शामिल हो सकते हैं। इसलिए पॉलिसी की एक्सक्लूजन लिस्ट पहले ही पढ़ना जरूरी है।
दस्तावेजों में गलती या कमी
अधूरे क्लेम फॉर्म, गलत जानकारी या जरूरी दस्तावेज समय पर जमा न करने से भी परेशानी हो सकती है। डिस्चार्ज समरी, अस्पताल के बिल, डॉक्टर की पर्ची और डायग्नोस्टिक रिपोर्ट जैसे दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
नेटवर्क अस्पताल और प्री-ऑथराइजेशन की अनदेखी
कैशलेस इलाज के लिए अस्पताल का बीमा कंपनी के नेटवर्क में होना जरूरी हो सकता। कुछ प्रक्रियाओं के लिए इलाज से पहले बीमा कंपनी की मंजूरी भी जरूरी होती है। इन शर्तों को पूरा नहीं करने पर कैशलेस क्लेम में दिक्कत आ सकती है।
अगर क्लेम रिजेक्ट हो जाए और आपको लगे कि फैसला गलत है, तो बीमा कंपनी को लिखित में शिकायत दें और पॉलिसी की शर्तों की दोबारा जांच करें। समाधान न मिलने पर कंपनी के ग्रिवांस रिड्रेसल सेल से संपर्क किया जा सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा तभी सही तरीके से मिलता है, जब पॉलिसी की शर्तों को पहले से समझा जाए, मेडिकल जानकारी ईमानदारी से दी जाए और जरूरी दस्तावेज व्यवस्थित रखे जाएं।
(प्रियंका कुमारी)
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