Delhi-NCR Ka Mausam: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न, तेज हवाओं के साथ कई हिस्सों में बारिश शुरू, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं. दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में दोपहर के वक्त हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे सटे हुए इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट आई है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह बदलाव पाकिस्तान के ऊपर एक्टिव एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से देखने को मिल रहा है, जिसका असर अगले 24 से 48 घंटों तक जारी रह सकता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का दिख रहा है बड़ा असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही इस बात का पूर्वानुमान लगाया था कि 30 मार्च को दिल्ली-NCR के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्सों में मौसम बिगड़ेगा. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर आज पूरे दिन बना रहेगा और कल भी छिटपुट बूंदाबादी देखने को मिल सकती है, जिससे फिलहाल गर्मी के तेवर नरम बने रहेंगे.
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में अलर्ट
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां बारिश हो रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है. कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने 31 मार्च तक भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, जिससे मार्च के अंत में भी लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है.
आम जनजीवन और ट्रैफिक पर प्रभाव
अचानक हुई इस बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली-NCR की सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार भी कुछ धीमी पड़ी है. जलभराव और विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. हालांकि, प्रदूषण के स्तर में इस बारिश की वजह से काफी सुधार देखने को मिला है. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले दो दिनों तक घर से बाहर निकलते वक्त मौसम की अपडेट जरूर लें, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ ओलावृष्टि की भी छिटपुट संभावनाएं बनी हुई हैं. यह मौसम किसानों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि इस वक्त कई फसलें कटाई के दौर में हैं.
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सरकार ने 29 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रस्तावों को दी मंजूरी; 7,104 करोड़ रुपए के निवेश से पैदा होंगी 14,000 से ज्यादा नौकरियां
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 29 नए आवेदनों को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य देश के इलेक्ट्रॉनिक्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, इन नए प्रस्तावों में कुल 7,104 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है।
उन्होंने आगे कहा कि इस नए निवेश से लगभग 14,246 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
कृष्णन ने यह भी कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं से 84,515 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन होगा।
उन्होंने कहा, “इससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी।”
मौजूदा मंजूरी के साथ, इस योजना के तहत स्वीकृत आवेदनों की कुल संख्या अब 75 हो गई है।
वहीं, पिछले वर्ष, शीर्ष अधिकारी ने कहा था कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, जो 2010 से पहले देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 6-7 प्रतिशत थी और 2014 तक दोगुनी हो गई थी, अब समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रही है।
पिछले वर्ष दिसंबर में नागालैंड डिजिटल उद्यमिता और स्टार्टअप महोत्सव को संबोधित करते हुए, कृष्णन ने नागा युवाओं की अपार प्रतिभा, विशेष रूप से उनकी रचनात्मकता और अंग्रेजी भाषा में दक्षता पर प्रकाश डाला और इस क्षमता को पोषित करने में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) जैसे संस्थानों की भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने बताया, “भारत में एनआईईएलआईटी के 55 केंद्रों में से 20 पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित हैं।”
कृष्णन ने कहा, “डिजिटल अर्थव्यवस्था समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रही है।”
साइबर सुरक्षा पर बोलते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में विदेशी तकनीकों पर निर्भर नहीं रह सकता।
उन्होंने एनआईईएलआईटी कोहिमा स्थित साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला को अत्याधुनिक और देश की सर्वश्रेष्ठ प्रयोगशालाओं में से एक बताया, जो साइबर पुलिसिंग में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
--आईएएनएस
एबीएस
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