Sabudana Nuggets: व्रत और स्नैक्स के लिए परफेक्ट डिश है साबूदाना नगेट्स, 10 मिनट में हो जाएगी रेडी!
Sabudana Nuggets: अगर आप रोज-रोज एक जैसे स्नैक्स खाकर बोर हो गए हैं, तो साबूदाना नगेट्स आपके लिए एक शानदार ऑप्शन हो सकता है। बाहर से कुरकुरे और अंदर से सॉफ्ट ये नगेट्स स्वाद में इतने लाजवाब होते हैं कि बच्चे से लेकर बड़े तक हर कोई इन्हें पसंद करता है।
खास बात यह है कि यह रेसिपी व्रत के दौरान भी खाई जा सकती है। कम समय में बनने वाली यह डिश हेल्दी भी है और पेट भरने वाली भी। आइए जानते हैं इसे घर पर आसानी से बनाने का तरीका।
साबूदाना नगेट्स बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप साबूदाना (भीगा हुआ)
- 2 उबले हुए आलू (मैश किए हुए)
- 2 हरी मिर्च (बारीक कटी)
- 1/2 कप मूंगफली (भुनी और दरदरी पिसी)
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- 1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 2 टेबलस्पून हरा धनिया (कटा हुआ)
- तलने के लिए तेल
साबूदाना नगेट्स बनाने का तरीका
साबूदाना नगेट्स बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाना को 4-5 घंटे या रातभर के लिए पानी में भिगो दें, ताकि वह अच्छे से फूल जाए। ध्यान रखें कि साबूदाना ज्यादा गीला न हो, वरना नगेट्स बनाते समय मिश्रण चिपचिपा हो सकता है।
अब एक बड़े बाउल में भीगा हुआ साबूदाना, मैश किए हुए आलू, मूंगफली पाउडर, हरी मिर्च, जीरा, सेंधा नमक और काली मिर्च डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। इसमें हरा धनिया डालकर मिश्रण को थोड़ा सख्त गूंथ लें, ताकि नगेट्स आसानी से शेप ले सकें।
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अब तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे बॉल्स बनाएं और उन्हें हल्का सा दबाकर नगेट्स का आकार दें। आप चाहें तो इन्हें लंबा या गोल किसी भी शेप में बना सकते हैं। ध्यान रखें कि नगेट्स ज्यादा पतले न हों, वरना तलते समय टूट सकते हैं।
अब एक कढ़ाई में तेल गरम करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो मध्यम आंच पर नगेट्स को डालें और सुनहरा व कुरकुरा होने तक तलें।
नगेट्स को एक बार में ज्यादा न डालें, वरना वे आपस में चिपक सकते हैं। तलने के बाद इन्हें टिश्यू पेपर पर निकाल लें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
गरमा-गरम साबूदाना नगेट्स को दही, हरी चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ सर्व करें। यह शाम के स्नैक्स या व्रत के दौरान खाने के लिए एकदम परफेक्ट डिश है।
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लेखक: (कीर्ति)
Tinnitus Signs: कानों में अचानक बजने लगती है सीटी? इस बीमारी का हो सकता है संकेत, हो जाएं सतर्क
Tinnitus Signs: अगर आपके कानों में बिना किसी बाहरी आवाज के अचानक सीटी, घंटी या भनभनाहट जैसी आवाज सुनाई देती है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह समस्या मामूली लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर के अंदर चल रही गंभीर परेशानी का संकेत होती है।
आजकल तेज शोर, हेडफोन का ज्यादा इस्तेमाल और तनाव भरी लाइफस्टाइल के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कानों में बजने वाली यह आवाज एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है, जिसे टिनिटस कहा जाता है।
क्या है टिनिटस?
टिनिटस एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को बिना किसी बाहरी स्रोत के कानों में आवाज सुनाई देती है। यह आवाज सीटी, घंटी, भिनभिनाहट या हवा चलने जैसी हो सकती है। यह समस्या एक कान या दोनों कानों में हो सकती है और कुछ समय के लिए या लंबे समय तक बनी रह सकती है।
किन कारणों से होती है यह समस्या?
तेज आवाज में लंबे समय तक रहना
हेडफोन या ईयरफोन का अधिक इस्तेमाल
कान में मैल (Earwax) जमा होना
उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होना
हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज
मानसिक तनाव और चिंता
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट
कब हो जाएं सतर्क?
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इन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें
लगातार या बार-बार कानों में आवाज आना
सुनने की क्षमता में कमी
चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
सिरदर्द या कान में दर्द
कैसे करें बचाव?
तेज आवाज से दूरी बनाएं
हेडफोन का इस्तेमाल सीमित करें
कानों की नियमित सफाई करें
तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें
हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त पानी पिएं
इलाज क्या है?
टिनिटस का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर दवाइयों, साउंड थेरेपी या काउंसलिंग की मदद से इसे कंट्रोल करने की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में लाइफस्टाइल में बदलाव से भी राहत मिलती है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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