तनाव के बीच ट्रंप का एक और भड़काने वाला बयान सामने आया, कहा-खार्ग द्वीप को अपने पास रखेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर के तनाव के बीच भड़काने वाला बयान दिया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं. इसके साथ ईरान के तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप पर कब्जा करना चाहते हैं. फाइनेंशियल टाइम्स में दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "सच कहूं तो, मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान के तेल पर कब्जा करना है."
ट्रंप ने रविवार को 'फाइनेंशियल टाइम्स' में छपे एक इंटरव्यू में कहा है कि वह 'ईरान का तेल लेना' चाहते हैं. उन्होंने इशारा किया कि अमेरिका तेल निर्यात के मुख्य केंद्र 'खार्ग द्वीप' पर कब्जा जमा सकता है. ट्रंप का यह बयान इस इलाके में बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है. इस तरह के बयान से ट्रंप की मानसिकता सामने आती है. जहां पर वह एक ओर बातचीत का प्रस्ताव रख रहे हैं. वहीं दूसरी ओर ईरान के तेल पर कब्जे की बात खुलमखुला कर रहे हैं. इस इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह की बातचीत जारी है. इसमें पाकिस्तानी 'दूतों' के माध्यम से होने वाली बातचीत भी शामिल है. उन्होंने इन वार्ताओं को बेहतर तरह से आगे बढ़ता हुआ बताया है.
सैन्य कार्रवाई करनी पड़ सकती है
अमेरिकी अधिकारियों की मानें तो ट्रंप ईरान से करीब 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए एक सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं. यह एक जटिल और जोखिम भरा मिशन माना जा रहा है. इसमें अमेरिकी सेना को कई दिनों या उससे अधिक वक्त तक देश के अंदर सैन्य कार्रवाई करनी पड़ सकती है.
अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया है कि इस अभियान का आदेश दिया जाए या नहीं. ट्रंप अमेरिकी सैनिकों को होने वाले खतरे पर विचार कर रहे हैं. हालांकि बिना सैन्य कार्रवाई के जीत पुख्ता होना मुमकिन नहीं है, ऐसे में वह इस फैसले को लेकर पॉजिटिव हैं, क्योंकि इससे अहम टार्गेट हासिल करने में सहायता मिल सकेगी.
पाकिस्तान पर निर्भर अमेरिका
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान, पाकिस्तान के तेल टैंकरों को स्ट्रेट आफ होर्मुज से गुजरने को लेकर सहमत हो गया है. अब इनकी संख्या को दोगुना किया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने मंजूरी दी है. ट्रंप ने कहा, "कल सुबह से होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते हमें तेल से भरे 20 बड़े जहाज मिलने की उम्मीद है."
आसानी से द्वीप पर होगा कब्जा
द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनके पास किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था है. हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्ज़े में ले सकते हैं." रिपोर्ट के तहत, पेंटागन ने जमीन पर कब्जा करने और उसे अपने नियंत्रण में रखने के लिए ट्रेन्ड 10 हजार सैनिकों की तैनाती की है. शुक्रवार को करीब 3,500 सैनिक इस क्षेत्र में पहुंच गए. वहीं 2,200 अन्य मरीन के रास्ते से आए.
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तनाव बढ़ने के बीच ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेत दिए
वॉशिंगटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के हालिया हमलों से ईरान की सेना और नेतृत्व कमजोर हुआ है, जिससे बातचीत तेज हुई है।
ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि ईरान के साथ समझौता हो सकता है और यह जल्द ही हो सकता है।”
उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे और परोक्ष दोनों तरह से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम उनके साथ सीधे भी बात कर रहे हैं और माध्यमों के जरिए भी।”
ट्रंप ने इन बातचीतों को हाल के सैन्य हमलों से जोड़ा और दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “हमने उनके 158 जहाज, पूरी नौसेना, वायुसेना और ज्यादातर मिसाइलों को नष्ट कर दिया।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के बाद ईरान के नेतृत्व में बदलाव आया है। उनके अनुसार, “अब वहां नया नेतृत्व है, जो पहले से ज्यादा समझदारी से व्यवहार कर रहा है।”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका की कई शर्तों को मान लिया है। उन्होंने कहा, “हमने उनसे 15 मांगें रखी थीं और ज्यादातर बातों पर वे सहमत हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को तेल देकर सद्भाव दिखाया है। “उन्होंने हमें तेल से भरे कई बड़े जहाज दिए हैं और आज भी 20 और जहाज देने की बात कही है, जिनकी आपूर्ति कल से शुरू होगी।”
हालांकि, ट्रंप ने माना कि अभी अंतिम समझौते को लेकर पूरी तरह निश्चितता नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि समझौता हो जाएगा, लेकिन यह भी संभव है कि न हो।”
अमेरिकी सैनिक भेजने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प हैं। “हमारे पास वहां काफी सैन्य ताकत मौजूद है और हमारे पास कई विकल्प हैं।”
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उन्होंने सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो, क्योंकि अगर उनके पास यह होगा तो वे इसका तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।”
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “उन्हें परमाणु हथियार छोड़ने होंगे, तभी वे फिर से एक मजबूत देश बन सकते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनका देश भी खतरे में पड़ सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के कई देश अब अमेरिका के साथ खड़े हैं। सऊदी अरब, कतर और यूएई सभी जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं और वे पूरी तरह हमारे साथ हैं।
--आईएएनएस
एएस/
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